डीजीपी भूपेन्द्र यादव को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज 

Nizam Kantaliya Published Date 2019/08/19 08:19

जयपुर: डीजीपी भूपेन्द्र यादव को राजस्थान हाईकोर्ट से आज फिर बड़ी राहत मिली है. राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एस रविन्द्र भट्ट की खण्डपीठ ने डीजीपी की नियुक्ति को नियम विरुद्ध बताने वाली याचिका को खारिज कर दिया है. वहीं इससे पहले पिछले माह जज जस्टिस आलोक शर्मा ने डीजीपी के पद पर भूपेन्द्र यादव की नियुक्ति को चुनौती देने और उनकी जगह अन्य आईपीएस अधिकारी की नियुक्ति करने को लेकर दायर खारिज को ख़ारिज किया था. 

वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ पी सी जैन ने दायर की थी याचिका:
राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ पी सी जैन ने याचिका दायर कर डीजीपी के पद पर भूपेन्द्र यादव की नियुक्ति को चुनौती दी है. याचिका में जैन ने दावा किया है कि यादव की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप नहीं है. याचिका में भूपेन्द्र यादव की नियुक्ति के लिए अपनाई गई प्रक्रिया और न्यूनतम कार्यकाल के प्रावधानों में को दरकिनार करने की बात कही गई है. इसके लिए याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार केस में दिये गये फैसले का जिक्र किया है. राजस्थान पुलिस एक्ट 2007 की धारा 13 के अनुसार भी डीजीपी का कार्यकाल न्यूनतम 2 वर्ष का होना चाहिए, लेकिन भूपेन्द्र यादव का कार्यकाल 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2019 तक कुल 6 माह का ही रहेगा.

बता दें कि डीजीपी भूपेन्द्र यादव को 1 जुलाई 2019 को राजस्थान का डीजीपी नियुक्त किया गया है. वे इस पद पर 31 दिसंबर 2019 तक रहेंगे.
 

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