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श्रीनगर एयरपोर्ट से वापस भेजे गए राहुल गांधी समेत विपक्ष के 12 नेता

श्रीनगर एयरपोर्ट से वापस भेजे गए राहुल गांधी समेत विपक्ष के 12 नेता

श्रीनगर: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों का एक प्रतिनिधिमंडल आज जम्मू-कश्मीर गया, लेकिन उन्हें श्रीनगर एयरपोर्ट के बाहर नहीं जाने दिया गया और इसके चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा. हालांकि इस बारे में जम्मू कश्मीर प्रशासन ने पहले ही कह दिया था कि विपक्षी नेता कश्मीर ना आएं और सहयोग करें. 

दरअसल विपक्षी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल में राहुल गांधी के साथ कांग्रेस के ग़ुलाम नबी आज़ाद, केसी वेणुगोपाल, आनंद शर्मा, लेफ़्ट के सीताराम येचुरी, डी राजा,  डीएमके के तिरुची शिवा, टीएमसी के दिनेश त्रिवेदी, एनसीपी के माजिद मेमन, आरजेडी के मनोज झा और जेडीएस के उपेंद्र रेड्डी के अलावा शरद यादव भी कश्मीर जाने वाले नेताओं में शामिल हैं. वहीं कुछ दिन पहले ही गुलाम नबी आज़ाद भी श्रीनगर गए थे लेकिन उन्हें एयरपोर्ट से ही वापस भेज दिया गया था. 
 

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देश में अलकायदा के नेटवर्क का भंडाफोड़, NIA का कई जगहों पर छापा, 9 संदिग्ध गिरफ्तार 

नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अलकायदा के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. NIA ने अलकायदा मॉड्यूल को लेकर केरल और पश्चिम बंगाल में छापेमारी की है. NIA की इस छापेमारी के दौरान 9 संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया गया है.  

छापेमारी के दौरान 9 संदिग्ध गिरफ्तार:
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक अलकायदा को लेकर बिल्कुल नए मामलों में छापेमारी की गई है. यह छापेमारी केरल ने एर्नाकुलम और पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में की गई है. छापेमारी के दौरान 9 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है. NIA ने छापेमारी के दौरान केरल के एर्नाकुलम से 3 जबकि बंगाल के मुर्शिदाबाद से 6 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है. 

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कई सुरक्षा प्रतिष्ठान थे इनके निशाने पर:
जानकारी के मुताबिक कई सुरक्षा प्रतिष्ठान इनके निशाने पर थे. गिरफ्तार अधिकतर लोगों की उम्र 20 साल के आसपास बताई जा रही है. सभी मजदूर हैं. आतंकी साजिश को लेकर इनपुट मिलने के बाद इन पर निगाह रखी जा रही थी. NIA ने आज सुबह एर्नाकुलम (केरल) और मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल) में कई स्थानों पर एक साथ छापे मारे और अल-कायदा के पाकिस्तान प्रायोजित मॉड्यूल से जुड़े 9 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया.

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने जीता सबका दिल! कहा-असाधारण परिस्थितियों में सांसद देश को दे रहे सकारात्मक संदेश

नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सबका दिल जीत लिया. सदन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भावुक अपील करते हुए कहा कि असाधारण परिस्थितियों में सांसद देश को सकारात्मक संदेश दे रहे है, लेकिन चर्चा के दौरान सदन की गरिमा बनाए रखना भी जरूरी है. ओम बिरला ने कहा कि वाद-विवाद, चर्चा, तर्क-वितर्क, संवाद के दौरान आपसी सम्मान बनाए रखें है. तथ्यों के साथ कहें, आरोप-प्रत्यारोप से बचें.

सांसदों के अधिकारों का संरक्षण मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता:
ओम​ बिरला ने कहा कि हम सिर्फ सांसद नहीं एक संस्था हैं जो लाखों लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं. सांसदों के अधिकारों का संरक्षण मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है. सदन की स्वस्थ परम्पराओं को जीवंत बनाए रखना हम सबका दायित्व है.

