Covid Second Wave: संभागीय आयुक्त दिनेश यादव की मेहनत लाई रंग, देखिए ये खास रिपोर्ट

Covid Second Wave: संभागीय आयुक्त दिनेश यादव की मेहनत लाई रंग, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: प्रदेश में कोरोना  की दूसरी लहर का सबसे अधिक असर जयपुर संभाग में हुआ.जयपुर संभाग में प्रदेश के अन्य संभागों के मुकाबले सबसे अधिक कोरोना के पॉजिटिव मरीज मिले, लेकिन संभागीय आयुक्त दिनेश यादव की मॉनिटरिंग और मेहनत से जयपुर संभाग ने सही समय पर कोरोना की दूसरी लहर पर काबू किया है. जयपुर के संभागीय आयुक्त दिनेश यादव ने 21 अप्रैल को संभागीय आयुक्त पद की जिम्मेदारी संभाली थी,उन्होंने जब इस पद पर ज्वाइन किया उस समय कोरोना की दूसरी लहर पीक पर थी और जयपुर संभाग इससे सबसे अधिक प्रभावित था.ऐसे में संभागीय आयुक्त की जिम्मेदारी संभालने के बाद यादव ने पहला फोकस कोरोना कन्ट्रोल पर ही किया.

अलवर और सीकर जिले पर किया फोकस:
जयपुर संभाग में जयपुर शहर और जयपुर जिला सबसे अधिक कोरोना से प्रभावित था,लेकिन क्योंकि जयपुर में सरकार ने कोरोना कन्ट्रोल करने के लिए कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदारी दे रखी थी. ऐसे में दिनेश यादव ने अपना फोकस अलवर और सीकर जिले पर किया. यह दोनों जिले जयपुर के बाद कोरोना से अधिक प्रभावित थे. संभागीय आयुक्त ने सम्भाग के सभी जिलों में ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर पहला प्रयास किया जो सफल रहा. कलक्टरों और चिकित्सा अधिकरियो से लगातार बात कर यादव ने ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर ऐसा मैनेजमेंट किया कि बड़ी संख्या में कोरोना के मरीज आने के बाद भी अलवर, सीकर,दौसा और झुंझुनूं के ऑक्सीजन की कमी से किसी मरीज की मौत नहीं हुई.इन सभी जिलों में रेमडीसीवीर इंजेक्शन की किल्लत नहीं हो इसके लिए संभागीय आयुक्त के निर्देशों के बाद यह सुनिश्चित किया गया कि सिर्फ आवश्यक मरीजों को यह यह इंजेक्शन मिले. बेवजह इंजेक्शन की डिमांड के कारण पैनिक नहीं हो इसके लिए यादव ने खुद डॉक्टर्स से बात की.

जिला मुख्यालय से लेकर उपखंड मुख्यालयों तक का किया दौरा: 
संभागीय आयुक्त यादव ने फील्ड में वास्तविक स्तिथि जानने के लिए कई बार जिला मुख्यालय से लेकर उपखंड मुख्यालयों तक का दौरा किया. कोरोना के मरीजों को जरूरत के समय ऑक्सीजन. बैड मिल सकें इसके लिए भी यादव ने लगातार निजी अस्पतालों के संचालकों के साथ बैठक की.संभागीय आयुक्त दिनेश यादव ने बताया जयपुर संभाग में सबसे पहले छोटे-छोटे कस्बों में कोरोना पॉजिटिव मरीजों के बेहतर इलाज के लिए कोरोना केयर सेंटर तैयार कराए गए.कोविड केयर सेंटरों में ही लोगों को आवश्यक इलाज मिल सके इसके लिए खुद यादव ने दर्जन भर से अधिक कोविड केयर सेंटरों का दौरा कर व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली. संभागीय आयुक्त दिनेश यादव के प्रशासनिक अनुभव का लाभ भी जयपुर संभाग के सभी जिला कलेक्टरों को मिला.जयपुर संभाग के कई जिलों में बाकी जिलों के मुकाबले को रोमांचक मरीज अधिक होने के बावजूद दूसरे जिलों की तुलना में कम ऑक्सीजन की ही जरूरत पड़ी. कोरोना की दूसरी लहर को कंट्रोल करने में लॉक डाउन का प्रयोग भी पूरी तरह से सफल रहा था.ऐसे में जयपुर संभाग के सभी जिलों में लॉकडाउन की पूरी तरह से पालना हो इसके लिए दिनेश यादव ने समय-समय पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर लॉक डाउन की पालना कराने के निर्देश दिए खुद यादव ने कई जिलों में जाकर लॉकडाउन का जायजा भी लिया.

