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जेएनयू हिंसा: अक्षत, रोहित और चुनचुन से पूछताछ करेगी क्राइम ब्रांच की टीम

जेएनयू हिंसा: अक्षत, रोहित और चुनचुन से पूछताछ करेगी क्राइम ब्रांच की टीम

नई दिल्ली: जेएनयू हिंसा मामले को लेकर फिलहाल जांच चल रही है. दिल्ली पुलिस के अनुसार क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम ने अक्षत, रोहित और चुनचुन को जेएनयू हिंसा मामले में अपने बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है. अक्षत और रोहित को पहले भी दो बार तलब किया जा चुका है, लेकिन वे एसआईटी के सामने पेश नहीं हुए थे. 

दरअसल दिल्ली पुलिस ने अपनी जांच के बाद संदिग्धों की लिस्ट तैयार की थी. चुनचुन कुमार और डोलन सामंत के अलावा अक्षत अवस्थी, रोहित शाह और कोमल शर्मा का भी नाम शामिल है. बता दें कि इससे पहले मामले की बारीकी से जांच करने के लिए एफएसएल की टीम कल जेएनयू परिसर में पहुंची. सर्वर रूम से डेटा प्राप्त करने के लिए पहुंची फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) की एक टीम द्वारा जेएनयू कैंपस के ऐडमिन ब्लॉक में डोलन सामंता से पूछताछ की गई. 

जेएनयू हिंसा: एफएसएल टीम कैंपस के ऐडमिन ब्लॉक में डोलन सामंता से कर रही पूछताछ

जेएनयू हिंसा मामले को लेकर घबराईं कोमल शर्मा, एनसीडब्ल्यू से लगाई गुहार 
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सरकार ने संसद में दी जानकारी- तबलीगी जमात के कार्यक्रम की वजह से कई व्यक्तियों में फैला कोरोना

सरकार ने संसद में दी जानकारी- तबलीगी जमात के कार्यक्रम की वजह से कई व्यक्तियों में फैला कोरोना

नई दिल्ली: कोरोनावायरस महामारी जब देश में फैलना शुरू हुई तो इसके पीछे बड़ा कारण तबलीगी जमात को बताया गया. आज देश की संसद में भी इसी मामले को लेकर सवाल किया गया तो गृह मंत्रालय ने अपना जवाब दिया. गृह मंत्रालय ने कहा है कि कोरोना फैलने के बाद विभिन्न अधिकारियों द्वारा जारी किए गए आदेश के बावजूद मार्च में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में भारी भीड़ लंबी अवधि तक एक परिसर में एकत्र रही, जिससे कई व्यक्तियों में संक्रमण फैल गया. 

क्या कोरोना वायरस फैलने के पीछे मुख्य कारण तबलीगी जमात है? 
तबलीगी जमात के मसले पर राज्यसभा में सांसद अनिल देसाई ने सवाल करते हुए पूछा कि क्या ये तथ्य है कि दिल्ली और अन्य राज्यों में कोरोना वायरस फैलने के पीछे मुख्य कारण तबलीगी जमात है? दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तब कितने लोग इकट्ठे हुए थे? अभी तक तबलीगी जमात के कितने लोग गिरफ्तार हुए और मौलाना साद का क्या स्टेटस है? अगर मौलाना साद गिरफ्तार हुआ है तो अबतक क्या एक्शन हुआ है?

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भीड़ लंबी अवधि के लिए बंद परिसर में इकट्ठा हुई:
सांसद के इन सवालों पर गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने लिखित में जवाब दिया. उन्होंने कहा कि जैसा कि दिल्ली पुलिस ने बताया कि कोरोना महामारी के मद्देनजर विभिन्न प्राधिकरणों द्वारा निर्देश जारी करने के बावजूद बिना मास्क, सैनिटाइजर और सामाजिक दूरी का पालन किए भीड़ लंबी अवधि के लिए बंद परिसर में इकट्ठा हुई. इसके कारण कई व्यक्तियों में कोरोना का संक्रमण फैल गया.

