बैंक ऑफ बड़ौदा में हुआ देना बैंक और विजया बैंक का विलय

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/04/02 09:00

जयपुर। वित्तीय वर्ष 2019-20 के पहले ही दिन देना बैंक और विजया बैंक के बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय के बाद देश के सार्वजनिक बैंकों में बैंक ऑफ बड़ौदा अब दूसरे नम्बर पर आ गया है । बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से विलीन हुए दोनों बैंकों में से किसी भी बैंक की शाखा को बंद नहीं किए जाने, कर्मचारियों की छंटनी नहीं किए जाने व ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं व तकनीक का लाभ मिलने का दावा किया गया है। 

यह अलग बात है कि बैंक ऑफ बड़ौदा में उपयोग किए जा रहे बैंकिंग सॉफ्टवेयर फिनाकल का वर्जन 10 उपयोग में लिया जा रहा है, जबकि विलीन हुए देना बैंक और विजया बैंक में फिनाकल सॉफ्टवेयर के वर्जन 7 का उपयोग हो रहा है, जिससे तकनीकी समस्याएं आएंगी, और विलीन होने वाले बैंकों के कर्मचारियों व अधिकारियों को अपडेट होना पड़ेगा, जिसके लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी। बैंक ऑफ बड़ौदा के जयपुर अंचल के प्रमुख और महाप्रबंधक प्रकाश वीर राठी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि विलय के बाद BOB देना व विजया बैंक के ग्राहकों को शीघ्र ही अत्याधुनिक बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराएगा। हालांकि तकनीकी अपडेट में उन्होंने 12 से 18 माह का समय लगने की बात भी स्वीकारी। 

उधर, सूत्रों का कहना है कि विलय के बाद BOB ही सबसे अधिक लाभ की स्थिति में रहेगा। राज्य में अब BOB की शाखाएं 715 के स्तर पर पहुंच जाएंगी। कुल कारोबार का आकार भी बढ़कर 67966 करोड़ रुपए के स्तर पर पहुंच जाएगा। विलय के बाद कुल कर्मचारियों व अधिकारियों की संख्या बढ़कर 6294 के स्तर पर पहुंच जाएगी। उधर, आज विलय के बाद देना बैंक की शाखाओं के बाद जहां NOW Bank of Baroda लिखा नजर आने लगा, वहीं एक दो दिन में विजया बैंक की शाखाओं के बाद भी उनके नाम के NOW Bank of Baroda लिखा नजर आएगा। 

 .... विमल कोठारी, फर्स्ट इण्डिया न्यूज़, जयपुर

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