जोधपुर शिक्षा विभाग में गत वर्ष बैन लगाए जाने के बावजूद बैक डेट में हुए तबादलों का मामला, राजस्थान हाईकोर्ट ने दिए जांच के आदेश

शिक्षा विभाग में गत वर्ष बैन लगाए जाने के बावजूद बैक डेट में हुए तबादलों का मामला, राजस्थान हाईकोर्ट ने दिए जांच के आदेश

शिक्षा विभाग में गत वर्ष  बैन लगाए जाने के बावजूद बैक डेट में हुए तबादलों का मामला, राजस्थान हाईकोर्ट ने दिए जांच के आदेश

जोधपुर: शिक्षा विभाग में गत वर्ष राज्य सरकार की तरफ से बैन लगाए जाने के बावजूद बैक डेट में हुए तबादलों को राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर ने बहुत गंभीरता से लेते पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं. गत वर्ष सीनियर टीचर के तबादला सूची जारी होने के बाद बैक डेट में फिर से तबादला कर दिया गया. तबादला आदेश में अंतर होने को लेकर एक शिक्षिका ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की. 

इस याचिका की सुनवाई पर हाईकोर्ट ने पूरे प्रकरण की शिक्षा विभाग से सचिव को जांच कर रिपोर्ट अगली सुनवाई तिथि 25 फरवरी को पेश करने का आदेश दिया है. जोधपुर निवासी सीनियर टीचर बेला रामावत ने याचिका दायर कर बताया कि शिक्षा विभाग की तरफ से 30 अक्टूबर 2021 को सीनियर टीचर की तबादला सूची जारी की गई. इस सूची में उसका भी नाम शामिल था. इस आदेश की पालना में उसने 16 अक्टूबर को नए स्थान पर कार्यभार ग्रहण कर लिया. इसके दो दिन बाद 30 सितम्बर की डेट की तबादला सूची में उसका तबादला दूसरी जगह कर दिया गया.

इस पूरे प्रकरण की जांच करवाकर रिपोर्ट पेश करने का आदेश: 
बेला की तरफ से उनके अधिवक्ता ने सवाल उठाया कि बाद में निकले तबादला आदेश क्रमांक पहले का कैसे हो गया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से तबादलों पर रोक लगाए जाने के बावजूद अधिकारियों ने अपनी मर्जी से बैक डेट में तबादले किए. यह बहुत गंभीर मसला है. ऐसे में पूरे प्रकरण की जांच होनी चाहिए. न्यायाधीश अरुण भंसाली ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग (माध्यमिक) के सचिव को इस पूरे प्रकरण की स्वयं या अन्य समकक्ष अधिकारी से जांच करवा कर पूरी रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है. 
 

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