पुलिस ने निजामुद्दीन इलाके से 233 लोगों को गिरफ्तार किया:
जवाब में कहा गया है कि 29 मार्च तक दिल्ली पुलिस ने निजामुद्दीन इलाके से कुल 2361 लोगों को निकाला था. इनमें से 233 लोगों को गिरफ्तार किया गया था.  हालांकि, मौलाना साद को लेकर अभी भी जांच चल रही है. इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने 36 देशों के 956 विदेशी नागरिकों के खिलाफ अब तक 59 आरोपपत्र दायर किए हैं. केंद्र सरकार ने जमात में हिस्सा लेने आए विदेशी नागरिकों का वीजा रद्द कर दिया है और उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया है. 


 

कृषि मंडियों में जैसे काम पहले होता था, वैसे ही अब भी होगा - PM मोदी

कृषि मंडियों में जैसे काम पहले होता था, वैसे ही अब भी होगा - PM मोदी

नई दिल्ली: बिहार को विधानसभा चुनाव से पहले सौगात मिलने का सिलसिला जारी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बिहार के सभी 45,945 गांवों को ऑप्टिकल फाइबर इंटरनेट सेवाओं से जोड़ने के प्रोजेक्ट और राजमार्गों से जुड़ी 9 परियोजनाओं का उद्घाटन किया है. इस दौरान उन्होंने कहा कि देश के गांवों में इंटरनेट उपयोग करने वालों की संख्या शहरों से ज्यादा हो जाएगी. किसान, गांव के युवा, महिलाएं आसानी से इंटरनेट का इस्तेमाल करेंगे इस पर भी लोग सवाल उठाते थे, लेकिन अब सारी स्थितियां बदल गई है.

ये सुधार 21वीं सदी के भारत की जरूरत:  
इस दौरान कृषि बिल पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कल देश की संसद ने, देश के किसानों को नए अधिकार देने वाले बहुत ही ऐतिहासिक कानूनों को पारित किया है. मैं देश के लोगों को, देश के किसानों, देश के उज्ज्वल भविष्य के आशावान लोगों को भी इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं. ये सुधार 21वीं सदी के भारत की जरूरत हैं.

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ये कानून, ये बदलाव कृषि मंडियों के खिलाफ नहीं: 
प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं यहां स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि ये कानून, ये बदलाव कृषि मंडियों के खिलाफ नहीं हैं. कृषि मंडियों में जैसे काम पहले होता था, वैसे ही अब भी होगा. बल्कि ये हमारी ही एनडीए सरकार है जिसने देश की कृषि मंडियों को आधुनिक बनाने के लिए निरंतर काम किया है. 

नए कृषि सुधारों ने किसान को ये आजादी दी:
उन्होंने कहा कि हमारे देश में अब तक उपज बिक्री की जो व्यवस्था चली आ रही थी, जो कानून थे, उसने किसानों के हाथ-पांव बांधे हुए थे. इन कानूनों की आड़ में देश में ऐसे ताकतवर गिरोह पैदा हो गए थे, जो किसानों की मजबूरी का फायदा उठा रहे थे. आखिर ये कब तक चलता रहता? नए कृषि सुधारों ने किसान को ये आजादी दी है कि वो किसी को भी, कहीं पर भी अपनी फसल अपनी शर्तों बेच सकता है. उसे अगर मंडी में ज्यादा लाभ मिलेगा, तो वहां अपनी फसल बेचेगा. मंडी के अलावा कहीं और से ज्यादा लाभ मिल रहा होगा, तो वहां बेचने पर भी मनाही नहीं होगी.


