Covid-19: कोरोना से हरियाणा में भी स्थिति भयावह, 24 घंटे में 34 की मौत, राजस्थान ने रोकी भिवाड़ी से हो रही ऑक्सीजन सप्लाई

Covid-19: कोरोना से हरियाणा में भी स्थिति भयावह, 24 घंटे में 34 की मौत, राजस्थान ने रोकी भिवाड़ी से हो रही ऑक्सीजन सप्लाई

Covid-19: कोरोना से हरियाणा में भी स्थिति भयावह, 24 घंटे में 34 की मौत, राजस्थान ने रोकी भिवाड़ी से हो रही ऑक्सीजन सप्लाई

चण्डीगढ़: देशभर में तो कोरोना ने अपना कहर बरपा ही रखा है. वही पर इस से हरियाणा भी अछुता नही रहा है. यहां पर भी कोरोना के कारण हालात खराब हो रहे है. प्रदेश में कोरोना संकट का खतरनाक दौर (Dangerous Period of Corona Crisis) शुरू हो गया है. शनिवार को 232 स्टूडेंट्स समेत 7609 नए मरीज मिले. 34 ने दम तोड़ दिया. मौतों का आंकड़ा नए पीक की ओर बढ़ रहा है. 9 दिन में मौतों की संख्या रोजाना औसतन 17% बढ़ी है. गंभीर मरीज औसतन 8.7% बढ़े. अभी 500 मरीजों की हालत गंभीर है.

अस्पतालों में बेड फुल होने लगे:
94 मरीज वेंटिलेटर व 406 ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं. संक्रमितों की संख्या बढ़ने से कई अस्पतालों में बेड फुल होने लगे हैं. अग्रोहा मेडिकल में बेड न मिलने पर रोहतक पीजीआई रेफर की गई जींद की महिला की रास्ते में मौत हो गई. अग्रोहा में कोरोना मरीजों के लिए 65 बेड हैं। मरीज 72 हैं. वहीं, रेवाड़ी में ऑक्सीजन बेड फुल हो चुके हैं.

भिवाड़ी की निजी कंपनी ने ऑक्सीजन की सप्लाई रोकी:
राजस्थान सरकार के निर्देश पर भिवाड़ी की निजी कंपनी ने ऑक्सीजन सप्लाई रोक दी है. हालात काबू करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज (Health Minister Anil Vij) की अध्यक्षता में हाई लेवल कमेटी गठित (High Level Committee Constituted) की गई है. इसकी मीटिंग सोमवार को होगी. उधर, हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस (Chief ustice of High Court) समेत 3 जज संक्रमित मिले हैं. हाईकोर्ट में फिजिकल सुनवाई पर रोक लगा दी गई है.

लोग PGI और मेदांता में ही होना चाह रहे है भर्ती:
सक्रिय मरीज बढ़कर 39,468 (11.24%) हो गए हैं. रिकवरी दर गिरकर 87.77% पर आ गई है. कई अस्पतालों में बेड कम पड़ने लगे हैं. हालांकि, मंत्री से लेकर अधिकारियों तक का दावा है कि कुछ लोग PGI (Postgraduate Institute of Medical Education and Research) व मेदांता (Medanta) में ही भर्ती होना चाहते हैं. उन्हें दूसरे अस्पतालों में भर्ती हो जाना चाहिए. अभी करीब 70% मरीज होम आइसोलट हैं. ऐसे में 11,800 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं. अधिकारियों का कहना है कि ऑक्सीजन बेड 6500 से बढ़ाकर 6937 किए हैं. 1079 वेंटिलेटर हैं. कुल 56,635 आइसोलेशन बेड हैं.

पीजीआई रोहतक के ट्रॉमा सेंटर में सभी रिजर्व बेड फुल:
पीजीआई रोहतक के ट्रॉमा सेंटर में कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व बेड फुल हो चुके हैं. एक-एक बेड पर दो-दो मरीजों का इलाज चल रहा है. स्ट्रेचर तक पर ऑक्सीजन मास्क लगाए मरीज बेड खाली होने का इंतजार कर रहे हैं. अब साइक्रेट्री विभाग Psychiatry Department में भी कोरोना मरीजों के लिए 40 बेड लगाए जा रहे हैं. पीजीआई की मेडिकल सुपरिटेंडेंट (Medical superintendent) डॉ. पुष्पा दहिया ने कहा कि अचानक केस बढ़ने से परेशानी हुई है. उधर, शनिवार को पीजीआई में 67 हेल्थवर्कर्स भी संक्रमित मिले हैं.

ऑक्सीजन की खपत हफ्ते में दोगुनी, 2 दिन का ही स्टॉक बचा:
भिवाड़ी की एक निजी कंपनी ने रेवाड़ी में ऑक्सीजन गैस की सप्लाई रोक दी है. गैस सप्लायर वेद प्रकाश अग्रवाल का कहना है कि रेवाड़ी के अस्पतालों के लिए सप्ताहभर पहले तक हर रोज 100 ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत पड़ रही थी, जो अचानक बढ़कर 180 से 200 पहुंच चुकी है. मौजूदा स्टॉक (Current stock) अधिकतम 2 दिन काम चला सकता है. सप्लाई शुरू नहीं हुई तो अस्पतालों में ऑक्सीजन संकट (Oxygen crisis in hospitals)  हो जाएगा. स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी भिवाड़ी कंपनी को पत्र लिखकर ऑक्सीजन उपलब्ध कराने का आग्रह किया है.

और पढ़ें