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हम सदन को गरिमा के साथ चलाएंगे:
अधीर रंजन चौधरी ने स्पीकर ओम बिरला से माफी मांगते हुए कहा कि तकलीफ-जरूरत में आपकी ओर ही देखते हैं, हम आपका सम्मान और सहयोग करते हैं. हम सदन को गरिमा के साथ चलाएंगे. जब हम लोग घर में बैठे थे तब आपने सदन चलाने के लिए कड़ी मेहनत की. कोई भी सदस्य परेशानी में होता है तब आप उनकी समस्या सुलझाने में मदद करते है.

नेहरू-गांधी को लेकर अनुराग ठाकुर ने की टिप्पणी, लोकसभा में कांग्रेस सांसदों ने किया जमकर हंगामा 

नेहरू-गांधी को लेकर अनुराग ठाकुर ने की टिप्पणी, लोकसभा में कांग्रेस सांसदों ने किया जमकर हंगामा 

नई दिल्‍ली: कोरोना संकट के बीच संसद के मॉनसून सत्र का आज पांचवां दिन है. आज लोकसभा में कांग्रेस सांसदों ने जमकर हंगामा किया. संसद में फाइनेशियल बिल पर चर्चा के दौरान सोनिया गांधी और गांधी परिवार का नाम लेने पर यह हंगामा हुआ. हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी गई. आपको बता दें कि भाजपा सांसद और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा सोनिया गांधी और नेहरू-गांधी का नाम लिया गया तो कांग्रेस सांसदों ने लोकसभा में जमकर हंगामा किया.

अनुराग ठाकुर के इस बयान पर हुआ हंमामा:
अनुराग सिंह ठाकुर ने पीएम केयर्स फंड का बचाव करते हुए जवाहर लाल नेहरू और सोनिया गांधी पर टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि नेहरूजी ने फंड बनाया आज तक उसका रजिस्ट्रेशन नहीं कराया. आपने केवल एक परिवार गांधी परिवार के लिए ट्रस्ट बनाया. सोनिया गांधी को अध्यक्ष बनाया, इसकी जांच होनी चाहिए तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा.

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तृणमूल सांसद ने लगाया स्‍पीकर पर आरोप: 
अनुराग ठाकुर की इस टिप्‍पणी का कांग्रेस सांसदों ने जमकर विरोध करते हुए हंगामा किया. हंगामे के बीच लोकसभा स्‍पीकर ओम बिरला को सदन की कार्यवाही चलाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. यह गरमाहट तब और बढ़ गई जब तृणमूल सांसद ने स्‍पीकर पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे भाजपा सांसदों का बचाव करते हैं. उन्‍होंने कहा-आप चाहे तो हमें निकाल दीजिए. यह नहीं चलेगा. हम नहीं चलने देंगे. आपको बता दें कि स्‍पीकर ने कहा था कि कोई अगर सुरक्षा से खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा तो नाम लेकर सदन से बाहर जाने को भी कह सकता हूँ. मास्क लगा कर बोलिए.

हरसिमरत कौर के इस्तीफे से दुष्यंत चौटाला पर बढ़ा दबाव, कांग्रेस ने कहा - किसानों से ज्यादा अपनी कुर्सी प्यारी

हरसिमरत कौर के इस्तीफे से दुष्यंत चौटाला पर बढ़ा दबाव, कांग्रेस ने कहा - किसानों से ज्यादा अपनी कुर्सी प्यारी

चंडीगढ़: कृषि विधेयकों को लेकर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए में मतभेद साफ तौर पर उभरकर सामने आ गया है. कृषि विधेयक के खिलाफ हरियाणा और पंजाब के किसान आंदोलित हैं. इसी के चलते NDA में बीजेपी के सबसे पुराने सहयोगी शिरोमणि अकाली दल के कोटे से मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने गुरुवार को इस्तीफा दे दिया. जिसके बाद हरियाणा में बीजेपी की सहयोगी जननायक जनता पार्टी (JJP) पर साथ छोड़ने का दबाव बढ़ रहा है. ऐसे में जेजेपी प्रमुख डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला कशमकश में फंसे हुए हैं. 

