सियाचिन पहुंचे रक्षामंत्री, मिठाई खिलाकर जवानों की वीरता को किया सलाम

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/03 02:17

नई दिल्ली: रक्षामंत्री का कार्यभार संभालने के बाद राजनाथ सिंह आज अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर सियाचिन पहुंच गए हैं. यहां उन्होंने जवानों से मिलकर उनकी हौसलाफजाई की. उनके साथ थल सेना प्रमुख बिपिन रावत भी गए हैं. बतैौर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का यह पहला सियाचिन दौरा है. जानकारी के मुताबिक सियाचिन के बाद राजनाथ सिंह श्रीनगर भी जाएंगे.

रक्षामंत्री ने सियाचिन में सैनिकों से मिलकर उनके साथ खाना खाया और कहा कि हमारे सैनिक अत्यधिक परिस्थितियों और विश्वासघाती इलाकों में भी बड़े साहस और धैर्य के साथ अपना कर्तव्य निभा रहे हैं. मैं उनकी दृढ़ता और वीरता को सलाम करता हूं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सियाचिन में सेवा करते हुए अपने प्राणों की आहूति देने वाले शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी. सिंह ने कहा कि सियाचिन ग्लेशियर का बचाव करते हुए 1100 से अधिक सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है. राष्ट्र हमेशा उनकी सेवा और बलिदान का ऋणी रहेगा.

बतादें, राजनाथ सिंह रक्षा मंत्रालय का प्रभार संभालने के बाद पहली यात्रा में सबसे पहले सियाचिन ग्लेशियर पहुंचे हैं, जिसे दुनिया का सबसे खतरनाक युद्ध क्षेत्र कहा जाता है. यहां वह फील्ड कमांडरों और जवानों के साथ बातचीत करेंगे. रक्षा मंत्री के साथ सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत भी मौजूद हैं.

तीनों सेना प्रमुखों के साथ की चर्चा
इस दौरे पर सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत भी रक्षा मंत्री के साथ सियाचिन के गए हैं. इससे पहले शनिवार को पदभार संभालते ही राजनाथ सिंह ने तीनों सेना प्रमुखों के अलावा रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. इसमें उन्होंने रक्षा मंत्रालय से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की. साथ ही मंत्रालय की कार्यशैली को भी समझा.

जवानों के लिए सियाचिन एक चुनौती

मालूम हो, कोराकोरुम रेंज में स्थित सियाचिन ग्लेशियर दुनिया का सर्वोच्च सैन्य क्षेत्र है, जहां जवानों को अत्यधिक सर्दी और तेज हवाओं का सामना करना पड़ता है. सर्दियों में ग्लेशियर पर भूस्खलन और हिमस्खलन आम बात है. यहां तापमान शून्य से 60 डिग्री सेल्सियस नीचे तक चला जाता है.

सीतारमण का पद अब राजनाथ के पास
ग़ौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस दूसरी सरकार में राजनाथ सिंह को गृह के बज़ाय रक्षा मंत्रालय दिया गया है, जो पहले निर्मला सीतारमण के पास था. मोदी सरकार में पहली बार शामिल हुए भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष को गृह मंत्रालय का जिम्मा दिया गया है. जबकि सीतारमण को वित्त मंत्रालय की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है क्योंकि पिछली सरकार में पांच साल तक वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली इस बार स्वास्थ्य संबंधी कारणों से केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर हैं.
 

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