मोब लिंचिंग का शिकार हुए हरीश जाटव के परिवार से मिले डिप्टी सीएम पायलट 

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/21 09:07

भिवाड़ी: राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट आज भिवाड़ी के चोपानकी पुलिस थाना अंतर्गत झिवाणा में मोब लिंचिंग का शिकार हुए हरीश जाटव के परिवार से मिले और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया. इसके बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि उनके परिजनों ने कुछ मांगे रखी हैं. 

नए पुलिस अधीक्षक की नियुक्ति:
वहीं उन्होंने कहा कि अलवर में नए पुलिस अधीक्षक की नियुक्ति की है, जो कल से इस मामले में जांच शुरू कर देंगे और जो भी जांच में दोषी होगा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसमें कोई भी जाति का हो समुदाय का हो कोई भी रसूखदार हो कानून सबके लिए बराबर है. सजगता से और पारदर्शिता से इस मामले में नए सिरे से जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि परिजनों ने उनके सामने मांग रखी कि है एफआईआर के अनुसार जांच हो, उन्होंने सरकार की ओर से आश्वस्त किया है कि इस मामले में पूरी जांच में पारदर्शिता बरती जाएगी. परिजनों द्वारा अधिकारियों के हटाने की मांग के सवाल पर उन्होंने कहा कि अब नए सिरे से जांच हो रही है और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी. 

पहलू खान मामले में एसआईटी का गठन:
आश्वासन देकर धरना प्रदर्शन खत्म कराने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी गई है. जिला कलेक्टर और यहां के मंत्री को भी बोला है, क्योंकि इनके छोटी चार बच्चियां हैं और परिवार की आजीविका के लिए आर्थिक संबल भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ है और उन्होंने ऐसी घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस जिले में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं, जिन्हें हम व समाज को आत्मचिंतन करने की जरूरत है. पहलू खान की हत्या पर उन्होंने कहा कि इस मामले में पहलू खान की मौत हुई, फिर उसका कोर्ट का डिसीजन आया और अब सरकार को एसआईटी का गठन कर जांच सौंपी गई है. उन्होंने कहा कि अगर सही समय पर सही तथ्यों के आधार पर जांच की जाती तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती.

क्या है मामला:
गौरतलब है कि एक महीना पहले झिवाना के पास फासल गांव में एक बाइक की टक्कर के बाद कुछ लोगों ने झिवाणा निवासी हरीश जाटव के साथ मारपीट कर दी थी. जिसका दिल्ली में सफदरजंग अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी. मामले में मृतक के परिजनों ने द्वारा नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था. उसके बाद आरोपियों द्वारा परिजनों को धमकी दी जाने लगी कि या तो मुकदमा वापस ले लो, नहीं तो हम तुम्हें कहीं का नहीं छोड़ेंगे. इस धमकियों से अजीज व पुलिस लापरवाही के चलते मोब लिंचिंग का शिकार हुए हरीश जाटव के पिता रतिराम जाटव ने भी 5 दिन पहले 15 अगस्त को जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी. उसके बाद 3 दिन तक शव को नहीं उठाया गया और आंदोलन किया गया. इस मामले में  सरकार की ओर से कई आश्वासन दिए गए अब इस मामले को गंभीरता से लेकर लेते हुए उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट झिवाना पहुंचे. 

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