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बीसीसीआई की कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से धोनी बाहर,  A+ कैटेगरी में विराट, रोहित और बुमराह

बीसीसीआई की कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से धोनी बाहर,  A+ कैटेगरी में विराट, रोहित और बुमराह

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आज अपने सालाना कॉन्ट्रैक्ट की घोषणा की, लेकिन यह लिस्ट चौंकाने वाली है. दरअसल इस लिस्ट में पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का नाम शामिल नहीं है. वहीं धोनी को पिछले साल ए ग्रेड का कॉन्ट्रैक्ट मिला था. ऐसे में उनके करियर पर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं. 

इस साल बोर्ड ने 27 खिलाड़ियों से करार किया है, जो कि अक्टूबर 2019 से सितंबर 2020 तक जारी रहेगा. बीसीसीआई की ओर से जारी लिस्ट में ग्रेड A+ की लिस्ट में तीन खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्हें सालाना 7 करोड़ रुपये मिलेंगे. इनमें भारतीय कप्तान विराट कोहली, उपकप्तान रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह शामिल हैं. पिछले साल भी ये तीनों खिलाड़ी ए प्लस ग्रेड में थे. A कैटेगरी में 11, B कैटेगरी में 5 और C कैटेगरी में 8 खिलाड़ी शामिल हैं. लिस्ट में पहली बार मयंक अग्रवाल, नवदीप सैनी, दीपक चाहर, शार्दुल ठाकुर और वॉशिंगटन सुंदर को शामिल किया गया है. मयंक को ग्रेड बी में जगह मिली है. बाकी खिलाड़ियों को ग्रेड सी में शामिल किया गया है. 


 

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Dungarpur Violence: खेरवाड़ा कस्बे में उपद्रवियों पर पुलिस ने की फायरिंग, एक गंभीर घायल किशोर को परिजन लेकर पहुंचे अस्पताल

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डूंगरपुर: प्रदेश के डूंगरपुर जिले में 2018 शिक्षक भर्ती मामले को लेकर हुए उपद्रव से जुड़ी बड़ी खबर मिल रही है. उपद्रवियों पर पुलिस ने फायरिंग की है. जिसमें एक गंभीर घायल किशोर को परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे. जिला अस्पताल में घायल का उपचार चल रहा है, और भी कई लोगों के घायल होने की खबर आ रही है. आपको बता दें कि डूंगरपुर जिले की कांकरी डूंगरी से शुरू हुए आदिवासियों के प्रदर्शन की आग तीसरे दिन भी थमने का नाम ही नहीं ले रही है. उदयपुर-अहमदाबाद हाइवे पर लगातार तनाव का माहौल बना हुआ है. अब उपद्रवियों ने खेरवाड़ा कस्बे की श्रीनाथ कॉलोनी में तांडव मचाया है. उपद्रवी यहां पर घरों में घुसकर लूटपाट और तोड़फोड़ की है. जानकारी के अनुसार उपद्रवियों ने यहां पर 100 से ज्यादा घरों में लूटपाट और तोड़फोड़ की है. इस पूरे मामले पर पुलिस और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है. कस्बे के हालात नियंत्रण से बाहर नजर आ रहे है. कस्बे के वासी खौफजदा है. 

तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जा रहे है डूंगरपुर:
उपद्रव और हिंसा पर नियंत्रण के लिए प्रदेश के तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारी  डूंगरपुर जा रहे है. डीजी एमएल लाठर, एडीजी दिनेश एमएन और पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव डूंगरपुर जा रहे है. थोड़ी देर में राज्य सरकार के हैलीकॉप्टर से उदयपुर रवाना होंगे. 

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खैरवाड़ा कस्बे में स्थिति बेहद तनावपूर्ण:
आपको बता दें कि आंदोलनकारी तीसरे दिन भी कस्बे के विभिन्न इलाकों में जमकर आगजनी और लूटपाट की. पुलिस-प्रशासन एक बार फिर से आंदोलनकारियों को पीछे धकेलने में जुटा है. पुलिस द्वारा फायरिंग किए जाने की सूचना मिली है. जिला कलेक्टर चेतन देवड़ा मौके पर पहुंचे है. फिलहाल खैरवाड़ा कस्बे में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है. 

