नई दिल्ली Lakhimpur Kheri violence: सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को गवाहों को संरक्षण प्रदान करने का दिया निर्देश

Lakhimpur Kheri violence: सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को गवाहों को संरक्षण प्रदान करने का दिया निर्देश

Lakhimpur Kheri violence: सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को गवाहों को संरक्षण प्रदान करने का दिया निर्देश

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के गवाहों को संरक्षण प्रदान करने का मंगलवार को निर्देश दिया. इस हिंसा में चार किसानों सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी. प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण, न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को मामले के अन्य गवाहों के बयान दण्ड प्रक्रिया संहिता (CRPC)  की धारा 164 के तहत दर्ज करने का भी निर्देश दिया. 

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे और गरिमा प्रसाद अदालत में पेश हुए. पीठ ने कहा कि हम संबंधित जिला न्यायाधीश को सीआरपीसी की धारा 164 के तहत साक्ष्य दर्ज करने का कार्य निकटतम न्यायिक मजिस्ट्रेट को सौंपने का निर्देश देते हैं. पीठ ने साल्वे से कहा कि वह ‘इलेक्ट्रॉनिक’ साक्ष्य की रिपोर्ट तैयार करने के संबंध में उसकी चिंताओं से ‘फॉरेंसिक’ प्रयोगशालाओं को अवगत कराएं. इस बीच, शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को पत्रकार की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले से जुड़ी दो शिकायतों के संबंध में रिपोर्ट दाखिल करने को निर्देश दिया. 

पीठ ने कहा कि राज्य को इन मामलों में अलग-अलग जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया जाता है. न्यायालय ने इस मामले में अब आठ नवंबर को आगे सुनवाई करेगा. उच्चतम न्यायालय ने 20 अक्टूबर को कहा था कि लखीमपुर खीरी हिंसा की जांच एक अंतहीन कहानी नहीं होनी चाहिए.  साथ ही, उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि न्यायालय को ऐसा लग रहा है कि राज्य पुलिस धीमी गति से काम कर रही है. गवाहों को संरक्षण प्रदान करने का निर्देश भी दिया था.सोर्स-भाषा

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