Dholpur: ऐतिहासिक शिव मंदिर पर दिखा अद्भुत चमत्कार, पट बंद होने के बाद अचानक बज उठे शंख और झालर; भोलेनाथ के नृत्य से जोड़कर भी देखा जा रहा

Dholpur: ऐतिहासिक शिव मंदिर पर दिखा अद्भुत चमत्कार, पट बंद होने के बाद अचानक बज उठे शंख और झालर; भोलेनाथ के नृत्य से जोड़कर भी देखा जा रहा

Dholpur: ऐतिहासिक शिव मंदिर पर दिखा अद्भुत चमत्कार, पट बंद होने के बाद अचानक बज उठे शंख और झालर; भोलेनाथ के नृत्य से जोड़कर भी देखा जा रहा

सैपऊ(धौलपुर): सैपऊ के ऐतिहासिक शिव मंदिर पर भगवान शिव के अद्भुत चमत्कार की कहानी सामने आई है. इस चमत्कार का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जोरों से वायरल हो रहा है जिसमें रात के अंधेरे में वाद्य यंत्र बचते हुए सुनाई दे रहे हैं. 

मंदिर पुजारी लोकेंद्र शर्मा व अन्य संत तथा ग्रामीणों के मुताबिक बुधवार तथा गुरुवार की मध्यरात्रि को जिस समय मंदिर के तीनों कपाट बंद थे और मंदिर में सुनसान था इसके अलावा ना कोई आंधी ना कोई बारिश अचानक से ही मंदिर में घंटे झालर व मृदंग बज उठे जो काफी समय तक बजते रहे. तभी मौके पर मंदिर पुजारी व संतों के अलावा ग्रामीण एकजुट हुए और जब मंदिर को खोला गया तो वे बंद हो गये. इस अद्भुत नजारे को लेकर कस्बेवासियों में तमाम तरह की चर्चा है और लोगों एवं श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर पर जमा है.

विश्वास, अंधविश्वास या कुछ और इसको लेकर हम कुछ नहीं कह सकते लेकिन बुधवार की रात्रि को हुआ यह पूरा वाक्या देखने वाले लोगों की जबानी हम आपको बता रहे हैं. स्वयंभू शिवलिंग वाले सैपऊ महादेव मंदिर के महंत पण्डित लोकेंद्र शर्मा ने बताया कि यह पहली बार देखने में नहीं आया है कई बार वाद्य यंत्र को स्वतः ही बजते हुये देखा गया हैं. कई बार आरती के दौरान जब वे किसी कारण से वाद्य यंत्र को बजाना भूल जाते हैं तब भी वह बीच आरती में स्वतः ही बज उठता है. अब इसे भोलेनाथ की कृपा कहे या उनका आशीर्वाद. इस वाक्ये पर भले ही लोग विश्वास करे या नहीं लेकिन ऐसा अक्सर मन्दिर में होता है.

 

इसे भोलेनाथ के नृत्य से जोड़कर भी देखा जा रहा:
संतों ने इसे भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद बताया है और इसे भोलेनाथ के नृत्य से जोड़कर भी देखा जा रहा है. लोगों की मान्यता है कि भगवान भोलेनाथ खुद यहां आकर नृत्य करते हैं अथवा उनका आशीर्वाद पाने के लिए देवी देवता बंद मंदिर में उनकी आरती करने आते हैं.

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