 

ड्रग्स मामले में सारा अली खान-श्रद्धा कपूर, रकुल प्रीत को भेजा जा सकता है समन, रिया ने लिए थे नाम

ड्रग्स मामले में सारा अली खान-श्रद्धा कपूर, रकुल प्रीत को भेजा जा सकता है समन, रिया ने लिए थे नाम

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच से जुड़े ड्रग्स मामले में अभिनेत्री सारा अली खान, श्रद्धा कपूर, रकुल प्रीत सिंह से भी पूछताछ हो सकती है. अभिनेत्रियों को एनसीबी की ओर से उन्हें समन भेजा जा सकता है. दरअसल, एनसीबी का दावा है कि सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती ने इन चारों एक्ट्रेस का नाम लिया था.

रिया ने 25 लोगों को नाम लिया था:
रिया चक्रवर्ती ने एसीबी से पूछताछ के दौरान फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े 25 लोगों को नाम लिया था. ऐसे में अब एनसीबी इस मामले को पूरी तरह से सुलझाने के लिए जांच में जुटी गई है. दरअसल, एनसीबी का दावा है कि सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती ने इन चारों एक्ट्रेस का नाम लिया था.

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इस सप्ताह के अंत में समन जारी होने की संभावना:
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) इन अभिनेत्रियों को इस सप्ताह के अंत में समन जारी कर सकता है क्योंकि इसने उन 10 लोगों के खिलाफ मामला बनाने की कोशिश की है जिन्होंने सुशांत राजपूत मामले से जुड़े ड्रग्स के आरोपों को लेकर गिरफ्तार किया है.  

इस ड्रग्स मामले में अब तक 16 गिरफ्तारी हो चुकी:
28 वर्षीय अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती के अलावा, इस महीने की शुरुआत में गिरफ्तार किए गए अन्य लोग में उनके भाई शौविक चक्रवर्ती, सुशांत सिंह राजपूत के दो कर्मचारी और कथित ड्रग डीलर थे, जो बॉलीवुड से जुड़े हुए हैं. बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत केस से जुड़े इस ड्रग्स मामले में अब तक 16 गिरफ्तारी हो चुकी है.
 


 

राज्यसभा में किसान बिल पर जोरदार हंगामा, 8 सांसद एक हफ्ते के लिए हुए निलंबित

राज्यसभा में किसान बिल पर जोरदार हंगामा, 8 सांसद एक हफ्ते के लिए हुए निलंबित

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र का आज आठवां दिन है. राज्यसभा में आज विपक्षी सांसदों के हंगामे का मुद्दा उठा. सभापति ने हंगामा करने वाले सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की है. उन्होंने हंगामा करने वाले आठ विपक्षी सांसदों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें एक हफ्ते के लिए निलंबित कर दिया है. यानी वे एक हफ्ते तक सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले पाएंगे. निलंबित होने वाले सांसदों में डेरेक ओ ब्रायन, संजय सिंह, रिपुन बोरा, नजीर हुसैन, केके रागेश, ए करीम, राजीव साटव, डोला सेन हैं. 

अविश्‍वास प्रस्‍ताव नियमों के हिसाब से सही नहीं: 
सभापति ने कहा कि कहा कि उपसभापति के खिलाफ विपक्षी सांसदों की तरफ से लाया गया अविश्‍वास प्रस्‍ताव नियमों के हिसाब से सही नहीं है. सभापति की कार्रवाई के बाद भी सदन में हंगामा जारी रहा.

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कल राज्यसभा के लिए सबसे खराब दिन था:
राज्यसभा के सभापति ने कल की घटना पर कहा कि राज्यसभा के लिए सबसे खराब दिन था. कुछ सांसदों ने पेपर को फेंका. माइक को तोड़ दिया. रूल बुक को फेंका गया. इस घटना से मैं बेहद दुखी हूं. उपसभापति को धमकी दी गई. उनपर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई.

किसानों को उनकी फसल का पूरा समर्थन मूल्य मिलेगा:
कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि सरकारी खरीद जारी रहेगी और किसानों को उनकी फसल का पूरा समर्थन मूल्य मिलेगा. ये बिल पूरी तरह किसानों के हित में है और किसी को कोई आशंका नहीं होनी चाहिए. किसान वैश्विक मानदंडों के तहत कार्य कर पाएगा और उनकी पहुंच पूरी तरह से बाजार पर अपनी आजादी के तहत होगी.


