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जिंदा इंसान को थमाया मृत्यु प्रमाण पत्र, कर्मचारी बोले- 'एक बार बन गया तो बन गया'

जिंदा इंसान को थमाया मृत्यु प्रमाण पत्र, कर्मचारी बोले- 'एक बार बन गया तो बन गया'

नागौर। कार्मिकों की लापरवाही कई बार अजीबोगरीब होती है जी हां, नागौर जिले के हनुमान बाग निवासी मूलचंद चौहान के साथ भी ऐसा ही वाकया हुआ है। मूलचंद के परिवार के लोगों के लिए पहले राम रुठे और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया। परिवार के लोग मुखिया की मौत के सदमे से बाहर निकले ही नहीं थे कि अस्पताल कर्मचारियों ने पिता की मृत्यु प्रमाण पत्र की जगह उसके बेटे का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर उनको एक और दर्द दे दिया। सुनने में भले ही यह अजीब लगे, लेकिन जेएलएन कर्मचारियों की लापरवाही से एक जिंदा इंसान का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है। इस संबंध में पीडि़त पिछले कई दिनों से अस्पताल के चक्कर काटने को मजबूर है लेकिन कर्मचारी यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं कि एक बार सर्टिफिकेट बन गया अब कुछ नहीं हो सकता। इस संबंध में पीडित ने एडीएम से भी गुहार लगाई है। अब सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। 

पीडित नया दरवाजा हनुमान चौक निवासी मूलचंद चौहान ने बताया कि गत दिनों बीमार पिता को जेएलएन अस्पतल ले गए, जहां 4 मार्च को उनकी मृत्यु हो गई। शव पुत्र को सौंप दिया गया। कुछ दिनों बाद जब वह मृत्यु प्रमाण पत्र लेने गया तो उसे पिता की जगह उसके नाम जारी मृत्यु प्रमाण पत्र दे दिया। उसने 8 मार्च को जारी गलत प्रमाण पत्र के संबंध में कर्मचारियों से बात की तो उन्होंने कहा कि एक बार प्रमाण पत्र बन गया, अब कुछ नहीं हो सकता। पीड़ित ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से अस्पताल के चक्कर काट रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। 

पीड़ित का कहना है कि पिताजी सरकारी कर्मचारी थे। उनके निधन के बाद पेंशन समेत अन्य कार्यों के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र जरुरी है। जेएलएन अस्पताल के कर्मचारियों की लापरवाही से उनका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं होने से मां के पेंशन संबंधी आवेदन में दिक्कत आएगी। अधिकारियों के समक्ष भी अपनी पीड़ा रखी है लेकिन अभी तक प्रमाण पत्र नहीं दिया। कर्मचारियों की गलती से पिता की जगह उसका मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर देने से उसे मानसिक पीड़ा भी हो रही है क्यों की कर्मचारियों की लापरवाही से उसे जिंदा को ही मार कर मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर उसको थमा दिया गया है। अब अपना खुद का मृत्यु प्रमाण पत्र हाथ मे लिए अपने जिंदा होने का सबूत बता रहा है। जेएलएन नागौर के पीएमओ डॉ. वीके खत्री का कहना है कि अस्पताल में मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में किसी स्तर पर त्रुटि रह गई है तो उसमें सुधार कर संशोधित प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा, लेकिन कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से इंकार कर रहे हैं।

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