पिछले एक साल से चल रहे गाय के मालिकाना हक को लेकर कोर्ट ने सुनाया फैसला

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/15 04:28

जोधपुर: अदालत में पिछले एक साल से चल रहे अनोखे मुकदमे का आज महानगर मजिस्ट्रेट संख्या तीन ने निस्तारित करते हुए गाय के मालिकाना हक को लेकर अपना फैसला सुना दिया है. महानगर मजिस्ट्रेट संख्या तीन मदनलाल बलोटिया ने प्रार्थी कांस्टेबल ओमप्रकाश के हक में फैसला देते हुए उसे ही गाय का मालिक माना है. वहीं दूसरा पक्ष श्यामलाल ने फैसले के बाद कहा कि उसे न्याय की पूरी उम्मीद थी लेकिन अब उपरी अदालत में फैसले के खिलाफ अपील करेगा. 

गाय के मालिकाना हक को लेकर पिछले एक साल से चल रहा विवाद
गाय के मालिकाना हक को लेकर पिछले एक साल से कांस्टेबल ओमप्रकाश व पक्षकार श्यामलाल अध्यापक के बीच विवाद चल रहा है. दोनों ही पक्ष गाय पर अपना हक जता रहे थे. विवाद इतना बढ़ गया कि मंडोर थाने में मुकदमा दर्ज होने के साथ ही गाय के मालिकाना हक को तय करने के लिए फाइल कोर्ट तक पहुच गई. कोर्ट ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धान्त को अपनाते हुए निष्पक्ष रूप से दोनों पक्षों के गवाहों को सुनने के साथ ही मामले में कोर्ट कमिश्नर राजकुमार चौहान की रिपोर्ट देखने के बाद आज आखिरकार इस मामले का निस्तारण करते हुए अपना फैसला सुना दिया है. अप्रार्थी अध्यापक श्याम लाल ने इस फैसले को लेकर कहा कि उसे न्याय की उम्मीद थी लेकिन फैसला उसके खिलाफ गया है. वो अब न्याय की लड़ाई को लड़ेगा और उपरी अदालत में अपील पेश करेगा लेकिन अपनी गाय को लेकर रहेगा. 

अपने पक्ष में फैसला आने पर बताया न्याय की जीत
वहीं पक्षकार ओमप्रकाश के हक में फैसला होने से उसके अधिवक्ता रमेश विश्नोई व पक्षकार दोनो खुश थे और कहा कि न्याय की जीत हुई है. उनको पूरी उम्मीद थी कि फैसला उनके हक में होगा क्योकि कोर्ट कमिश्नर ने जब गाय को खुला छोड़ा था तो उनके घर के सामने ही गाय आकर खड़ी हो गई थी आज न्याय की जीत हुई है. 

...राकेश भारद्वाज फर्स्ट इंडिया न्यूज जोधपुर 

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