जयपुर राज्य में पैरामिलिट्री फोर्स तैनात करना राज्य सरकार की पॉलिसी डीसीजन- हाईकोर्ट

राज्य में पैरामिलिट्री फोर्स तैनात करना राज्य सरकार की पॉलिसी डीसीजन- हाईकोर्ट

राज्य में पैरामिलिट्री फोर्स तैनात करना राज्य सरकार की पॉलिसी डीसीजन- हाईकोर्ट

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर के रामगंज सहित प्रदेश के कोरोना के हॉटस्र्पाट इलाको में पैरामिलिट्री फोर्स तैनात करने के मामले में हस्तक्षेप से इंकार कर दिया है. हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य में पैरामिलिट्री फोर्स तैनात करना राज्य सरकार की पॉलिसी डिसीजन का हिस्सा है. ऐसे में हाईकोर्ट इस प्रकार के मामलो में रिट याचिका के तहत हस्तक्षेप नही कर सकता. मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और जस्टिस सतीश शर्मा ने इसके साथ ही एडवोकेट तनवीर अहमद की जनहित याचिका को भी खारिज कर दिया है. तनवीर अहमद ने जनहित याचिका में लगातार आ रहे मामलों का हवाला देते हुए बीएसएफ और सीआरपीएफ  लगाने की मांग की थी.

मनरेगा में बढ़ी मजदूरी, मजदूरी दर ढ़ाकर 220 रूपये प्रतिदिन की गई- सचिन पायलट  

सरकार पूरी तरह से लॉकडाउन और कर्फ्यू की पालना करवाने में असफल रही:
अधिवक्ता तनवीर अहमद ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि रामगंज इलाके से लगातार कोरोना पॉजिटिव मरीज आ रहे हैं. यहां पर सरकार पूरी तरह से लॉकडाउन और कर्फ्यू की पालना करवाने में असफल रही है. इसी वजह से बीएसएफ, सीआरपीएफ सहित अन्य पैरामिलिट्री फोर्स को तैनात किया जाना चाहिए. मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत माहान्ती और न्यायाधीश सतीश कुमार शर्मा ने खंडपीठ अपने फैसले में कहा कि कोरोना को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने पुलिस और आरएसी को नियुक्त किया है कई दूसरे आवश्यक कदम उठाए हैं. बीएसएफ या सीआरपीएफ सहित पैरामिलिट्री फोर्स नियुक्त करना या नहीं करना सरकार का नीतिगत मामला है. इस तरह के मामले न्यायिक क्षेत्राधिकार में नहीं आते हैं. 

प्रदेश में जल्द शुरू होगा सड़क निर्माण का कार्य, श्रमिक प्रधान कार्यों को देंगे प्राथमिकता- सचिन पायलट 

और पढ़ें