जनजाति अभ्यर्थियों और प्रशासन के बीच वार्ता:
वहीं आज जनजाति अभ्यर्थियों और प्रशासन के बीच वार्ता हुई. यह वार्ता में TAD मंत्री अर्जुन बामणिया की मौजूदगी में हुई. हालांकि यह वार्ता किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई, लेकिन सभी जनजाति नेताओं ने एक स्वर में शांति कायम करने की मांग की है. आंदोलनकारियों से शांति कायम करने की मांग की गई है. यह  बैठक में CWC मेंबर रघुवीर मीणा के निवास पर हुई. पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा, BTP विधायक रामप्रसाद डिंडोर और विधायक राजकुमार रोत बैठक में मौजूद रहे.

डूंगरपुर में प्रदर्शन को लेकर बड़ा अपडेट, हिंसक प्रदर्शन को लेकर बाहरी लोगों के भी हाथ होने की खबर

यह है आंदोलनकारियों की मांग:
आंदोलनकारियों की मांग है कि जनजाति क्षेत्र में तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के रिक्त सामान्य वर्ग के 1167 पदों पर जनजाति अभ्यर्थियों से भरने की है. यह मुद्दा हाईकोर्ट में भी उठाया गया और हाईकोर्ट ने उनकी याचिका रद्द कर दी थी. 

कोरोना संक्रमण ​स्थिति को लेकर सीएम गहलोत का संवाद, राजनीतिक दलों ने सप्ताह में दो दिन लॉकडाउन की दी सलाह 

कोरोना संक्रमण ​स्थिति को लेकर सीएम गहलोत का संवाद, राजनीतिक दलों ने सप्ताह में दो दिन लॉकडाउन की दी सलाह 

जयपुर: प्रदेश के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सप्ताह में दो दिन शनिवार और रविवार को लॉक डाउन की सलाह दी है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए आज तीन अहम बैठकें करके विभिन्न क्षेत्र से जुड़े लोगों से संवाद किया. इस संवाद में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए सभी ने अपने अपने सुझाव दिए और साथ ही मुख्यमंत्री से सख्त कदम उठाने की भी राय दी. प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण से चिंतित मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर विभिन्न वर्गों के साथ अलग अलग संवाद किया. सुबह मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ चर्चा की, तो दोपहर में सामाजिक संगठनों व एनजीओ प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करके सुझाव लिए. देर शाम को मुख्यमंत्री ने निजी अस्पताल संचालकों और चिकित्सकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के साथ मंथन किया.सबसे अहम चर्चा नेताओं के साथ हुई.

धारा 144 को सख्ती से लागू करने का सुझाव :
इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, सीपीएम विधायक बलवान पूनिया, बीटीपी विधायक रामप्रसाद डिंडोर, RLP विधायक पुखराज, CPI नेता डीके छंगाणी, बसपा प्रदेशाध्यक्ष भगवान सिंह बाबा ने मुख्यमंत्री से चर्चा की. सभी नेताओं ने वीकेंड पर लॉकडाउन करने की राय दी. गुलाबचंद कटारिया ने धारा 144 को सख्ती से लागू करने का सुझाव दिया और साथ ही कोरोना वॉरियर्स का भी ध्यान रखने के लिए कहा. खास बात यह है कि कटारिया ने जयपुर से उदयपुर जाते वक्त हाइवे पर गाड़ी रोककर ही मुख्यमंत्री से वर्चुअल संवाद किया.

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प्रदेश में लगातार चलाए जाए जागरूकता अभियान: 
सतीश पूनिया व बलवान पूनिया ने भी विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया. सभी नेताओं ने एक स्वर में प्रदेश में लगातार जागरूकता अभियान चलाने की भी बात कही. बैठक में भोपालगढ़ विधायक पुखराज ने अपनी निजी पीड़ा सीएम के समक्ष रखकर पूरे सिस्टम पर ही सवाल खड़े कर दिए. पुखराज ने बताया कि 7 सितंबर को जोधपुर में सैंपल दिया गया था रिपोर्ट पॉजिटिव आई लेकिन उसके बाद दूसरे टेस्ट के लिए कोई संपर्क नहीं किया गया है. सीएम ने पुखराज को आराम करने की सलाह दी और कहा आप के मामले में निश्चित तौर पर संज्ञान लिया जाएगा. वहीं दोपहर में बाद मुख्यमंत्री ने दूसरी बैठक में सामाजिक संगठनों के से सुझाव लिए.

सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने वीकेंड लाकडाउन के सुझाव को किया खारिज: 
इस बैठक में निखिल डे, अरुणा राय, धर्मवीर कटेवा सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दिए सुझाव. सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने राजनेताओं के वीकेंड लाकडाउन सुझाव को खारिज किया. उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में लॉकडाउन लगाया तो गरीब तबका भूखमरी के कगार पर आ जाएगा. उन्होंने लॉकडाउन की बजाय हेल्थ प्रोटेकॉल की पालना पर जोर देने का सुझाव दिया और कहा कि भीड़ इकट्ठा नहीं होने देने, जागरूकता पर फोकस करें. देर शाम को मुख्यमंत्री ने निजी अस्पताल संचालकों और चिकित्सकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की. सीएम ने इनसे अपील की है कि कोरोना संकट में वे सामाजिक दायित्व को निभाएं और इस संकट काल में पैसे न कमाकर समाज सेवा करने की सोचे. सीएम ने कहा कि कई अस्पतालों को छूट इसलिए दी गई थी कि वे गरीब जनता को इलाज न्यूनतम पैसों में करेंगे, लेकिन कई जगह अधिक वसूली की बात सामने आ रही है. ऐसे में निजी अस्पताल अपने कर्त्व्य को निभाएं.

Dungarpur Violence: खेरवाड़ा कस्बे में उपद्रवियों का तांडव, श्रीनाथ कॉलोनी के 100 से ज्यादा घरों में की लूटपाट और तोड़फोड़

Dungarpur Violence:  खेरवाड़ा कस्बे में उपद्रवियों का तांडव, श्रीनाथ कॉलोनी के 100 से ज्यादा घरों में की लूटपाट और तोड़फोड़

डूंगरपुर: प्रदेश के डूंगरपुर जिले की कांकरी डूंगरी से शुरू हुए आदिवासियों के प्रदर्शन की आग तीसरे दिन भी थमने का नाम ही नहीं ले रही है. उदयपुर-अहमदाबाद हाइवे पर लगातार तनाव का माहौल बना हुआ है. अब उपद्रवियों ने खेरवाड़ा कस्बे की श्रीनाथ कॉलोनी में तांडव मचाया है. उपद्रवी यहां पर घरों में घुसकर लूटपाट और तोड़फोड़ की है. जानकारी के अनुसार उपद्रवियों ने यहां पर 100 से ज्यादा घरों में लूटपाट और तोड़फोड़ की है. इस पूरे मामले पर पुलिस और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है. कस्बे के हालात नियंत्रण से बाहर नजर आ रहे है. कस्बे के वासी खौफजदा है. 

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तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जा रहे है डूंगरपुर:
उपद्रव और हिंसा पर नियंत्रण के लिए प्रदेश के तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारी  डूंगरपुर जा रहे है. डीजी एमएल लाठर, एडीजी दिनेश एमएन और पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव डूंगरपुर जा रहे है. थोड़ी देर में राज्य सरकार के हैलीकॉप्टर से उदयपुर रवाना होंगे. 

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खैरवाड़ा कस्बे में स्थिति बेहद तनावपूर्ण:
आपको बता दें कि आंदोलनकारी तीसरे दिन भी कस्बे के विभिन्न इलाकों में जमकर आगजनी और लूटपाट की. पुलिस-प्रशासन एक बार फिर से आंदोलनकारियों को पीछे धकेलने में जुटा है. पुलिस द्वारा फायरिंग किए जाने की सूचना मिली है. जिला कलेक्टर चेतन देवड़ा मौके पर पहुंचे है. फिलहाल खैरवाड़ा कस्बे में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है. 

