प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी का काउंटडाउन शुरू, वरिष्ठ और युवाओं का होगा तालमेल

प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी का काउंटडाउन शुरू, वरिष्ठ और युवाओं का होगा तालमेल

प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी का काउंटडाउन शुरू, वरिष्ठ और युवाओं का होगा तालमेल

जयपुर: पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के दिल्ली दौर के बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी का काउंट डाउन शुरू हो गया है. दिसंबर में ही डोटासरा टीम आने की उम्मीद है. प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अजय माकन से दिल्ली में डोटासरा ने मुलाकात की. माकन 25 दिसंबर से कोटा संभाग के दौरा पर जा सकते हैं. दिल्ली में अजय माकन और गोविन्द सिंह डोटासरा के बीच कई मुद्दों पर मंथन हुआ. माना जा रहा पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट से भी माकन की बातचीत हुई. तय हुआ कि कार्यकारिणी में वरिष्ठ और युवाओं का तालमेल होगा. 

डोटासरा के दिल्ली दौरे ने सियासी गलियारों में गर्माहट पैदा कर दी:  
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष व शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा के दिल्ली दौरे ने सियासी गलियारों में गर्माहट पैदा कर दी है. डोटासरा की अजय माकन से मुलाकात के दौरान पीसीसी की कार्यकारिणी, संभाग के दौरे, जनहित के मुद्दे व नगर निकायों के चुनाव परिणाम को लेकर चर्चा हुई. इस दौरान नई कार्यकारिणी को लेकर विस्तार से चर्चा की. इस दौरान तय हुआ कि कार्यकारणी में युवाओं के साथ वरिष्ठों को शामिल किया जाएगा ताकि समन्वय बना रहे.माकन के प्रदेश दौरे को लेकर जारी अटकलों के बीच पीसीसी चीफ़ ने उनकी दौरे से जुड़ी तैयारियों को तेज कर दिया. उधर टीम को लेकर पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा इस महीने के आखिर तक वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर प्रदेश कार्यकारिणी के नाम आलाकमान को दिए जाएंगे. जनवरी महीने में नव गठित प्रदेश कार्यकारिणी की विशेष बैठक बुलाई जाएगी. इसमें जनहित से जुड़े कई प्रस्तावों पर मुहर लगने की संभावना है. 

पायलट ने अपनी और से 30 नाम सुझाए: 
कहा जा रहा कि पूर्व उप मुख्य मंत्री सचिन पायलट ने अपनी और से 30 नाम सुझाए है . अजय माकन को उन्होंने नाम सुझाए है. सचिन पायलट चाहते हैं कि बरसों तक जिस पीसीसी के वो अध्यक्ष रहे उसमे उनकी भागीदारी रहे और समर्थक प्रमुख पदों पर काबिज रहे.  

राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बेहतर तरीके से काम कर रही:
माकन ने निकाय चुनाव परिणामों को लेकर कांग्रेस सत्ता संगठन को बधाई दी है. पीसीसी चीफ डोटासरा ने कहां कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मेहनत के दम पर राजस्थान में जहां शहरों में भाजपा का कब्जा रहता था वह इस चुनाव में पूरी तरह सूपड़ा साफ हो गया है. इससे निश्चित तौर पर साबित हो रहा है कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बेहतर तरीके से काम कर रही है. कोरोनाकाल में भाजपा जहां सरकार गिराने की साजिश में लगी रही. वहीं कांग्रेस सरकार कोरोना प्रबंधन व आमजन की जान बचाने के इंतजाम करने में जुटी रही. इसी का नतीजा है कि प्रदेश की जनता का कांग्रेस को पूरा प्यार और स्नेह मिल रहा है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए योगेश शर्मा की रिपोर्ट

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