यमुना के तट पर छठ पूजा की अनुमति नहीं देने से गुस्साएं दिल्ली के बीजेपी कार्यकर्ता, कहा- पूजा तो यमूना तट पर ही करेंगे, रोक सको तो रोक लेना

यमुना के तट पर छठ पूजा की अनुमति नहीं देने से गुस्साएं दिल्ली के बीजेपी कार्यकर्ता, कहा- पूजा तो यमूना तट पर ही करेंगे, रोक सको तो रोक लेना

यमुना के तट पर छठ पूजा की अनुमति नहीं देने से गुस्साएं दिल्ली के बीजेपी कार्यकर्ता, कहा- पूजा तो यमूना तट पर ही करेंगे, रोक सको तो रोक लेना

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP)  की दिल्ली इकाई ने यमुना नदी के किनारों पर छठ पूजा की अनुमति नहीं देने के दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA)  के निर्णय पर शुक्रवार को आपत्ति जताई और कहा कि वह नियमों को तोड़ते हुए पर्व मनाने के लिए नदी के आसपास के इलाकों में जाएगी. 

उत्तर पूर्वी दिल्ली से भाजपा के सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि यह कदम ‘‘पूर्वांचलियों की धार्मिक आस्थाओं से खेलने’’ जैसा है. वहीं पश्चिमी दिल्ली से सांसद प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि वह छठ का पर्व यमुना के घाट पर ही मनाएंगे. तिवारी ने एक बयान जारी करके कहा कि वह यह जान कर ‘‘स्तब्ध’’ हैं कि श्रद्धालुओं को छठ पर्व यमुना नदी के किनारों पर मनाने की अनुमति नहीं है. 

पूर्वांचलियों की धार्मिक आस्थाओं के साथ खिलवाड़: 
उन्होंने एक बयान में कहा कि मैं यह जानकर हैरान हूं कि दिल्ली सरकार ने यमुना के तट पर छठ उत्सव पर फिर से प्रतिबंध लगा दिया है. यह पूर्वांचलियों की धार्मिक आस्थाओं के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास है, अरविंद केजरीवाल की हिंदू विरोधी नीति बेनकाब हो रही है. हम पूर्वांचली इसे स्वीकार नहीं करते. वहीं पश्चिमी दिल्ली से सांसद सिंह ने भी इस फैसले पर अपना गुस्सा जाहिर किया और कहा कि वह यमुना घाट पर ही छठ मनाएंगे. सिंह ने ट्वीट किया कि छठ पूर्वांचल के भाइयों और बहनों के लिए सबसे बड़ा त्योहार है और उस पर प्रतिबंध लगाना उनकी मान्यताओं के साथ खेलने जैसा है. केजरीवाल जी, मैं खुद यमुना में जाऊंगा और सुनिश्चित करूंगा कि छठ पूजा वहां हो, अगर आप मुझे रोक सकें तो रोक लीजिए. 

गौरतलब है कि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA)  ने एक आदेश जारी करके शुक्रवार को कहा कि यमुना नदी के किनारों को छोड़ कर दिल्ली में निर्दिष्ट स्थानों पर छठ पूजा की अनुमति होगी. सोर्स-भाषा
 

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