देवस्थान विभाग में एक करोड़ साढ़े नौ लाख का गबन

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/12/13 01:26

हनुमानगढ़। हनुमानगढ़ के देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त कार्यालय मे एक करोड़ साढ़े नौ लाख के गबन का मामला सामने आया है और विभाग की सहायक आयुक्त इसको दबाने मे लगी हुई थी। इसको लेकर चार माह बाद सहायक आयुक्त दीपिका मेघवाल ने कैशियर शिवकिसन पुरोहित और डबलएएओं प्ररमिन्द्र सिंह के खिलाफ बुधवार को गोगामेड़ी पुलिस थाने मे मामला दर्ज कराया है। 

यह चोरी का मामला विभाग के अन्तर्गत आने वाले गोगामेड़ी मेले के दौरान हुआ है। विभाग के कैशियर शिवकिसन पुरोहित  ने इसमे सीधे-सीधेआरोप विभाग के डबलएएओं प्ररमिन्द्र सिंह ओर सहायक आयुक्त दीपिका मेघवाल पर लगाया है। 

कैशियर शिवकिसन ने इसको लेकर सोमवार को इस बात की आशंका जताई थी कि सहायक आयुक्त द्वारा पुलिस और एक प्रशासनिक अधिकारी के सहयोग से उन पर दबाब बनाया जा रहा है कि वह यह गबन अपने ऊपर ले लेवें तो हम आपकी पूरी मदद करेगें। कैशियर ने बताया कि 15 अगस्त को भादरा के बैंक मे ई-चालान नही बनने पर केश जमा नही हो सका जिसकी उन्होने तुरंत सुचना डबलएएओ प्ररमिन्द्र सिंह ओर सहायक आयुक्त को दी परन्तु वह लोग 25 अगस्त को गोगामेड़ी पहुॅचे, जब 26 को रूपये से भरा बैग संभाला तो वह गायब मिला जिसको लेक र शिवकिसन ने लिखित मे सूचना देते हुए केश चोरी होने का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की परन्तु विभाग के अधिकारी अपनी संलिप्लता होने के कारण मामले पर लीपा-पोती करते रहे। हार कर श्री किसन ने  5 नवम्बर को राजस्थान सरकार मे मंत्री राजेन्द्र ङ्क्षसह राठौड़ को व्यक्तिगत रूप से पत्र लिखकर इस घोटाले की जांच की मांग की तो सचिव के.के पाठक के निर्देश पर आई जांच टीम ने 3 दिसम्बर से पांच दिसम्बर तक जांच के बाद इस गबन का खुलाशा किया तो सहायक आयुक्त ने अपनी जान बचाने के लिए कैशियर को बली का बकरा बनाने की साजिश रची।

हैरानी वाली बात यह है कि जब कैशियर ने 26 अगस्त को केश चोरी की लिखित मे सूचना दे दी तो आयुक्त ने मुकदमा दर्ज क्यों नही कराया और अब विभागीय जांच मे खुलाशा होने पर मुकदमें की कार्यवाही की गई है। यही नही मेघवाल ने मुकदमा दर्ज कराने से पूर्व कैशियर को आरोप अपने सर लेने के लिए प्रताडि़त किया परन्तु कैशियर द्वारा इंकार करने के बाद उसे वाटसअप पर निलबंन आदेश भेजकर एफआई आर दर्ज कराई है। जबकि कैशियर का कहना है कि सहायक आयुक्त को निलबंन का अधिकार ही नही है। देवस्थान विभाग मे भ्रष्टाचार और घोटालों का यह पहला मामला नही है 2004 मे ऐसीबी की टीम ने गोगामेड़ी से मेले के दौरान चोरी कर ले जाते हुए लाखों की नगदी सहित सोने चॉदी के जेवरात सहित कई कर्मचारीयो को गिरफतार किया था।
 रमेश कुमार स्वामी-भादरा

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