डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने इस बार 10 प्रदेशों में की 128 जनसभाएं व रोड शो

Naresh Sharma Published Date 2019/05/20 04:38

जयपुर: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और राज्य के उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने लोकसभा चुनाव राजस्थान सहित 10 प्रदेशों में चुनाव प्रचार किया और इस दौरान उन्होंने कुल 128 जनसभाएं व रोड शो किए. 14 मार्च से 15 मई तक हुए इन चुनावी दौरों में सचिन पायलट का जोर गुर्जर बाहुल्य इलाकों टोंक, अजमेर व दौसा में रहा. हालांकि चुनाव प्रचार के दौरान पायलट बारां झालावाड़ में चुनाव प्रचार करने नहीं जा सके. खास रिपोर्ट:

सचिन पायलट के लोकसभा चुनाव में जनसभाएं व रोड:
देश में लोकसभा के चुनाव संपन्न हो गए हैं और अब एक्जिट पोल भी आ गए हैं. असली परिणाम तो 23 मई को ही आएंगे, लेकिन नेताओं ने चुनाव प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ी. राजस्थान के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट की बात करें, तो उन्होंने काफी चुनावी उड़ान भरी और 10 राज्यों में चुनाव प्रचार किया. राजस्थान की बात करें, तो कुछ को छोड़कर एक सीट पर उन्होंने कम से कम दो सभाएं व रोड शो किए. सचिन का जोर हालांकि टोंक-सवाई माधोपुर, अजमेर व दौसा संसदीय सीट पर रहा, जो गुर्जर बाहुल्य इलाका माना जाता है. इनमें से अजमेर व दौसा से खुद सचिन भी सांसद रह चुके हैं, जबकि टोंक से वे अभी विधायक है. पायलट ने प्रदेश में 102 सभाएं की इनमें से 42 सभाएं व रोड शो इन तीन सीटों पर किए. पायलट ने दौसा में सबसे ज्यादा 18, टोंक सवाई माधोपुर में 13 व अजमेर में 11 जनसभाएं व रोड शो किए. टोंक-सवाई माधोपुर में उन्होंने एक ही दिन में 11 सभाएं की, दौसा में एक ही दिन में 12 व अजमेर में एक ही दिन में 7 जगह सभाएं की. राज्य की 25 में से 24 लोकसभा सीटों पर पायलट गए, लेकिन बारां-झालावाड़ में उन्होंने एक भी सभा नहीं की. यह क्षेत्र राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह का संसदीय क्षेत्र है. माना जा रहा है कि यहां पर कांग्रेस ने कमजोर उम्मीदवार उतारकर दुष्यंत को लगभग वॉकओवर दे दिया. 

तीन बार जोधपुर सीट का दौरा:
उदयपुर व बाड़मेर में पायटल का हैलीकॉप्टर कम ही घूमा. वहां पर उन्होंने एक-एक सभा ही की. इसी तरह झुंझुनूं, चुरू, जालौर, पाली, बांसवाड़ा, श्रीगंगानगर व अलवर में दो-दो जनसभाएं की. करौली-धौलपुर, बीकानेर, नागौर, भरतपुर, कोटा, राजसमंद, भीलवाड़ा में पायलट तीन बार प्रचार करने गए. मुख्यमंत्री के बेटे वैभव गहलोत का प्रचार करने के लिए पायलट ने तीन बार जोधपुर सीट का दौरा किया. वे नामांकन के समय भी मौजूद रहे. जयपुर ग्रामीण में क़ृष्णा पूनिया के प्रचार के लिए पांच सभाएं की, जबकि जयपुर शहर में ज्योति खंडेलवाल के लिए भी पांच बार ही जनता के बीच गए. सुभाष महरिया के लिए चार बार तथा चितौडगढ़ में गोपाल सिंह के लिए छह बार गए. गोपाल सिंह की टिकट पायलट की ही बताई जा रही है. 

10 प्रदेशों में की जनसभाएं:
पायलट ने दो महीने में 128 चुनावी सभाएं कीं. पायलट ने 14 मार्च को सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ से चुनावी सभाओं का आगाज किया. आखिरी सभा 15 मई को उन्होंने पश्चिम बंगाल के कोलकाता में की. इसके अलावा उत्तरप्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, तेलंगाना में सभाओं को संबोधित किया. वह सहारनपुर, शामली, उत्तरकाशी, हरिद्वार, छवेला, लातूर, मोरदाबाद, टिहरी गढ़वाल, कोलकाता, मुरैना, भोपाल, दिल्ली, कुरुक्षेत्र, गुरुग्राम, राजगढ़ आदि सीटों पर प्रचार करने पहुंचे. 

स्टार प्रचारकों में शामिल:
चुनाव प्रचार के दौरान पायलट का काफी व्यस्त कार्यक्रम रहा. राजस्थान में 29 अप्रेल और 6 मई को मतदान हुआ था. छह मई को जैसे ही राजस्थान में वोट पड़ गया. उसके बाद उप मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के कांग्रेस प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार करने के लिए मैदान में उतर गए. आठ से 15 मई के बीच में पायलट ने इन राज्यों में 14 चुनावी सभाएं और रोड शो किया. सचिन पायलट कांग्रेस के उन स्टार प्रचारकों में शामिल हो गए हैं, जिनकी डिमांड देश में सबसे अधिक रही. अब देखना यह कि जिन सीटों पर पायलट ने प्रचार किया, उनमें से कितनी कांग्रेस की झोली में आती है. 

... संवाददाता नरेश शर्मा की रिपोर्ट 

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