जनजाति अभ्यर्थियों और प्रशासन के बीच वार्ता:
वहीं आज जनजाति अभ्यर्थियों और प्रशासन के बीच वार्ता हुई. यह वार्ता में TAD मंत्री अर्जुन बामणिया की मौजूदगी में हुई. हालांकि यह वार्ता किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई, लेकिन सभी जनजाति नेताओं ने एक स्वर में शांति कायम करने की मांग की है. आंदोलनकारियों से शांति कायम करने की मांग की गई है. यह  बैठक में CWC मेंबर रघुवीर मीणा के निवास पर हुई. पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा, BTP विधायक रामप्रसाद डिंडोर और विधायक राजकुमार रोत बैठक में मौजूद रहे.

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यह है आंदोलनकारियों की मांग:
आंदोलनकारियों की मांग है कि जनजाति क्षेत्र में तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के रिक्त सामान्य वर्ग के 1167 पदों पर जनजाति अभ्यर्थियों से भरने की है. यह मुद्दा हाईकोर्ट में भी उठाया गया और हाईकोर्ट ने उनकी याचिका रद्द कर दी थी. 

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Rajasthan Corona Update: पिछले 24 घंटे में 14 मौत, रिकॉर्ड 2045 नए  केस, जयपुर में मिले सर्वाधिक 415 नए संक्रमित

Rajasthan Corona Update: पिछले 24 घंटे में 14 मौत, रिकॉर्ड 2045 नए  केस, जयपुर में मिले सर्वाधिक 415 नए संक्रमित

जयपुर: राजस्थान में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढते जा रहे है. पिछले 24 घंटे में 14 मरीजों की मौत हो गई. जबकि रिकॉर्ड 2045 नए पॉजिटिव केस सामने आये है. राजस्थान में अब तक कोरोना की चपेट में आने से कुल 1 हजार 426 मरीजों की मौत हो गई. वहीं कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या 1 लाख 26 हजार 775 पहुंच गई है.

जयपुर में मिले रिकॉर्ड 415 नए संक्रमित:
प्रदेश की राजधानी जयपुर में सर्वाधिक रिकॉर्ड 415 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले है. अजमेर 100, अलवर 153, बांसवाड़ा 22, बारां 20, बाड़मेर 3, भरतपुर 15, भीलवाड़ा 90, बीकानेर 108, बूंदी 10,चित्तौडगढ़ 18, चूरू 23, दौसा 37, धौलपुर 20, डूंगरपुर 35, श्रीगंगानगर 23, हनुमानगढ़ 19, जयपुर 415, जैसलमेर 29, जालोर 84, झालावाड़ 10, झुंझुनूं  26,जोधपुर 335, करौली 20, कोटा 53, नागौर 43, पाली 83, प्रतापगढ़ 5, राजसमंद 32, सवाई माधोपुर 18, सीकर 59, सिरोही 5, टोंक 30, उदयपुर 103 पॉजिटिव मरीज मिले है. 

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पॉजिटिव से नेगेटिव हुए कुल 1 लाख 5 हजार 994 लोग:
प्रदेश में कोरोना के इलाज के बाद कुल 1 लाख 5 हजार 994 लोग पॉजिटिव से नेगेटिव हो चुके है. वहीं इलाज के बाद 1 लाख 4 हजार 834 लोग अस्पताल से डिस्चार्ज किए गए है. अगर बात करें एक्टिव मरीजों की तो, कुल 19 हजार 355 मरीजों का अस्पताल में उपचाररत जारी है. वहीं कुल 10 हजार 135 कोरोना पॉजिटिव प्रवासियों की संख्या पहुंच गई है.

कलयुगी पिता ने 6 वर्षीय पुत्र की टांके में डालकर की हत्या, 5 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज 

कलयुगी पिता ने 6 वर्षीय पुत्र की टांके में डालकर की हत्या, 5 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज 

