Bhadrak तट से टकराया Cyclone यास, 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है हवाएं; विभाग ने कि Landfall की पुष्टि 

Bhadrak तट से टकराया Cyclone यास, 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है हवाएं; विभाग ने कि Landfall की पुष्टि 

Bhadrak तट से टकराया Cyclone यास, 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है हवाएं; विभाग ने कि Landfall की पुष्टि 

कोलकाता/भुवनेश्वर: कोरोना (Covid), ताउतें और अब यास! आफत अभी कम नहीं हुई है. यास (Cyclone Yas) तूफान बुधवार सुबह करीब 9 बजे ओडिशा (Odisha) के भद्रक जिले (Bhadrak District) के तट से टकराया. यहां समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं. कई कॉलोनियों में समुद्र का पानी भर गया है. 120 किलोमीटर प्रति घंटे (kmph) की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं. मौसम विभाग (IMD) (India Meteorological Department) ने तूफान के लैंडफॉल (Landfall) की पुष्टि की है. बंगाल और ओडिशा के अलावा बिहार, झारखंड, तमिलनाडु और कर्नाटक (Bihar, Jharkhand, Tamil Nadu and Karnataka) में भी तूफान का असर है.

यहां सुबह से ही बारिश शुरू, कई जिलों में अर्लट जारी:
बेहद खतरनाक तूफान 'यास' (Dangerous Storm Yas) के कारण झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में सुबह से बारिश हो रही है. कई जिलों में चेतावनी जारी की गई है. वहीं, पटना सहित बिहार के 26 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है. ओडिशा के चांदीपुर (Chandipur) और बालासोर (Balasore) तो बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में तूफान सबसे ज्यादा प्रभावी है. बंगाल के दीघा (Digha) और मंदार्मानी (Mndarmani) में होटलों और दुकानों में समुद्र का पानी भर गया है.

नौसेना के जहाज INS चिल्का से ले जाई गई राहत सामग्री:
पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर (Mednipur) जिले के हल्दिया (Haldiya) में सेना, NDRF और तटरक्षक दल (Coast Guard) के लोग बचाव अभियान में जुटे हुए है. यास तूफान से प्रभावित हुए लोगों के लिए नौसेना का जहाज INS चिल्का में राहत सामग्री लेकर ओडिशा के खोरदा जिले पहुंचा है. तूफान से ओडिशा के चांदीपुर और अब्दुल कलाम आइलैंड पर DRDO की मिसाइल लॉन्चिंग साइट (Missile Launching Site) को नुकसान पहुंचने की आशंका है. लंबी दूरी की मिसाइल्स (Missiles) को यहीं से लॉन्च किया जाता है. 

कोलकाता में सेना के 9 बचाव दलों को किया तैनात:
165 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और 2 मीटर से 4.5 मीटर तक लहरें (Wave) उठ सकती हैं. पश्चिम बंगाल के कोलकाता, हावड़ा (Howrah) और हुगली में भी तूफान का असर दिख रहा है. कोलकाता में सेना के 9 बचाव दलों को तैनाती के लिए तैयार रखा गया है. इनके अलावा 17 दलों को पुरुलिया, झारग्राम, बीरभूम, बर्धमान, पश्चिम मिदनापुर, हावड़ा, हुगली, नादिया के साथ 24 परगना (24 Parganas) उत्तर और दक्षिण में तैनात किया गया है. ओडिशा के बासुदेवपुर में करीब 400 लोगों को शेल्टर होम में शिफ्ट किया गया.

आर्मी की टीमें भी की गई तैनात:
यास को देखते हुए सरकार द्वारा प्रभावित इलाकों में आर्मी की टीमें भी तैनात की गई है. बंगाल के नदिया (Nadiya), पश्चिमी मेदिनीपुर, पुरुलिया, पश्चिमी बर्धमान, झारग्राम, पुरुलिया, बांकुरा, बीरभूम, हावड़ा, कोलकाता पोर्ट, दक्षिण 24 परगना, पूर्वी कोलकाता, सेंट्रल मेदिनीपुर, पूर्वी मेदिनीपुर, दक्षिणी कोलकाता, हुगली, बेहला (कोलकाता) में एक-एक टीम तैनात है. वही, ओडिशा के बालासोर में तीन टीमें और एक इंजीनियरिग टास्क फोर्स (Engineering Task Force) की तैनाती की गई है.

ओडिशा के 6 जिले हाई रिस्क जोन घोषित:
एयरफोर्स (Airforce) और नेवी ने भी अपने कुछ हेलिकॉप्टर और नावें राहत कार्य के लिए रिजर्व रखी हैं. तूफान को लेकर ओडिशा के 6 जिले हाई रिस्क जोन घोषित किए गए हैं. इनमें बालासोर, भद्रक, केंद्रपारा, जगतसिंघपुर, मयूरभंज और केओनझार शामिल हैं.

कोलकाता एयरपोर्ट पर ऑपरेशन बंद:
अलर्ट (Alaert) के बाद कोलकाता एयरपोर्ट (Kolkata Airport) पर बुधवार सुबह 8:30 बजे से शाम 7:45 बजे तक ऑपरेशन बंद रखने का फैसला किया गया है. साथ ही भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने दक्षिण से कोलकाता के लिए 38 रूट पर चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों को 29 मई तक के लिए रद्द कर दिया है. ईस्टर्न रेलवे (Eastern Railway) ने भी मालदा-बालुरघाट पैसेंजर ट्रेन 26 और 27 मई के लिए रद्द कर दी हैं. तूफान की तेजी को देखते हुए रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों को पटरियों के साथ लोहे की जंजीरों से बांधा जा रहा है, ताकि कोई दुर्घटना न हो सके.

11 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया: ममता बेनर्जी
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बेनर्जी (CM Mamta Benarji) ने दावा किया है कि सरकार ने यास तूफान में फंसे 11 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है. ममता बेनर्जी ने कहा कि बंगाल में 11 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया है. तूफान के असर से हालिशहर में 40 हजार से ज्यादा घरों को नुकसान हुआ है. इस दौरान 4-5 लोग घायल भी हुए. 

छुछुरा में भी करीब इतने ही घर क्षतिग्रस्त हुए, जबकि पंदुआ में बिजली गिरने से 2 लोगों की मौत हुई है. राज्य के गवर्नर जगदीप धनखड़ कोलकाता के अलीपुर स्थित मौसम विभाग के ऑफिस पहुंचे. यहां उन्होंने चक्रवात से निपटने के लिए मौजूद संसाधनों का जायजा लिया.

 

और पढ़ें