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दुष्यंत जी आपको भी डिप्टी सीएम से इस्तीफा दे देना चाहिए: 
वहीं इसी बीच कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी एक ट्वीट करते हुए कहा कि दुष्यंत जी हरसिमरत कौर बादल की तरह आपको भी कम से कम डिप्टी सीएम की पोस्ट से इस्तीफा दे देना चाहिए. आपको किसानों से ज्यादा अपनी कुर्सी प्यारी है. 

BJP, JJP नेता किसान से विश्वासघात करने में लगे हुए: 
कांग्रेस नेता व राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी ट्वीट करते हुए कहा कि पंजाब के अकाली दल, AAP ने संसद में कांग्रेस के साथ किसान विरोधी 3 अध्यादेशों का विरोध करने का साहस दिखाया, पर दुर्भाग्य कि हरियाणा के BJP, JJP नेता सत्ता-सुख के लिए किसान से विश्वासघात करने में लगे हुए हैं. जब पंजाब के सब दल किसान के पक्ष में एक हो सकते हैं तो हरियाणा BJP-JJP क्यूँ नहीं? अकाली हरसिमरत जी के इस्तीफे के बाद इस प्रश्न को और बल मिलता है- जब पंजाब के सारे दल किसान के पक्ष में एक होकर केंद्र के इन किसान-घातक अध्यादेशों के विरोध में आ सकते हैं तो हरियाणा के सत्तासीन BJP-JJP नेता क्यूँ किसान से विश्वासघात कर रहे हैं? किसान-हित से ऊपर सत्ता-लोभ.

खट्टर के नेतृत्व वाली सरकार जेजेपी के सहयोग से चल रही: 
बता दें कि हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली सरकार जेजेपी के सहयोग से चल रही है. जेजेपी का राजनीतिक आधार ग्रामीण इलाके और किसानों पर टिका हुआ है, क्योंकि चौधरी  देवीलाल किसान नेता के तौर पर देश भर जाने जाते थे. किसानों की नाराजगी और राजनैतिक नुकसान को देखते हुए जेजेपी ने लाठीचार्ज को लेकर किसानों से माफी मांगी है. दुष्यंत चौटाला के छोटे भाई दिग्विजय चौटाला ने कहा, 'किसानों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर जेजेपी माफी मांगती है. जेजेपी हमेशा किसानों के साथ है और किसानों के हित की बात पार्टी के लिए सबसे ऊपर है. 

सीएम दुष्यंत चौटाला कृषि संबंधी विधेयक के समर्थन में:
जेजेपी प्रमुख और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला कृषि संबंधी विधेयक के समर्थन में हैं और कांग्रेस पर किसानों को बहकाने का आरोप लगा रहे हैं. दुष्यंत चौटाला ने अभी तक इस किसान विधेयक का विरोध नहीं किया है, लेकिन यह जरूर कहा है कि इसमें एमएसपी का जिक्र होना चाहिए.
 

Corona Vaccine: भारत में सबसे ज्यादा उम्मीदें जगा रहीं ये तीन वैक्सीन

Corona Vaccine: भारत में सबसे ज्यादा उम्मीदें जगा रहीं ये तीन वैक्सीन

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने कोविड-19 वैक्‍सीन को लेकर ताजा जानकारी दी है. स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन के मुताबिक, देश में जो वैक्सीन कैंडिडेट्स हैं, उनमें से तीन ऐसी हैं जो फेज 1, 2 और 3 में पहुंच गई हैं. गुरुवार को उन्होंने राज्यसभा में बताया कि पीएम मोदी की गाइडेंस में एक्सपर्ट्स का एक ग्रुप भी बना है जो जो वैक्सीन से जुड़ी जानकारियों पर नजर रख रहा है. 

डॉ हर्षवर्धन ने उम्मीद जताते हुए बताया कि अगले साल की शुरुआत में भारत के भीतर कोविड-19 वैक्‍सीन उपब्लध हो जाना चाहिए. हालांकि इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि जब वैक्सीन आ जाएगी तो जादू की तरह एक मिनट में 135 करोड़ लोगों को लगाकर इम्‍युनिटी नहीं दे पाएगी, वैक्‍सीन तैयार होने में वक्‍त लगेगा. हषवर्धन ने यह तो नहीं बताया कि कौन सी तीन वैक्‍सीन कैंडिडेट्स हैं जो डेवलपमेंट में हैं, लेकिन भारत में फिलहाल कोविड-19 की कई वैक्‍सीन डेवलप हो रही हैं. ऐसे में हम आपको टॉप-3 वैक्सीन के बारे में बता रहे हैं...

