नई दिल्ली जनवरी 2021-मार्च 2022 तक देश के 42 हवाई अड्डों पर 84 कर्मचारी नशे की हालत में पाए गए : डीजीसीए

जनवरी 2021-मार्च 2022 तक देश के 42 हवाई अड्डों पर 84 कर्मचारी नशे की हालत में पाए गए : डीजीसीए

जनवरी 2021-मार्च 2022 तक देश के 42 हवाई अड्डों पर 84 कर्मचारी नशे की हालत में पाए गए : डीजीसीए

नई दिल्ली: विमानन नियामक डीजीसीए के आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2021 से मार्च 2022 के बीच 42 भारतीय हवाई अड्डों पर कुल 84 लोग ड्यूटी पर नशे की हालत में पाए गए.नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के आंकड़ों के मुताबिक, 84 कर्मचारियों में से 54 (64 प्रतिशत) शराब की अनिवार्य जांच में नशे की हालत में पकड़े गए. पीटीआई-भाषा को ये आंकड़ें उपलब्ध हुए हैं.

शराब की जांच में फेल हुए कर्मचारियों में से कई को हवाई अड्डा संचालकों ने नौकरी पर रखा हुआ था, जबकि उनमें से कुछ को अन्य कंपनियों ने नौकरी पर रखा हुआ था जो हवाईअड्डे पर विभिन्न तरह के काम करती हैं.डीजीसीए के आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) द्वारा संचालित 35 हवाई अड्डों पर 56 कर्मचारी, अडानी समूह द्वारा संचालित चार हवाई अड्डों पर 17 कर्मचारी, जीएमआर समूह द्वारा संचालित दो हवाई अड्डों पर नौ कर्मचारी और फेयरफैक्स इंडिया द्वारा संचालित बेंगलुरू हवाई अड्डे पर दो कर्मचारी जनवरी 2021 और मार्च 2022 के बीच शराब की जांच में फेल हो गए.

बहरहाल, बेंगलुरू हवाईअड्डे के ऑपरेटर बायल ने स्पष्ट किया कि शराब की जांच में फेल हुए दो कर्मचारी उसके कर्मचारी नहीं हैं. उसने कहा कि बेंगलुरू हवाईअड्डे (बायल) पर 2021 में और इस साल अभी तक ब्रेद एनालाइजर जांच में उसके कर्मचारियों के फेल होने की कोई घटना नहीं हुई.डीजीसीए के 56 कर्मचारियों के शराब की जांच में फेल होने के आंकड़ें के बारे में पूछे जाने पर केंद्र द्वारा संचालित एएआई ने पीटीआई-भाषा से साझा किए आंकड़ों में कहा कि एएआई द्वारा संचालित 14 हवाई अड्डों पर केवल 18 कर्मचारी ही जनवरी 2021 से मार्च 2022 के बीच शराब की जांच में नशे की हालत में पकड़े गए.

एएआई ने कहा कि बीए (ब्रेद एनालाइजर) जांच में फेल हुए 18 कर्मचारियों में से तीन एएआई के थे और बाकी के 15 एएआई के साथ अनुबंध पर काम करने वाली एजेंसियों के थे.अडानी समूह और जीएमआर समूह ने इस मामले के संबंध में पीटीआई के सवालों का जवाब नहीं दिया.जिस हवाईअड्डे पर जनवरी 2021 और मार्च 2022 के बीच सबसे अधिक नौ कर्मचारी शराब की जांच में फेल हुए वह मुंबई हवाईअड्डा है, जो पिछले साल जुलाई से अडानी समूह के अधीन है. जुलाई 2021 से पहले मुंबई हवाई अड्डा जीवीके समूह के नियंत्रण में था.

डीजीसीए ने सितंबर 2019 में सभी हवाईअड्डे कर्मचारियों के लिए बीए जांच के नियम जारी किए थे. नियमों के अनुसार, संबंधित हवाई अड्डा संचालक को न केवल अपने कर्मचारियों बल्कि हवाई अड्डे पर काम करने वाले अन्य कंपनियों के कर्मचारियों की भी शराब के लिए नियमित तौर पर जांच करनी होगी. नियमों के अनुसार, अगर कोई कर्मचारी पहली बार शराब की जांच में नशे में पाया जाता है या जांच कराने से इनकार करता है या हवाई अड्डा परिसर से निकलकर इससे बचने की कोशिश करता है तो उसे ड्यूटी से निकाल दिया जाएगा और उनका लाइसेंस तीन महीने की अवधि के लिए निलंबित कर दिया जाएगा.

डीजीसीए के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2021 और मार्च 2022 के बीच शराब की अनिवार्य जांच में फेल होने वाले 84 कर्मचारियों में से 54 चालक थे. एएआई ने पीटीआई-भाषा से कहा कि उन कर्मचारियों को एएआई में बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाता है जो शराब के नशे में ड्यूटी पर आते हैं. संबंधित हवाई अड्डों पर सभी विभागों के प्रमुख ड्यूटी पर शराब न पीने के संबंध में अपने कर्मचारियों तथा अनुबंधित एजेंसियों के कर्मचारियों को जागरूक करते हैं और उन्हें डीजीसीए सीएआर (नियमन) में उल्लेखित दंडों के बारे में बताते है.

और पढ़ें