 

CoronaVirus in India: देश में 24 घंटे में 87,882 नए मरीज आए, अबतक करीब 55 लाख संक्रमित

CoronaVirus in India: देश में 24 घंटे में 87,882 नए मरीज आए, अबतक करीब 55 लाख संक्रमित

नई दिल्ली: देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार तेजी से इजाफा हो रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 86,961 नए कोरोना मामले दर्ज किए गए हैं, 1130 लोगों की जान भी चली गई है. ऐसे में देश में अब कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 54 लाख 87 हजार 580 हो गई है. इनमें से 87,882 लोगों की मौत हो चुकी है.

एक्टिव केस की संख्या 10 लाख 3 हजार:
वहीं एक्टिव केस की संख्या 10 लाख 3 हजार है और 43 लाख 96 हजार लोग ठीक हो चुके हैं. संक्रमण के सक्रिय मामलों की संख्या की तुलना में स्वस्थ हुए लोगों की संख्या करीब चार गुना अधिक है. कुल रिकवरी के मामले में भारत दुनिया के अन्य देशों से आगे निकलकर पहले स्थान पर बना हुआ है. अब तक 44 लाख लोग रिकवर हो चुके हैं.

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20 सितंबर तक कुल 6,43,92,594 सैंपल्स टेस्ट किए गए: 
ICMR के मुताबिक, 20 सितंबर तक कुल 6,43,92,594 सैंपल्स टेस्ट किए गए जिनमें कल टेस्ट किए गए 7,31,534 सैंपल्स भी शामिल हैं.

मृत्यु दर में गिरावट: 
राहत की बात है कि मृत्यु दर और एक्टिव केस रेट में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. मृत्यु दर गिरकर 1.60% हो गई. इसके अलावा एक्टिव केस जिनका इलाज चल है उनकी दर भी घटकर 19% हो गई है. इसके साथ ही रिकवरी रेट यानी ठीक होने की दर 80% हो गई है. भारत में रिकवरी रेट लगातार बढ़ रहा है.

महाराष्ट्र के भिवंडी में तीन मंजिला इमारत ढही, अब तक 10 लोगों की मौत, कई दबे

मुंबईः महाराष्ट्र के भिवंडी में धामनकर नाका के पास पटेल कंपाउंड इलाके में दर्दनाक हादसा हो गया. यहां पर तीन मंजिला बिल्डिंग ढहने से हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई है, वहीं 25 लोगों की जान बचा ली गई है. अभी भी बिल्डिंग के मलबे में 50 लोगों के फंसे होने की आशंका है. मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है. 

इमारत को नगरपालिका ने नोटिस दिया हुआ था:
ये इमारत साल 1984 में बनी थी और 21 परिवार यहां रहते हैं. क्षमता से ज्यादा लोग रहने के चलते इस इमारत को नगरपालिका ने नोटिस दिया हुआ था. जानकारी के मुताबिक रात 3.40 बजे हादसा हुआ है. जानकारी के मुताबिक तीन मंजिला इस इमारत में 21 परिवार रहते थे.

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दुर्घटनाग्रस्त इमारत को साल 1984 में बनाया गया था: 
स्थानीय लोगों ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त इमारत जिलानी अपार्टमेंट हाउस नंबर 69 को साल 1984 में बनाया गया था. प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो  सुबह करीब 3.30 बजे पटेल कंपाउंड इलाके में हलचल हुई. हादसे के वक्त इमारत में रहने वाले लोग गहरी नींद में सो रहे थे. हादसा हुआ था तब इस इमारत में लोग सो रहे थे. 

