मुकुंदरा टाइगर रिजर्व एरिया में बाघों को शिफ्टिंग करने की मांग

मुकुंदरा टाइगर रिजर्व एरिया में बाघों को शिफ्टिंग करने की मांग

मुकुंदरा टाइगर रिजर्व एरिया में बाघों को शिफ्टिंग करने की मांग

कोटा: रणथम्भौर में बाघों के बीच बढ़ते आपसी संघर्ष के मामलों ने वन्यजीव प्रेमियों को चिंता में डाल दिया है. ऐसे में बाघों को अन्य टाइगर रिजर्व में शिफ्टिंग करने की मांग जोर पकड़ने लगी है. इसमें सरिस्का की अपेक्षा मुकुंदरा टाइगर रिजर्व एरिया पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है क्योंकि इसका क्षेत्रफल इतना बड़ा है कि रणथम्भौर से सभी अतिरिक्त बाघों को यहां शिफ्ट किया जा सकता है. 

कोटा में बाघों के संरक्षण के लिए काम कर रही हम लोग संस्था ने बैठक करके इस संबंध में चर्चा भी की और बाघो के आपसी संघर्ष को खत्म करने के लिए जल्द मुकुंदरा टाइगर रिजर्व एरिया में बाघों को शिफ्ट करने को लेकर वनविभाग के अधिकारियों के साथ राज्य सरकार तक मांगपत्र भेजने की तैयारी कर रहे है.

संस्था के अध्यक्ष डॉ सुधीर गुप्ता के अनुसार रणथम्भौर नेशनल पार्क में 17 से अधिक टाइगर अतिरिक्त है जो लगातार टेरिटरी की तलाश में कभी गांवों का रुख कर रहे है तो कभी आपसी संघर्ष का शिकार हो रहे है. जिन्हे मुकुंदरा में शिफ्ट किया जा सकता है. इसके साथ ही गांवों के विस्थापन को लेकर भी अब राज्य और केंद्र सरकार को मिलकर नई पहल करनी आवश्यक हो गई है. 

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