नई दिल्ली Cyclone Jawad Updates: चक्रवात ‘जवाद’ के रविवार को पुरी पहुंचने से पहले कमजोर होने का अनुमान, जानिए भारत में किन राज्यों में बरपा सकता है कहर

Cyclone Jawad Updates: चक्रवात ‘जवाद’ के रविवार को पुरी पहुंचने से पहले कमजोर होने का अनुमान, जानिए भारत में किन राज्यों में बरपा सकता है कहर

Cyclone Jawad Updates: चक्रवात ‘जवाद’ के रविवार को पुरी पहुंचने से पहले कमजोर होने का अनुमान, जानिए भारत में किन राज्यों में बरपा सकता है कहर

नई दिल्ली: चक्रवाती तूफान ‘जवाद’ के ओडिशा के पुरी में रविवार को दस्तक देने से पहले कमजोर होकर गहरे दबाव में बदलने की संभावना है. यह तूफान फिलहाल पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना है.

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने एक बयान में बताया कि शनिवार को सुबह पांच बजकर 30 मिनट पर चक्रवाती तूफान आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के दक्षिण पूर्व से 230 किलोमीटर और ओडिशा के पुरी के दक्षिण-दक्षिण पूर्व से 410 किलोमीटर दूर पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी पर केंद्रित है.

विभाग ने बताया कि इसके कमजोर होकर अगले 12 घंटे में उत्तर और उत्तर-उत्तर पश्चिम की तरफ ओडिशा की ओर बढ़ने तथा पुरी के निकट और आसपास पांच दिसंबर को दोपहर में गहरे दबाव के रूप में पहुंचने का अनुमान है. वहीं इसके बाद तूफान के और कमजोर होकर आगे उत्तर उत्तर पूर्व की तरफ ओडिशा तट से पश्चिम बंगाल तट की तरफ बढ़ने का अनुमान है.

तूफान का नाम ‘जवाद’ सऊदी अरब ने प्रस्तावित किया:
इस चक्रवाती तूफान का नाम ‘जवाद’ सऊदी अरब ने प्रस्तावित किया है. विभाग ने बताया कि 30 नवंबर को अंडमान सागर के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना था. दो दिसंबर को यह दबाव में बदल गया और इसके बाद यह शुक्रवार सुबह गहरे दबाव में तथा शुक्रवार दोपहर को यह चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया.

मछुआरों के लिए समुद्र में जाना सुरक्षित नहीं:
इस संबंध में आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम, विजयनगरम और विशाखापत्तनम जिलों में शनिवार के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. वहीं ओडिशा के गजपति, गंजाम, पुरी, जगतसिंहपुर जिलों के लिए भी रेड अलर्ट जारी है. विभाग ने पश्चिम बंगाल के दूरदराज इलाकों में शनिवार और रविवार को भारी से भारी बारिश की आशंका जताई है. वहीं, असम, मेघालय और त्रिपुरा के दूरदराज इलाकों में सोमवार को भारी बारिश की आशंका जताई गई है. शुक्रवार से रविवार तक मध्य और उत्तर बंगाल की खाड़ी में मछुआरों के लिए समुद्र में जाना सुरक्षित नहीं है. सोर्स- भाषा 

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