राज्यसभा में भारी हंगामे के बीच कृषि बिल पास, विपक्ष के भारी विरोध के बीच ध्वनिमत से हुआ पारित

 राज्यसभा में भारी हंगामे के बीच कृषि बिल पास, विपक्ष के भारी विरोध के बीच ध्वनिमत से हुआ पारित

नई दिल्ली: राज्यसभा में भारी हंगामे के बीच कृषि से जुड़ा एक बिल पास हो गया. विपक्ष के भारी विरोध के बीच ध्वनिमत से यह बिल पास किया गया. आपको बता दें कि राज्यसभा में विपक्ष के लगातार विरोध के बीच कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020, कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 पारित किया गया.इसके बाद राज्यसभा सोमवार सुबह 9 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. विपक्षी सांसदों ने सदन के वेल में नारे लगाए. राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश ने उन्हें अपनी सीटों पर लौटने के लिए कहा. TMC सांसद डेरेक ओ' ब्रायन और सदन के अन्य सदस्यों ने कृषि बिलों पर चर्चा के दौरान वेल में प्रवेश किया. डेरेक ओ' ब्रायन ने राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश को सदन की नियम पुस्तिका दिखाई. 

कृषि बिल पर कांग्रेस का विरोध:
कांग्रेस सांसद टी.एन. प्रथपन ने सरकार के किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ देशभर में किसानों के विरोध पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया. सांसद अहमद पटेल ने कहा कि (भाजपा) वैसे तो पढ़ने लिखने में थोड़ा कम ही ये लोग जानते हैं लेकिन पहली बार घोषणापत्र में दिन और रात एक करके उसमें से कुछ चीज निकाली और अपने अध्यादेश से तुलना की कोशिश की. हमारा घोषणापत्र घोड़ा है लेकिन गधे के साथ इन्होंने तुलना करने की कोशिश की.  

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संजय राउत बोले:
राज्यसभा में शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कृषि बिल के बारे में कहा कि ये किसानों के लिए नई क्रांति है नई आज़ादी है. MSP और सहकारी खरीद की व्यवस्था खत्म नहीं की जाएगी, ये सिर्फ अफवाह है. तो क्या अकाली दल के एक मंत्री ने अफवाह पर भरोसा रखकर कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया. संजय राउत ने कहा कि आज आप जो बिल ला रहे हैं जिसमें आपने कहा कि ये किसान के हित में है. क्या आप देश को आश्वस्त कर सकते हैं कि ये जो तीन बिल हैं ये मंज़ूर होने के बाद क्या हमारे किसानों की आय सच में डबल हो जाएगी और एक भी किसान इस देश में आत्महत्या नहीं करेगा.

कृषि से जुड़े विधेयकों को लेकर राहुल गांधी बोले, पीएम मोदी बना रहे है किसानों को पूंजीपतियों का गुलाम

 कृषि से जुड़े विधेयकों को लेकर राहुल गांधी बोले, पीएम मोदी बना रहे है किसानों को पूंजीपतियों का गुलाम

नई दिल्ली: आज कृषि से जुडे 2 बिलों को राज्यसभा में पेश कर दिया गया.  लोकसभा से ये बिल पहले ही पास हो चुके हैं. कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, बसपा और अकाली दल सहित कई पार्टियां इस बिल का विरोध कर रही हैं. वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कृषि बिलों को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला है. 

पीएम मोदी किसानों को बना रहे है पूंजीपतियों का गुलाम:
राहुल गांधी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी किसानों को पूंजीपतियों का गुलाम बना रहे हैं, जिसे देश कभी सफल नहीं होने देगा. राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार के कृषि-विरोधी काले कानून से किसानों को APMC/किसान मार्केट खत्म होने पर न्यूनतम समर्थन मूल्य कैसे मिलेगा? इस बिल में MSP की गारंटी क्यों नहीं. 

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भाजपा की अगुआई वाली एनडीए में फूट:
इन बिलों को लेकर भाजपा की अगुआई वाली एनडीए में फूट पड़ चुकी है. भाजपा की सबसे पुरानी सहयोगी अकाली दल और मोदी कैबिनेट में केंद्रीय मंत्री रहीं हरसिमरत कौर इन बिलों के विरोध में इस्तीफा दे चुकी हैं. 

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