क्रिकेट की लंच पॉलिटिक्स, वैभव गहलोत ने आंकी अपनी ताकत

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/09/16 08:52

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को आरसीए का अध्यक्ष बनाने के लिए सीपी समर्थक जिला संघ अब एक्टिव मोड में आ गए हैं. सीपी जोशी, महेश जोशी और संयम लोढ़ा ने यह कमान संभाल ली है. 

बैठक आयोजित कर अपनी ताकत को आंका: 
सीपी समर्थक जिला संघों ने रविवार को वैभव के स्वागत कार्यक्रम के बहाने एक बैठक आयोजित कर अपनी ताकत को आंका. सीपी समर्थकों ने 15-16 जिला संघों के इकट्ठा होने का दावा किया. इस बैठक में विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी मुख्य सचेतक डॉ महेश जोशी और सिरोही से निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा के अलावा भीलवाड़ा से लोकसभा में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे रामपाल शर्मा मौजूद थे. सबसे अधिक नजर भाजपा नेता अमीन पठान पर रही. हज कमेटी के चेयरमैन रहे कोटा के भाजपा नेता अमीन पठान भी वैभव गहलोत के समर्थन में खड़े हो गए हैं. अमीन का नाम हालांकि विवादित क्रिकेट लीग से भी जुड़ा रहा है. बड़ा आश्चर्य इस बात को लेकर जरूर था कि सीपी जोशी गुट के चार अहम जिला संघ करौली, बीकानेर, सीकर व जयपुर के सचिव मीटिंग में नहीं आए. 

मीडिया से बैठक को गुप्त रखने के लिए जगह बदली: 
इस बैठक के लिए पिछले 2 दिन से ही फोन किए जा रहे थे और जिला संघों को शामिल होने के लिए कहा गया था. बैठक का स्थान पहले आरसीए अकेडमी तय किया गया था लेकिन मीडिया से बैठक को गुप्त रखने के लिए अचानक जगह को बदला गया. फिर बैठक महेश जोशी के बेटे रोहित जोशी के सी स्कीम स्थित रेस्टोरेंट में की गई जहां लंच के साथ क्रिकेट पॉलिटिक्स पर चर्चा हुई और वैभव गहलोत का राजसमंद जिला संघ का कोषाध्यक्ष बनने पर स्वागत भी किया गया. खुद वैभव गहलोत डेढ़ घंटे यहां मौजूद रहे और उनके नजदीकी मित्र राजीव खन्ना भी साथ थे. पहली बार जिला क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों से रूबरू होते हुए वैभव गहलोत ने कहा कि मैं अब क्रिकेट के इस परिवार से जुड़ गया हूं और सभी के साथ मिलकर काम करूंगा. 

चुनाव तारीख को लेकर अभी भी असमंजस: 
इस बीच rca की 2 चुनाव तारीख को लेकर अभी भी असमंजस कायम है. हालांकि  सीओए और चुनाव अधिकारी  कृष्णमूर्ति स्पष्ट कर चुके हैं कि 27 सितंबर को ही चुनाव होंगे, लेकिन सीपी जोशी गुट भी 4 अक्टूबर को चुनाव कराने पर आमादा है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि वैभव गहलोत कौन से चुनाव में हिस्सा लेंगे, क्योंकि 4 अक्टूबर को जो चुनाव प्रस्तावित किए गए हैं उनको बीसीसीआई की मान्यता नहीं है. 

मोदी गुट के जिला संघों ने रखी बैठक पर नजरें: 
इस बीच मोदी गुट के जिला सचिव भी रविवार को दिनभर सक्रिय रहे और छोटी-छोटी बैठकर कर कर रणनीति बनाते रहे. मोदी गुट के जिला संघों की नजरें इस बात पर भी टिकी थी कि वैभव गहलोत के समर्थन में हुई बैठक में कितने जिला सचिव मौजूद रहे.  दोनों ही गुट अलग-अलग संख्या का दावा कर रहे थे. 


 

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