Delhi Pollution: दिल्ली में गहराता जा रहा स्मॉग, प्रदूषण के स्तर में भारी वृद्धि के बाद वायु गुणवत्ता 454 पर पहुंची

Delhi Pollution: दिल्ली में गहराता जा रहा स्मॉग, प्रदूषण के स्तर में भारी वृद्धि के बाद वायु गुणवत्ता 454 पर पहुंची

Delhi Pollution: दिल्ली में गहराता जा रहा स्मॉग, प्रदूषण के स्तर में भारी वृद्धि के बाद वायु गुणवत्ता 454 पर पहुंची

नई दिल्ली: दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शुक्रवार को ‘स्मॉग’ और घना हो गया तथा कई जगहों पर दृश्यता 200 मीटर रही. राजधानी में नवंबर की शुरुआत से ही प्रदूषण के स्तर में वृद्धि देखने को मिल रही है. दिल्ली में दीपावली के बाद पिछले सात दिन से वायु गुणवत्ता का स्तर गंभीर श्रेणी में है. 

इन इलाकों में इतना AQI किया गया दर्ज:
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के एक विश्लेषण के अनुसार, हर साल एक नवंबर से 15 नवंबर के बीच दिल्ली में लोगों को बेहद दूषित हवा में सांस लेना पड़ता है. शहर में सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 454 दर्ज किया गया. गुरुवार को एक्यूआई का 24 घंटे का औसत 411 था.  सुबह नौ बजे फरीदाबाद में एक्यूआई 490 रहा, इसके अलावा ग्रेटर नोएडा में 476, गुरुग्राम में 418 और नोएडा में यह 434 दर्ज किया गया. 

शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को “अच्छा”, 51 से 100 के बीच में “संतोषजनक”, 101 से 200 के बीच “मध्यम”, 201 से 300 तक “खराब”, 301 से 400 के बीच में “बेहद खराब” तथा 401 से 500 के बीच “गंभीर” माना जाता है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण समिति के अनुसार, सुबह नौ बजे दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कारक कण पीएम 2.5 की मात्रा 346 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर थी जो कि 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की सुरक्षित सीमा से लगभग छह गुना अधिक थी. 

पीएम 10 का स्तर 544 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई. ‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान’ (जीआरएपी) के अनुसार, 48 घंटे या ज्यादा अवधि के दौरान, पीएम 2.5 का स्तर 300 माइक्रोग्राम से ज्यादा और पीएम 10 का स्तर 500 माइक्रोग्राम से अधिक होने पर वायु गुणवत्ता को आपातकालीन श्रेणी में माना जाता है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में सुबह मध्यम स्तर का कोहरा छाया था और ठंड थी. दिल्ली में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और हवा की गति कम होने के चलते प्रदूषण कारक तत्वों की मात्रा अधिक रही. एक अधिकारी ने कहा, “इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और सफदरजंग हवाई अड्डे पर कोहरे के कारण दृश्यता 300-500 मीटर रही.  आर्द्रता अधिक होने की वजह से शुक्रवार को कोहरा और घना हो गया. 

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