संसद में बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीन सीमा पर जवानों ने संयम और शौर्य का परिचय दिया, विफल कर दिया स्टेटस बदलने का प्रयास

संसद में बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीन सीमा पर जवानों ने संयम और शौर्य का परिचय दिया, विफल कर दिया स्टेटस बदलने का प्रयास

नई दिल्ली: कोरोना संकट के बीच संसद के मॉनसून सत्र का आज दूसरा दिन है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह चीन से तनाव पर लोकसभा में बयान दिया. राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख का दौरा कर हमारे जवानों से मुलाकात की. उन्होंने यह संदेश भी दिया था वह हमारे वीर जवानों के साथ खड़े हैं. मैंने भी लद्दाख जाकर अपने यूनिट के साथ समय बिताया था. मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि उनके साहस शौर्य और पराक्रम को महसूस भी किया था. आप जानते हैं कर्नल संतोष मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था.

राजनाथ सिंह ने दी चीन की एक-एक नापाक करतूतों की जानकारी:
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन की एक-एक नापाक करतूतों की जानकारी सदन को दी. उन्होंने बताया कि 29-30 अगस्त की रात को पैंगोंग लेक के साउथ बैंक इलाके में यथास्थिति बदलने का प्रयास था. हमारे सेना ने उनके प्रयास विफल कर दिया गया. चीन ने द्विपक्षीय संबंधों का अनादर पूरी तरह दिखता है. LAC का सम्मान करना और इसे 1993-1996 के समझौते में स्पष्ट रूप से स्वीकार किया गया है. चीन की तरफ से ऐसा नहीं हुआ है, उनकी कार्रवाई के कारण के सीमा पर झड़प हुए हैं. राजनाथ सिंह ने कहा कि 15 जून को चीन के साथ गलवान घाटी में खूनी संघर्ष में हमारे जवानों ने बलिदान दिया और चीनी पक्ष को भी भारी नुकसान पहुंचाया. जहां संयम की जरूरत थी वहां हमारे जवानों संयम रखा और जहां शौर्य की जरूरत थी वहां शौर्य प्रदर्शित किया है. किसी को भी हमारी सीमा की सुरक्षा के प्रति हमारे प्रतिबद्धता पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए.

दोनों देशों को करना चाहिए LAC का सम्मान:
राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारे सुरक्षाबल हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं. हम उनके साथ मजबूती से खड़े हैं. उन्होंने कहा कि 15 जून को हमारे जवानों ने स्टेटस बदलने के प्रयास को असफल कर दिया. जवानों ने बलिदान दिया है. चीन को भी भारी नुकसान हुआ. चीन की ये कोशिश हमें मंजूर नहीं है. दोनों देशों को LAC का सम्मान करना चाहिए.

और पढ़ें