नई दिल्ली शासन व्यवस्था को और पारदर्शी बनाएगा ‘डैशबोर्ड’, एक-एक रुपये के खर्च पर होगी नजर- निर्मला सीतारमण

शासन व्यवस्था को और पारदर्शी बनाएगा ‘डैशबोर्ड’, एक-एक रुपये के खर्च पर होगी नजर- निर्मला सीतारमण

शासन व्यवस्था को और पारदर्शी बनाएगा ‘डैशबोर्ड’, एक-एक रुपये के खर्च पर होगी नजर- निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि एकल नोडल एजेंसी (SNA) ‘डैशबोर्ड’ शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के साथ सरकार की तरफ से राज्यों को भेजे गए प्रत्येक रुपये का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगा. इस ‘डैशबोर्ड’ का उद्देश्य राज्यों को भेजे गए एक-एक पैसे और उसके उपयोग पर नजर सुनिश्चित करना है. वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को आजादी के अमृत महोत्सव समारोह सप्ताह के तहत इस एसएनए ‘डैशबोर्ड’ की शुरुआत की.

मंत्रालय के अनुसार यह ‘डैशबोर्ड’ मंत्रालयों को उनकी तरफ से विभिन्न राज्यों को जारी राशि, राज्य वित्त विभाग से उसे एसएनए खातों में जारी करने, एजेंसियों द्वारा खर्च के बारे में दी गयी सूचना, बैंकों की तरफ से एसएनए खातों पर मिले ब्याज के बारे में पूरी जानकारी देगा. सीतारमण ने कहा कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं के जरिये राज्यों को करीब 4.46 लाख करोड़ रुपये स्थांतरित किये जाते है. यह ‘डैशबोर्ड’ खर्च की गई राशि में बारे में अधिक पारदर्शिता प्रदान करेगा. केंद्रीय वित्त मंत्री कि केंद्र सरकार की योजनाओं के जरिये राज्यों को 4.46 लाख करोड़ रुपये दिए जाते है और यह कोई छोटी राशि नहीं है. आज आप एक ऐसी स्थिति में है जहां खर्च किये गए पैसे का विवरण देख सकते है. शासन में पारदर्शिता के लिए यह एक बड़ी सफलता है.’’

उन्होंने कहा कि एसएनए ‘डैशबोर्ड’ भुगतान को आसान करेगा. सीतारमण ने कहा कि भारत जैसे जटिल शासन वाले देश के लिए इस तरह की उपलब्धि, अगर यहां संभव है तो यह कई अन्य देशों में भी संभव है. जिस तरह हमारे पास आधार, कोविन ऐप और भुगतान के लिए यूपीआई प्रणाली है, उसी तरह यह डैशबोर्ड शासन के लिए यूपीआई है. वित्त सचिव टीवी सोमनाथन ने कहा कि इस प्रणाली से ब्याज व्यय में कटौती करने में मदद मिलेगी क्योंकि पैसा उस स्तर पर जारी किया जाएगा जहां इसकी आवश्यकता होगी. सोर्स- भाषा

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