VIDEO: प्रदेश में 'मौत' बनकर उभर रहा डेंगू हो रहा बेकाबू, सरकारी रिकॉर्ड में अब तक 12 जान ले चुका

Vikas Sharma Published Date 2019/11/18 09:11

जयपुर: प्रदेश में 'मौत' बनकर उभर रहा डेंगू दिनोंदिन बेकाबू स्थिति में पहुंचा जा रहा है. पिछले एक सप्ताह की बात की जाए तो डेंगू से चार लोग जिंदगी गंवा चुके है. जबकि पॉजिटिव मरीजों का ग्राफ एकसाथ एक चौथाई तक बढ़ा है. एकाएक बढ़े पॉजिटिव मरीजों के आंकड़े ने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के भी 'फ्यूज' उड़ा दिए है. 

डेंगू के डंक ने जनता परेशान: 
राजस्थान इनदिनों मौसमी बीमारियों की चपेट में है. स्वाइन फ्लू, स्क्रब-टाइफस के बाद अब डेंगू के डंक ने जनता को हैरान परेशान कर रखा है. चिकित्सा विभाग के कारिंदे भले की डेंगू की रोकथाम के दावे कर रहे हो, लेकिन सच्चाई ये है कि पिछले एक सप्ताह में डेंगू ने सैंकड़ों लोगों को बिस्तर पर ला दिया है. यदि सिर्फ सरकारी रिपोर्ट कार्ड का जिक्र करें तो राजस्थान में इस साल अब तक 12 लोगों की मौत डेंगू से हुई है, जिनमें से चार लोगों की मौत तो पिछले एक सप्ताह में ही सामने आई है. इसके अलावा पॉजिटिव मरीजों का ग्राफ भी 9 हजार का आंकड़ा छूने के कगार पर है. आइए आपको बताते है कैसे भयावह रूप लेता जा रहा है डेंगू का डेंगू

डेंगू का पिछले एक सप्ताह का 'सीटी-स्कैन' : 
- डेंगू का डंक बांट रहा मरूधरा में "मौत"
- एक सप्ताह में डेंगू ने थामी चार लोगों की सांसे
- चिकित्सा विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक छह नवम्बर तक प्रदेश में आठ मौतें, जो आंकड़ा अब पहुंचा 12
- जयपुर जिलें में सर्वाधिक पांच जनों की मौत, इसमें से जयपुर शहर में तीन और ग्रामीण में दो मौतें
- अलवर में दो भरतपुर में दो, सीकर में दो और करौली में एक जने की मौत
- पॉजिटिव मरीजों के ग्राफ में भी सात दिन में 2777 मरीजों की बढ़ोत्तरी
- एक सप्ताह पहले के 5945 के आंकड़े से बढ़कर डेंगू के मरीजों का आंकड़ा अब पहुंचा 8722

डेंगू का चिकित्सा विभाग जो आंकड़ा पेश कर रहा है, उसमें और फील्ड की स्थिति में काफी अन्तर भी देखा जा रहा है. इसके पीछे की सच्चाई ये है कि विभाग की लाख सख्ती के बावजूद निजी अस्पताल डेंगू का आंकड़ा उपलब्ध नहीं करवा रहे है. लेकिन जिस तरह से एक सप्ताह में डेंगू के मरीजों का आंकड़ा बढ़ा है, उससे अंदेशा लग रहा है कि पिछले तीन सालों में डेंगू का इस बार सबसे भयावह रूप सामने आ रहा है.

डेंगू के पिछले सालों के केस से तुलना  
वर्ष - ----- केस ----- मौतें
2017 -- 8242 -- 14
2018 -- 9911 -- 14
2019 -- 8722  -- 12 (मुख्यालय की रिपोर्ट के मुताबिक)

डेंगू के ये लक्षण : अचानक बुखार आना, सिर में आगे की तरफ तेज दर्द, आंखों के पीछे व आंखों के हिलने में दर्द, मांसपेशियों जोड़ों में दर्द, स्वाद का पता न चलना व भूख न लगता

डेंगू से बचाव : घर में मच्छरों को न पनपने दें....किसी भी जगह पानी एकत्र न होने दें....पूरे शरीर को ढककर रहे....बीमारी के लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सक से सम्पर्क करें.

डेंगू की भयावह तस्वीर की रोकथाम के लिए चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा गंभीर नजर आ रहे है. चिकित्सा मंत्री ने कल ही अधिकारियों से पूरे प्रदेशभर का फीडबैक लिया, जिसमें सामने आया है कि तीन माह में चिकित्सा विभाग की टीमों ने एक करोड़ 36 लाख घरों तक दस्तक दी है. आइए आपको बताते है अभियान की बानगी...
- मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए 'डोर टू डोर' सर्वे
- मंत्री डॉ.रघु शर्मा ने पिछले दिनों किए सर्वे की रिपोर्ट की जारी
- अगस्त, सितम्बर, अक्टूबर व नवम्बर माह में प्रदेशभर में किए सर्वे
- स्वास्थ दलों द्वारा कराया गया क्षेत्रों, मौहल्लों का दौरा
- 6 लाख 10 हजार से अधिक क्षेत्रों, मौहल्लों का किया दौरा
- 1 करोड़ 36 लाख से अधिक घरों की हुई जांच
- लगभग 4 लाख कन्टेनरों में पाया लार्वा, जिसे किया उपचारित
- 32 लाख से अधिक स्थानों पर टेमीफोस सहित
- MLO डालने की कार्रवाई की गई
- सर्वे के दौरान मिले लगभग 4 लाख बुखार के रोगी
- इन सभी को आवश्यकतानुसार दिया उपचार

बहरहाल, डेंगू के बढ़ते प्रकोप के बाद चिकित्सा मंत्री के निर्देश पर विभागीय अधिकारी अलर्ट मोड में आ गए है. लेकिन अब जरूरी यह हो गया है कि डेंगू जिस गति से फैल रहा है, उसको देखते हुए आमजन भी जागरूकत हो. अपने आसपास पानी के ठहराव को समाप्त करें. अन्यथा यदि सरकारी मशीनरी के भरोसे ही बैठे रहे, तो डेंगू का डंक थमने का नाम नहीं लेगा.
 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in