आवश्यक कार्य भी भी होते रहे निरंतर:
कोरोना की दूसरी लहर में तमाम तैयारियों और इंतजामों में व्यस्त रहने के बाद भी संभागीय आयुक्त दिनेश यादव ने यह कोशिश की कि स्वास्थ्य सुविधाओं के अलावा लोगों की बाकी मूलभूत सुविधाओं जैसे पानी बिजली की आपूर्ति में भी कोई परेशानी ना हो.कोरोना की दूसरी लहर में संभागीय आयुक्त कार्यालय से जुड़े आवश्यक कार्य भी भी निरंतर होते रहे. संभावित कोरोना की  तीसरी लहर को रोकने के लिए यादव ने अब जयपुर संभाग में स्वास्थ्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर फोकस किया है. 

बच्चों के वार्ड ऑक्सीजन बेड समेत तैयार करने के दिए निर्देश:
संभागीय आयुक्त दिनेश यादव ने बताया कि संभाग के सभी जिलों में बड़े अस्पतालों समेत छोटे अस्पतालों में भी बच्चों के वार्ड ऑक्सीजन बेड समेत तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही शिशु रोग विशेषज्ञों के अलावा बाकी डॉक्टरों को भी बच्चों के डॉक्टरों के साथ ट्रेनिंग देने का कार्यक्रम चलाया जा रहा है जिससे आवश्यकता होने पर यह डॉक्टर भी बच्चों के इलाज में अपना योगदान दे सकें. संभाग के सभी अस्पतालों को ऑक्सीजन के लिए आत्मनिर्भर बनाने का काम भी जारी है इसके लिए भामाशाह समेत अन्य लोगों की मदद भी ली जा रही है. कोरोना के संकट से उबरने के बाद अब यादव ने कलक्टरों समेत संभागीय आयुक्त में लंबित पड़े राजस्व मामलों को निपटाने पर भी फोकस किया है.जल्दी सभी कलेक्टरों समेत संभागीय कार्यालयों में राजस्व मामलों को निपटाने के लिए विशेष अभियान चलाने की तैयारी भी की जा रही है. परेशान लोगों की समस्याएं संभागीय आयुक्त तक पहुंच सकें इसके लिए संभागीय आयुक्त जल्द ही रात्रि चौपाल कार्यक्रम भी शुरू करेंगे जिसके तहत संभागीय आयुक्त हर पंचायत समिति मुख्यालय पर जाकर लोगों से मुलाकात करेंगे और कोशिश करेंगे कि उनकी परेशानियों का मौके पर ही समाधान किया जाए. 

जयपुर नगर निगम हेरिटेज ने एक प्लान किया तैयार:
जमीन और रास्तों से जुड़े विवादों को भी संभागीय आयुक्त ने बरसात के मौसम से पहले निपटाने के निर्देश सभी कलेक्टरों को दिए हैं. यादव ने बताया कि बरसात के मौसम से पहले क्योंकि खेत खाली होते हैं ऐसे में यह समय ऐसी समस्याओं को हल करने के लिए सही है. जयपुर शहर में सर्किट हाउस के पास बरसात के मौसम में होने वाली जलभराव की समस्याओं को समाधान करने के लिए भी यादव ने पहल की है. यादव के निर्देशों के बाद जयपुर नगर निगम हेरिटेज ने एक  प्लान तैयार किया है. जिसके तहत सर्किट हाउस से लेकर करतारपुरा तक एक नाला बनाया जाएगा जिससे इस पानी को करतारपुरा नाले में डाइवर्ट किया जा सके.फंड की समस्या के कारण संभागीय आयुक्त ने जेडीए को इस प्रोजेक्ट पर काम करने के निर्देश दिए हैं.

...फर्स्ट इंडिया के लिए शिवेंद्र सिंह परमार की रिपोर्ट

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