VIDEO: जयपुर में विकसित किया गया मरूस्थलीय क्षेत्र, किशनबाग,जयपुर के धोरे प्रोजेक्ट का मुख्यमंत्री अशोक गहलोत करेंगे लोकार्पण

VIDEO: जयपुर में विकसित किया गया मरूस्थलीय क्षेत्र, किशनबाग,जयपुर के धोरे प्रोजेक्ट का मुख्यमंत्री अशोक गहलोत करेंगे लोकार्पण

VIDEO: जयपुर में विकसित किया गया मरूस्थलीय क्षेत्र, किशनबाग,जयपुर के धोरे प्रोजेक्ट का मुख्यमंत्री अशोक गहलोत करेंगे लोकार्पण

जयपुर: राजस्थान का मरूस्थल क्षेत्र कैसा है यह जानने के लिए जयपुर वासियों को जैसलमेर,बाड़मेर या बीकानेर जाने की जरूरत नहीं होगी. राजधानी में नाहरगढ़ की पहाड़ियों की तलहटी में स्थित किशनबाग क्षेत्र में जयपुर विकास प्राधिकरण ने रेगिस्तान क्षेत्र का स्वरूप विकसित किया है. जल्द ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इसका लोकार्पण करेंगे.

नाहरगढ़ की पहाड़ियों की तलहटी में स्थित किशनबाग में प्राकृतिक रूप से बने रेत की टीबों की इस 64.30 हैक्टेयर भूमि पर किशनबाग जयपुर के धोरे प्रोजेक्ट को विकसित किया गया है. यह प्रोजेक्ट वर्ष 2016 में शुरू किया गया था. करीब 11 करोड़ रुपए लागत के इस प्रोजेक्ट का अधिकतर काम तो पिछले साल ही जयपुर विकास प्राधिकरण ने पूरा कर लिया था. लेकिन अब यहां लगाई मरूस्थलीय वनस्पति आकार लेने लगी है और यह इलाका रेत के धोरों के रूप में विकसित हो पाया है. नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल के स्तर पर इस अनूठे प्रोजेक्ट की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है. आपको सबसे पहले बताते हैं कि इस प्रोजेक्ट की विशेषताएं क्या है.

प्रोजेक्ट की विशेषताएं:
-किशनबाग का इलाका नाहरगढ़ अभ्यारण्य और इको सेंसेटिव जोन में शामिल है
-यह प्रोजेक्ट पूरे भारत में रेतीले टीबों में विकसित विशिष्ट और अद्वितीय पार्क है
-जेडीए अधिकारियों का यह भी दावा है कि संभवतया विश्व में कहीं भी रेतीले टीबो की विशेषता वाला कोई दूसरा पार्क नहीं हैं
-इस पूरे क्षेत्र में रेगिस्तानी प्रजातियों के करीब 7 हजार पौधे लगाए गए हैं
-खैर,रोंज,कुमठा,अकोल,धोंक,खेजड़ी,इंद्रोक,हिंगोट,ढाक,कैर,गूंदा,लसोडा,बर्ना,गूलर,फालसा,रोहिडा,दूधी,खेजडी,चुरैल,पीपल व जाल प्रजाति के पौधे लगाए गए हैं
-इनके अलावा अडूसा,बुई,वज्रदंती,आंवल,थोर,फोग,सिनाय,खींप  व फ्रास प्रजाति के भी पौधे लगाए गए हैं
-यहीं नहीं इलाके को पूरी तरह मरूस्थल के तौर पर विकसित करने के लिए लापडा,लाम्प,धामण,चिंकी,मकडो,डाब,करड और सेवण प्रजाति की घास भी उगाई है
-यहां मरू भूमि विकसित होने के साथ ही मरूस्थलीय क्षेत्र में पाए जाने वाले जीव-जंतु और पक्षियों का यहां प्राकृतिक वास बनने लग गया है

रेगिस्तानी थीम पर विकसित किए गए इस पार्क को देखने के लिए टिकट लगेगा. बतौर टिकट एक व्यक्ति को 50 रुपए देने होंगे. स्कूल भ्रमण पर आने वाले विद्यार्थियों का पार्क में प्रवेश मुफ्त रहेगा. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जल्द ही इस पार्क का लोकार्पण करेंगे. लोकार्पण से पहले नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल 16 अक्टूबर प्रात: 9 बजे इस प्रोजेक्ट का निरीक्षण करेंगे. आपको बताते हैं कि यहां आने वालों के लिए इस पार्क में और भी क्या आकर्षण होंगे-

जानिए, इस पार्क में और क्या आकर्षण होंगे:

-पार्क में रेगिस्तान में मिलने वाली सिलिका से बनी ऐतिहासिक चट्टानां और खनिजों का भी प्रदर्शन किया गया है
-पार्क के एक भाग में प्रागैतिहासिक जीवों के जीवाश्म के बारे में सरल भाषा में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है
-चट्टान कैसे बनती है,कैसे उस पर पौधे लगते है और चट्टान किस तरह मिट्टी में बदलती है
-इनका फोटो साइनेज के माध्यम से सरल भाषा में प्रदर्शन किया गया है
-यहां जो विशाल भू भाग में मरूस्थलीय वनस्पति विकसित की गई है, इसके लिए नियमित सिंचाई की जरूरत नहीं होगी
-केवल बारिश के पानी से ही यहां लगे पेड़-पौधे जीवित रहेंगे
-पूरे परियोजना क्षेत्र को सुरक्षा देने के लिए चारों तरफ फैंसिग की गई है

रेगिस्तानी थीम पर विकसित प्रोजेक्ट किशनबाग,जयपुर के धोरे के रखरखाव का जिम्मा जयपुर विकास प्राधिकरण ने राव जोधा डेजर्ट रॉक पार्क सोसायटी को दिया है. तीन वर्ष के संधारण पर 2 करोड़ 75 लाख रुपए खर्च होंगे. राजधानी के लोग बेसब्री से इस अदभुत पार्क में घूमने का इंतजार कर रहे हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जल्द ही जयपुर के लोगों को यह सौगात देंगे.

और पढ़ें