जयपुर VIDEO: सुप्रीम कोर्ट के आदेश और ईसी जारी होने के बावजूद अभी तक नहीं शुरु नहीं हो पाया बाड़मेर में बजरी का वैध खनन, लेकिन लूणी नदी में धड़ल्ले से चल रहा अवैध खनन

VIDEO: सुप्रीम कोर्ट के आदेश और ईसी जारी होने के बावजूद अभी तक नहीं शुरु नहीं हो पाया बाड़मेर में बजरी का वैध खनन, लेकिन लूणी नदी में धड़ल्ले से चल रहा अवैध खनन

जयपुर: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद और ईसी जारी होने के बावजूद अभी तक बाड़मेर जिले में बजरी का वैध खनन शुरु नहीं हो पाया है, इसके चलते लूणी नदी में बजरी का अवैध खनन धड़ल्ले से चल रहा है. माफिया दिन व रात के समय अवैध खनन कर बजरी का परिवहन कर रहे हैं. कल तो पचपदरा से खेड़ जाने वाले रास्ते पर बजरी माफिया द्वारा फायरिंग का भी मामला सामने आया है.

बजरी परिवहन में मोटी कमाई के चलते गत कुछ समय से इस काम में कुछ बदमाश प्रवृत्ति के युवक भी शामिल हो गए हैं, इसके चलते आए दिन जानलेवा हमला, मारपीट व गाड़ियों में तोड़फोड़ की घटनाएं हो रही है. इसे लेकर बालोतरा व पचपदरा पुलिस थाने में अब तक एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं. बजरी के अवैध खनन रोकने के काम में लगे रॉयल्टी कार्मिक व माफियाओं के बीच मुख्य मार्गों व बीच बाजार में हो रही मारपीट की घटनाओं से आमजन में दहशत का माहौल है. इतना ही नहीं, मंगलवार को पचपदरा से खेड़ जाने वाले मार्ग पर अवैध बजरी से भरा ट्रेक्टर रुकवाने के बाद रॉयल्टी कार्मिकों पर फायरिंग करने का मामला सामने आया हैं. स्कार्पियो सवार माफिया ने टीम पर दो राउंड फायर कर मौके से फरार हो गए. इसे लेकर रॉयल्टी कार्मिकों की ओर से पचपदरा थाना में मामला दर्ज करवाया गया है. पुलिस के अनुसार रोहिताश पुत्र बृजलाल निवासी मुकलावा तहसील रायसिंग नगर ने रिपोर्ट पेश कर बताया कि वह बालोतरा में रॉयल्टी कर्मचारी के रुप में तैनात हैं. 26 अप्रेल की सुबह करीब 8.45 बजे उन्हें सूचना मिली कि एक ट्रेक्टर अवैध बजरी से भरा हुआ जा रहा है. 

इस पर वह और रतनप्रतापसिंह पुत्र संपतसिंह निवासी सुरताणा व सुनिल पुत्र उम्मेदाराम जाट निवासी जीतपुरा नागाणाराय होटल से खेड़ रोड़ की तरफ करीब डेढ़ किमी आगे पहुंचे तो सामने से बजरी से भरे आ रहे ट्रेक्टर को रुकवाया. उसके पास रवन्ना रसीद नहीं होने पर उन्हांेने ट्रेक्टर को वहीं खाली करवाकर आगे के लिए रवाना हो गए. इस दौरान एक सफेद स्कार्पियो कार आई, जिसको केसाराम मारवाड़ी चला रहा था. जिसमें जगमाल जाट, मुरली, लाखाराम, श्रवण, गोविंद भाट व अमृत भाट बैठे हुए थे. इन लोगों ने हमारी गाड़ी के आगे स्कार्पियो डालकर जान से मारने की नियत से दो राउंड फायर किए. इस पर हमने नीचे झुककर अपना बचाव किया, इसके बाद आरोपी वहां से भाग गए. वहीं इस दरम्यान मौके पर तीन औरतें आई तथा हमें चारों तरफ से घेरकर पथराव शुरु कर दिया. इससे हमारे डंपर के शीशे तोड़कर कार्मिकों के साथ मारपीट की. इस पर उसके सिर, पैर व पीठ में चोटें भी आई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु की. दरअसल बिना पर्यावरण अनुमति हो रहे खनन पर 16 नवंबर 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश में बजरी के वैध खनन पर रोक लगा दी थी. 

इसके चलते शुरुआती कुछ समय तक तो खनन व पुलिस महकमे की सख्ताई के चलते छोटे स्तर पर अवैध खनन हो रहा था, लेकिन काफी महिनों तक बजरी नहीं खुलने से जगह-जगह अवैध खनन शुरु हो गया. बाड़मेर जिले से गुजर रही लूणी नदी में सामूजा से लेकर बालोतरा तथा सिणधरी क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध खनन का काम जारी रहा. बंद के करीब चार साल बाद गत वर्ष 2021 में सीईसी की रिपोर्ट पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश में बजरी खनन की लीगल अनुमति जारी कर दी, वहीं वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को ईसी जारी करने के आदेश दिए गए. इसके चलते प्रदेश में कुछ स्थानों पर वैध खनन शुरु हो गया हैं, लेकिन बाड़मेर जिले में अभी तक वैध खनन शुरु नहीं हो पाया. इस पर माफिया रात में लूणी नदी में जेसीबी मशीनें लगाकर बजरी का अवैध खनन कर परिवहन कर रहे हैं.
 

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