नई दिल्ली UP Election 2022: केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर बोले- सपा नेताओं की बहू-बेटियां मानती हैं कि भाजपा शासन में ही महिलाएं सुरक्षित

UP Election 2022: केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर बोले- सपा नेताओं की बहू-बेटियां मानती हैं कि भाजपा शासन में ही महिलाएं सुरक्षित

UP Election 2022: केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर बोले- सपा नेताओं की बहू-बेटियां मानती हैं कि भाजपा शासन में ही महिलाएं सुरक्षित

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने अपर्णा यादव के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद बुधवार को समाजवादी पार्टी (SP) पर तंज कसते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की पुत्रवधू और स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी भाजपा में अपने आप को सुरक्षित महसूस करती हैं. पिछले दिनों भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हुए स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा भाजपा की सांसद हैं. संघमित्रा ने हाल ही में स्पष्ट किया था कि उनके पिता भले ही सपा में शामिल हो गए हों लेकिन वह भाजपा नहीं छोड़ेंगी.

ठाकुर ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि आज मुलायम सिंह यादव की पुत्रवधू अपर्णा यादव भाजपा में शामिल हुई हैं. हम उनका बहुत स्वागत करते हैं. यह अपने आप में इशारा करता है कि उत्तर प्रदेश में पिछले पांच वर्ष में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सरकार ने बहू-बेटी को सुरक्षा देने का काम किया है. उन्होंने राज्य में कानून का शासन होने और कहा कि उत्तर प्रदेश में महिलाएं आज बाहर जा सकती हैं, काम कर सकती हैं और खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं क्योंकि वहां की भाजपा सरकार ने महिलाओं को सुरक्षा और अधिकार देने का काम किया है. उन्होंने कहा कि उदाहरण साफ है. बहु हो या बेटी, भाजपा में सुरक्षित हैं. मुलायम सिंह यादव की पुत्रवधू और स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी दोनों ही भाजपा में अपने आप को सुरक्षित महसूस करती हैं. ज्ञात हो कि अपर्णा यादव ने आज भाजपा मुख्यालय में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की मौजूदगी में भगवा दल का दामन थाम लिया.

 

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर जारी अटकलों के बारे में पूछे जाने पर ठाकुर ने कहा कि उनकी पहली ही सूची में विरोध सामने आया है. उन्होंने कहा कि सपा और उसके सहयोगियों में उम्मीदवारों के नामों को लेकर मतभेद भी सामने आए हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने जिस प्रकार के उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं, इसे लेकर उनकी आलोचना भी हो रही है क्योंकि सपा और राष्ट्रीय लोकदल की उम्मीदवारों की सूची में कई ऐसे उम्मीदवार हैं जिनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. सोर्स- भाषा
 

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