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सीरम इंस्टिट्यूट कर रहा 'कोविशील्‍ड' का ट्रायल: 
ICMR के महानिदेशक बलराम भार्गव के मुताबिक, सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII) वैक्‍सीन का फेज 3 ट्रायल कर रहा है. इस वैक्सीन को यूनवर्सिटी और फार्मा कंपनी अस्‍त्राजेनेका मिलकर तैयार कर रही है. यह दुनिया की सबसे ऐडवांस्‍ड वैक्‍सीन कैंडिडेट्स में से एक है. सीरम इंस्टिट्यूट देशभर में 14 जगहों पर डेढ़ हजार लोगों पर इस वैक्‍सीन का ट्रायल करेगा. 

Covaxin वैक्सीन का फेज 2 ट्रायल जारी:
Covaxin वैक्‍सीन को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और भारत बायोटेक ने मिलकर तैयार किया है. पुणे के नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरलॉजी (NIV) में कोरोना के एक स्‍ट्रेन को आइसोलेट कर Covaxin बनी है. यह एक 'इनऐक्टिवेटेड' वैक्‍सीन है. पिछले दिनों भारत बायोटेक ने बताया कि जानवरों पर यह वैक्‍सीन पूरी तरह से असरदार रही है. देश में फिलहाल इस वैक्सीन का फेज 2 ट्रायल चल रहा है. 

वैक्‍सीन ZyCov-D का इंसानों पर फेज 1 क्लिनिकल ट्रायल किया जा रहा:
जायडस कैडिला हेल्‍थकेयर की वैक्‍सीन ZyCov-D का इंसानों पर फेज 1 क्लिनिकल ट्रायल किया जा रहा है. देश में बनी इस वैक्‍सीन के ह्यूमन ट्रायल की परमिशन ड्रग्‍स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) ने जुलाई में दी थी. ये वैक्‍सीन पहले चूहों और खरगोश पर टेस्‍ट की गई है और उसका डेटा DGCI को सबमिट किया गया था.  
 

CoronaVirus in India: पिछले 24 घंटे में 96424 नए मामले सामने आए, संक्रमितों का आंकड़ा 52 लाख के पार

CoronaVirus in India: पिछले 24 घंटे में 96424 नए मामले सामने आए, संक्रमितों का आंकड़ा 52 लाख के पार

नई दिल्ली: भारत में लगातार तेजी से कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 96,424 नए कोरोना मामले दर्ज किए गए हैं. गुरुवार को 1174 मरीजों की जान गई ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 84,372 गई है. देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 52,14,678 हो गए हैं, जिनमें से 10,17,754 लोगों का उपचार चल रहा है और 41,12,552 लोग उपचार के बाद इस बीमारी से उबर चुके हैं. 

कुल 6,15,72,343 नमूनों की जांच की गई:
आईसीएमआर की ओर से जारी आंकड़े के मुताबिक, देशभर में 17 सितंबर तक कुल 6,15,72,343 नमूनों की जांच की गई, जिनमें से गुरुवार को एक दिन में 10,06,615 नमूनों की जांच की गई.

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मृत्यु दर में गिरावट:
राहत की बात है कि मृत्यु दर और एक्टिव केस रेट में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. मृत्यु दर गिरकर 1.62% हो गई. इसके अलावा एक्टिव केस जिनका इलाज चल है उनकी दर भी घटकर 20% हो गई है. इसके साथ ही रिकवरी रेट यानी ठीक होने की दर 79% हो गई है. भारत में रिकवरी रेट लगातार बढ़ रहा है. 

दुनियाभर में कोरोना से 9.50 लाख लोगों की मौत:
दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के मामलों की रफ्तार एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगी है. लगातार दूसरे दिन दुनिया में तीन लाख से ज्यादा नए मामले आए हैं. वहीं कोरोना से मरने वालो का आंकड़ा साढ़े नौ लाख के पार पहुंच गया है. पिछले 24 घंटों में दुनिया में 3 लाख 6 हजार नए मामले सामने आए हैं और 5 हजार 432 लोगों की जान चली गई. राहत की बात ये है कि इनमें से दो करोड़ 20 लाख से ज्यादा लोग ठीक भी हुए हैं.
 

केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर का इस्तीफा मंजूर, तोमर को मिला अतिरिक्त प्रभार

केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर का इस्तीफा मंजूर, तोमर को मिला अतिरिक्त प्रभार

नई दिल्ली: पीएम मोदी से सलाह के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. लोकसभा में तीन कृषि बिलों को पारित कराए जाने से नाराज हरसिमरत ने गुरुवार को मंत्रिपद से इस्तीफा दे दिया था. राष्ट्रपति ने केंद्रीय मंत्री परिषद से हरसिमरत का इस्तीफा संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत स्वीकार किया है. प्रधानमंत्री द्वारा सलाह-मशविरा के बाद राष्ट्रपति ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है. 

विधेयकों पर सत्तारूढ़ राजग में फूट पड़ गई: 
कृषि संबंधी तीन अध्यादेशों को कानूनी जामा पहनाने संबंधी विधेयकों पर सत्तारूढ़ राजग में फूट पड़ गई है. विधेयक से जुड़े प्रावधानों पर नाराजगी जताते हुए केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कल मोदी मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था. इससे पहले लोकसभा में विधेयकों पर चर्चा के दौरान पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने उनके इस्तीफे की घोषणा की थी. हालांकि उन्होंने कहा कि पार्टी एनडीए सरकार को समर्थन जारी रखेगी. 

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इस्तीफे की जानकारी हरसिमरत कौर बादल ने ट्वीट कर दी: 
बता दें कि मोदी कैबिनेट से अपने इस्तीफे की जानकारी हरसिमरत कौर बादल ने ट्वीट कर दी थी. अपने ट्वीट में उन्होंने कहा कि मैंने किसान विरोधी अध्यादेशों और कानून के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है. किसानों के साथ उनकी बेटी और बहन के रूप में खड़े होने का गर्व है. हरसिमरत कौर बादल केंद्रीय खाद्य एवं प्रसंस्करण उद्योग मंत्री थीं. यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि बीजेपी की सहयोगी शिरोमणि अकाली दल अध्यादेश का विरोध कर रही है.


 

कृषि से जुड़े बिल को लेकर नाराज अकाली दल, केन्द्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने दिया इस्तीफा

कृषि से जुड़े बिल को लेकर नाराज अकाली दल, केन्द्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने दिया इस्तीफा

नई दिल्ली: कृषि से जुड़े बिल को लेकर केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने इस्तीफा दे दिया है. किसानों को लेकर लाए जा रहे बिल के विरोध में हरसिमरत कौर ने मंत्रिमंडल छोड़ दिया है. हरसिमरत कौर ने प्रधानमंत्री कार्यालय इस्तीफा भेजा है. 3 कृषि विधेयकों को लेकर आज ही लोकसभा में वोटिंग होनी है. पंजाब के अकाली दल से ताल्लुक रखने वाली हरसिमरत कौर खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हैं. 

किसान बिल को लेकर पंजाब में जबरदस्त प्रदर्शन:
कौर के इस्तीफे के बाद अकाली दल ने कहा कि केंद्र सरकार को समर्थन जारी रहेगा. इसमें कोई परिवर्तन आने नहीं जा रहा है. आपको बता दें कि किसान बिल को लेकर पंजाब में जबरदस्त प्रदर्शन हो रहे हैं. किसान सड़कों पर हैं और केंद्र सरकार के इस बिल का विरोध कर रहे हैं. 

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पंजाब की कांग्रेस सरकार ने किया किसानों का समर्थन:
पंजाब की कांग्रेस सरकार ने किसानों का समर्थन किया है.वहीं, पहले तो अकाली दल इस बिल के पक्ष में था, लेकिन लगातार हो रहे प्रदर्शनों के बीच अकाली दल ने यूटर्न लिया और बिल का विरोध करना शुरू किया. इसके बाद हरसिमरत कौर को इस्तीफा देना पड़ा है. 

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