Defence Expo: आतंकियों पर रहेगी कड़ी नजर, समुद्र के रास्ते अब भारत में नहीं घुस पाएगा आतंकी

Defence Expo: आतंकियों पर रहेगी कड़ी नजर, समुद्र के रास्ते अब भारत में नहीं घुस पाएगा आतंकी

Defence Expo:  आतंकियों पर रहेगी कड़ी नजर, समुद्र के रास्ते अब भारत में नहीं घुस पाएगा आतंकी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ सरकार के लखनऊ में अभूतपूर्व सफलता के साथ ‘डिफेंस एक्सपो’ के आयोजन ने यूपी में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही भारतीय जनता पार्टी सरकार के सुशासन पर मुहर लगाई है.वही समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की पूर्व की सरकारों में स्थित उलट थी. भ्रष्टाचार और अराजकता का दंश झेल रहे उत्तर प्रदेश को भाजपा सरकार में आयोजित देश में अबतक की सबसे बड़ी रक्षा प्रदर्शनी डिफेंस एक्सपो ने सुशासन की नई पहचान दी है.इसके अलावा योगी सरकर ने वाराणसी में प्रवासी भारतीय दिवस और प्रयागराज में कुंभ का आयोजन कर भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अपने सुशासन की जो झलक विश्व पटल पर दिखाई, “डिफेंस एक्सपो” ने उसे चरम पर पहुंचाया है.

30 IAS अधिकारियों के तबादले, अफसरों को सौंपे जाएंगे ये विभाग

सपा के मुखिया अखिलेश यादव और बसपा की मुखिया मायावती को “डिफेंस एक्सपो” से सुशासन की सीख लेनी चाहिए. इन दोनों नेताओं ने यूपी को दुसरी दिशा में ले जाने की पूरी कोशिश की और अराजकता का गढ़ बना दिया था. सपा सरकार में जनता की गाढ़ी कमाई को लखनऊ में गोमती रिवर फ्रंट समेत कई  प्रोजेक्ट में जिस तरह से अनियमितता हुई उसकी मिसाल दूसरी नहीं मिलती. उसी तरह बसपा सरकार में दलित महापुरुषों के स्मारक बनाने के नाम पर और मनमाने तरीके से अपने लोगो को विषेश कृपा पहुंचाया.

Exit Polls: दिल्ली में हैट्रिक लगाएगी AAP, 50-60 सीटों के अनुमान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ के नेतृत्व में चल रही भाजपा सरकार में निवेशकों का विश्वास यूपी पर जगा है. यही वजह है कि इन्वेस्टर्स समिट में जहां यूपी में लाखों करोड़ रुपए का निवेश हुए वहीं “डिफेंस एक्सपो” में पचास हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश यह साबित करता है, कि भाजपा सरकार में यूपी की पहचान एक सुरक्षित और सुशासित प्रदेश के रूप में बन चुकी है
आपको बता दें की आदित्यनाथ सरकार ने अकेले उत्तर प्रदेश सरकार के साथ यूपीडा के माध्यम से 50 हजार करोड़ के 23 एमओयू साइन किए हैं. इससे तीन लाख नौजवानों को रोजगार मिलेगा. इस कार्यक्रम का स्टेट पार्टनर बनकर उत्तर प्रदेश ने देश और दुनिया के सामने नई संभावनाओं के विषय में अवगत कराया है. सरकार ने पिछले 2 वर्षों के दौरान डिफेंस कॉरिडोर से संबंधित विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर करने का प्रयास किया था. जो रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में बड़े उद्योग, लघु मध्य और सूक्ष्म उद्योग भी प्रदेश में लगे.

Delhi Election: कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको का बयान, आम आदमी पार्टी को समर्थन देने के संकेत!

उत्तर प्रदेश के अंदर न केवल डिफेंस एयरोस्पेस पॉलिसी तैयार की है बल्कि उत्तर प्रदेश के अंदर अलग-अलग फोकस सेंटर्स की पॉलिसी भी तैयार करके निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाया है. सरकार ने पिछले ढाई वर्ष के दौरान प्रदेश के अंदर ढाई लाख करोड़ से ऊपर का निवेश कराने में सफल हुई है. जिसके माध्यम से 33 लाख से अधिक लोगों को सीधे-सीधे नौकरी और रोजगार से जोड़ने में मदद मिली है.डिफेंस कॉरिडोर के 6 नोड्स में से अलीगढ़ और झांसी के  अलावा अब चार नोड्स पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक क्लस्टर बनाने का प्लान है. योगी सरकार ने सभी उद्यमियों को आश्वस्त करते हुए बताया है, उनका निवेश सुरक्षित रहेगा और उत्तर प्रदेश रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में नए आयाम गढ़ेगा.
 

और पढ़ें