स्वर्णनगरी के पर्यटन अर्थव्यवस्था पर संकट के बादल, बाजार मंदी झेलने को मजबूर

Suryaveer Singh Tanwar Published Date 2019/09/17 10:31

जैसलमेर: स्वर्णनगरी की अर्थव्यवस्था यहां के पर्यटन पर निर्भर है, फिलहाल पर्यटन पिट रहा है तो बाजार मंदी झेलने को मजबूर है. समय रहते हालात नहीं सुधारे तो जैसलमेर शहर के लिए बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है. यहां का पर्यटन खत्म हो जाएगा और स्थाई तौर पर मंदी झेलनी पड़ेगी. बाजार में पैसे का टर्न ऑवर नहीं हो रहा है जिससे व्यवसायी भी परेशान है. सैलानियों की आवक में कमी शहर के लिए सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है.  

इस बार 60 प्रतिशत सैलानी कम आए: 
जैसलमेर में जुलाई अगस्त माह में जहां हर साल 80 हजार से 1 लाख सैलानी आते हैं वहीं इस बार यह आंकड़ा 37 हजार तक ही पहुंचा है. यानि 60 प्रतिशत सैलानी कम आए. सीजन का पहला पड़ाव तो मंदी की मार झेल चुका है और अब पर्यटन व्यवसायियों को सीजन के दूसरे पड़ाव से उम्मीद है. साल दर साल सैलानियों की आवक में कमी जैसलमेर के पर्यटन को बहुत बड़ा झटका है. विदेशी सैलानियों की आवक तो एकदम कम हो रही है जैसलमेर का पर्यटन विदेशी पर्यटकों से ही गुलजार रहता था, लेकिन पिछले कुछ सालों में यहां विदेशी सैलानियों की आवक में कमी आई है. इस बार तो कमी बहुत ज्यादा देखने को मिल रही है. विदेशी सैलानियों का पीक सीजन जुलाई व अगस्त माह होता था. इस दौरान फ्रांस व स्पेन के हजारों पर्यटक आते थे, लेकिन इस बार इन दो माह में 8500 विदेशी पर्यटक भी नहीं आए. 

क्या सैलानियों का जैसलमेर से मोह भंग हो रहा है ? 
विदेशी सैलानियों की आवक में कमी के पीछे उनका जैसलमेर से मोहभंग होना बताया जा रहा है. जैसलमेर की छवि जो पहले थी अब नहीं रही है. यहां की स्थानीय समस्याएं पर्यटन बिगाड़ने में भारी पड़ रही है. लपकों की समस्या का पुलिस व प्रशासन निस्तारण नहीं कर सके, ऐसे में सैलानियों के साथ ठगी व दुर्व्यवहार के मामले लगातार चलते रहे. इससे परेशान होकर विदेशी पर्यटक अब यहां आने से कतराने लगे हैं. हवाई सेवा शुरू होने का फायदा नहीं गत साल हवाई कनेक्टिविटी का फायदा यह हुआ कि जैसलमेर में देसी पर्यटकों की रिकार्ड आवक हुई, ऐसे में विदेशी सैलानियों की आवक पर हवाई कनेक्टिविटी का कोई खास असर नहीं हुआ है. जुलाई व अगस्त माह में इतने कम सैलानी आए हैं मानो हवाई सेवा शुरू होने का इस पर्यटन सीजन में कोई फायदा नहीं हुआ. हालांकि इन दोनों माह में दिल्ली व मुंबई की फ्लाइट शुरू नहीं थी. हवाई सेवा शुरू होने से पहले ऐसा लग रहा था कि जैसलमेर के पर्यटन को काफी लाभ होगा, लेकिन अभी तक ऐसा नजर नहीं आ रहा है. समय रहते हालात नहीं सुधरने तो पर्यटन खत्म हो जाएगा जिस तरह से जैसलमेर में सैलानियों की आवक का ग्राफ तेजी से गिर रहा है उससे तो ऐसा लग रहा है आगामी कुछ सालों में यहां का पर्यटन खत्म हो जाएगा. 

जैसलमेर में पर्यटन नगरी जैसी कोई सुविधाएं नहीं है. न तो प्रशासन, न नगरपरिषद, न सरकारें और न ही हम इसे लेकर सजग हैं. जानकार बताते हैं कि एक बार किसी शहर से पर्यटकों का मोहभंग हो गया तो समझो आगामी कई सालों तक उसे विकसित करने के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी.  

जिम्मेदार कौन ?
शहरवासी : जो शहर को साफ सुथरा रखने को लेकर जागरूक नहीं. 
पर्यटन व्यवसायी : जो पर्यटन नगरी की व्यवस्थाएं सुधारने में सहयोग नहीं कर रहे. 
जिला प्रशासन : पर्यटन को बढ़ाने के लिए प्रयास नहीं, नए पर्यटन क्षेत्र तलाशने व विकसित करने के प्रति सजग नहीं. 
सरकार : स्वर्णनगरी के पर्यटन के लिए विशेष पैकेज नहीं दे रही. 
नगरपरिषद : 5 किमी दायरे में फैले शहर को साफ सुथरा, विकसित व पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने में विफल.  
लपके : जो पर्यटन के लिए नासूर बन चुके हैं. सैलानियों के साथ ठगी व दुर्व्यवहार करने वाले.    

 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in