Cyber Crime: सही फोटो को बनाया आपत्तिजनक, Social Media पर वायरल करने की धमकी देकर जयपुर के युवक से ऐंठे 1.63 लाख 

Cyber Crime: सही फोटो को बनाया आपत्तिजनक, Social Media पर वायरल करने की धमकी देकर जयपुर के युवक से ऐंठे 1.63 लाख 

Cyber Crime: सही फोटो को बनाया आपत्तिजनक, Social Media पर वायरल करने की धमकी देकर जयपुर के युवक से ऐंठे 1.63 लाख 

जयपुर: शहर में एक युवक को सोशल मीडिया (Social Media) के जरिए ब्लैकमेल (Blackmail) करने का मामला सामने आया है. पीड़ित से करीब 1.63 लाख रुपए वसूल लिए गए. दरअसल, साइबर अपराधियों (Cyber Criminals) ने सोशल मीडिया पर मौजूद पीड़ित के परिवार के सदस्यों की फोटोज को एडिट (Edit) कर आपत्तिजनक (Objectionable) बना दिया था. इसके बाद वायरल (Viral) करने की धमकी देकर मोटी रकम वसूल ली. इस संबंध में ठगी और ब्लैकमेलिंग के शिकार हुए युवक ने बजाज नगर (Bajaj Nagar) थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है. पुलिस की प्रारंभिक तकनीकी पड़ताल में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. यह वारदात जयपुर से करीब 1100 किलोमीटर दूर झारखंड में मौजूद सायबर अपराधियों ने की है.

लिंक कनेक्ट कर डाउनलोड किए पारिवारिक फोटो:
पुलिस के अनुसार, पीड़ित महावीर नगर (Mahaveer Nagar) का गौरव कुमार है. बकौल गौरव, वह 16 मई को अपने मोबाइल फोन (Mobile Phone) से वेबसाइट सर्च कर रहा था. तभी किसी ऑनलाइन लिंक से कनेक्ट होने पर बदमाशों ने उसके फेसबुक पर मौजूद परिवार के फोटो डाउनलोड कर लिए. इन फोटोज को एडिट कर आपत्तिजनक बनाकर उसे मैसेज पर भेजा. बदमाशों ने इन फोटोज को कुछ वेबसाइट (Website) पर भेजकर वायरल करने की धमकी दी. साथ ही रुपए की डिमांड की. बदमाशों ने गौरव को ब्लैकमेल कर दबाव बनाया.

दो बैंक खातों से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन:
जानकारी के अनुसार, पीड़ित ने अपने दो बैंक खातों से सायबर अपराधियों के बताए खातों में करीब 1.63 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन (Online Transaction) कर दिए. बदमाशों ने 10 बार से ज्यादा ट्रांजैक्शन करवाकर यह रकम अपने खातों में जमा करवाई. तब घबराकर गौरव ने मोबाइल फोन बंद कर लिया.

परिवार को बताई आपबीती:
आखिरकार 18 मई को उसने परिवार के सदस्यों को आपबीती बताई. तब वे गुरुवार को बजाज नगर थाने पहुंचे और मुकदमा दर्ज करवाया. फोन कॉल्स (Phone Calls) और बैंक खातों की पड़ताल करने पर प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि ठगी की यह वारदात झारखंड में मौजूद बदमाशों ने की है. केस की जांच DCP (पूर्व) ऑफिस में सायबर सेल (Cyber Cell) प्रभारी इंस्पेक्टर नवरतन कर रहे हैं.

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