नई दिल्ली कोविड-19 संकट के बीच अमेरिका, ब्रिटेन, यूएई से भारत पहुंची चिकित्सा सहायता की खेप

कोविड-19 संकट के बीच अमेरिका, ब्रिटेन, यूएई से भारत पहुंची चिकित्सा सहायता की खेप

कोविड-19 संकट के बीच अमेरिका, ब्रिटेन, यूएई से भारत पहुंची चिकित्सा सहायता की खेप

नई दिल्ली: भारत के अनेक हिस्सों के कोविड-19 की दूसरी लहर से गंभीर रूप से प्रभावित होने के बीच अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन जैसे देशों से चिकित्सा सहायता के रूप तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन, ऑक्सीजन सिलिंडर, ऑक्सीजन सांद्रक आदि आने का सिलसिला जारी है.

मदद करने के लिए भारत ने सभी देशों का जताया आभारः
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया कि हमारे समग्र सामरिक साझीदारी को और मजबूत बनाते हुए. 20 मीट्रिक टन तरल चिकित्सा ऑक्सीजन (एलएमओ) सहित 7 आईएसओ टैंकर मुद्रा बंदरगाह (भारत) पहुंचे. यूएई के सहयोग को काफी महत्व देते हैं. हमें ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी. एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि महामारी के खिलाफ लड़ाई में भारत और ब्रिटेन के गठजोड़ की क्षमता को प्रदर्शित करते हुए. भारतीय वायु सेना के विमान से 450 ऑक्सीजन सिलिंडर चेन्नई पहुंचा. ब्रिटेन के समर्थन के आभारी हैं. बागची ने कहा कि अमेरिका से चिकित्सा उपकरणों की पांचवीं खेप पहुंची. इसमें 545 ऑक्सीजन सांद्रक हैं. अमेरिका के समर्थन की सराहना करते हैं.

भारत में कोविड-19 संक्रमण के एक दिन में 3,57,229 नए मामलेः
गौरतलब है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि भारत में कोविड-19 संक्रमण के एक दिन में 3,57,229 नए मामले सामने आए हैं जिसमें से 71.71 प्रतिशत मामले महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश समेत 10 राज्यों के हैं. भारत में लोगों के संक्रमित होने की दर 21.47 प्रतिशत है.

डेनमार्क, स्पेन और नीदरलैंड ने भी की भारत की सहायता की घोषणाः
इससे पहले, इटली ने सोमवार को विशेषज्ञों का एक दल एवं चिकित्सा उपकरणों को भारत भेजा जबकि ब्रिटेन ने चिकित्सा सहायता की चौथी खेप के तहत 60 वेंटिलेटर भेजे थे. भारत कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा है. यूरोपीय संघ ने डेनमार्क, स्पेन और नीदरलैंड द्वारा भारत के लिए अतिरिक्त चिकित्सा सहायता की अलग से घोषणा की.
सोर्स भाषा

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