बायतु(बाड़मेर): बायतु पुलिस थाना क्षेत्र के अकदड़ा गांव की हुड्डो की ढाणी निवासी एक कलयुगी पिता ने अपने छह वर्षीय पुत्र को पानी से भरे टांके मे डालकर हत्या कर दी और खुद मौके से फरार हो गया. थानाधिकारी ललित किशोर ने बताया कि सुगणी देवी पुत्री लक्ष्मणाराम जाट निवासी हुड्डो की ढाणी ने दी लिखित रिपोर्ट पेश कर बताया कि मेरा पति जेेेहाराम ऊर्फ देवीलाल पुत्र तोगाराम जाट निवासी हुड्डो की ढाणी अकदड़ा पिछले लंबे समय से मेरे और मेरे बच्चों के साथ मारपीट और परेशान करता था. गुरुवार शाम करीबन 7 बजे उसने मेरे और मेरे बच्चों के साथ मारपीट करके मेरे बच्चों को मुझसे छीन लिया.  उसके बाद रात के समय उसने मेरे बड़े बेटे विक्रम (6) को डालकर की हत्या कर दी और खुद मौके से फरार हो गया. 

पहले भी की थी आरोपी ने मारपीट:
सुगणीदेवी ने अपने पति जेहाराम ऊर्फ देवीलाल सहित ससुराल पक्ष के पुरखाराम, अर्जुनराम, राणाराम और मामी ससुर मगाराम के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट पेश की. रिपोर्ट मे बताया कि आरोपी जेहाराम पिछले लंबे समय से अपने ससुर को जान से मारने की धमकियां दे रहा है.  कुछ दिन पूर्व आरोपी द्वारा अपनी पत्नी और बच्चों की मारपीट करने पर बायतु थाने मे रिपोर्ट पेश की गई थी. इसके बाद सामाजिक स्तर पर समझौता करवाया गया था. 

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मामला दर्ज, आरोपी की तलाश जारी:
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों की मौजूदगी में शव को टांके से बाहर निकालकर सीएचसी बायतु की मोर्चरी मे मेडीकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सुपुर्द किया. पुलिस ने मृतक की मां की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की. 

संयुक्त राष्ट्र महासभा संबोधन में बोले पीएम मोदी, वैश्विक महामारी से निपटने के प्रयासों में UN कहां है?

संयुक्त राष्ट्र महासभा संबोधन में बोले पीएम मोदी, वैश्विक महामारी से निपटने के प्रयासों में UN कहां है?

नई दिल्ली: देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए क​हा कि भारत को इस बात का बहुत गर्व है कि वो संयुक्त राष्ट्र के संस्थापक देशों में से एक है. आज के इस ऐतिहासिक मौके पर मैं आप सभी के सामने भारत के 130 करोड़ लोगों की भावनाएं इस वैश्विक मंच पर साझा करने आया हूं.पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरे विश्व समुदाय के सामने एक बहुत बड़ा सवाल है कि जिस संस्था का गठन तब की परिस्थितियों में हुआ था, उसका स्वरूप क्या आज भी प्रासंगिक है?

संयुक्त राष्ट्र के सामने गंभीर आत्ममंथन की आवश्यकता:
पीएम मोदी ने कहा कि अगर हम बीते 75 वर्षों में संयुक्त राष्ट्र की उपलब्धियों का मूल्यांकन करें, तो अनेक उपलब्धियां दिखाई देती हैं. अनेक ऐसे उदाहरण भी हैं, जो संयुक्त राष्ट्र के सामने गंभीर आत्ममंथन की आवश्यकता खड़ी करते हैं. ये बात सही है कि कहने को तो तीसरा विश्व युद्ध नहीं हुआ, लेकिन इस बात को नकार नहीं सकते कि अनेकों युद्ध हुए, अनेकों गृहयुद्ध भी हुए. कितने ही आतंकी हमलों ने खून की नदियां बहती रहीं. इन युद्धों और हमलों में, जो मारे गए वो हमारी-आपकी तरह इंसान ही थे. लाखों मासूम बच्चे, जिन्हें दुनिया पर छा जाना था, वो दुनिया छोड़ कर चले गए. उस समय और आज भी, संयुक्त राष्ट्र के प्रयास क्या पर्याप्त थे? 

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पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र से किया सवाल?:
पिछले 8-9 महीने से पूरा विश्व कोरोना वैश्विक महामारी से संघर्ष कर रहा है.इस वैश्विक महामारी से निपटने के प्रयासों में संयुक्त राष्ट्र कहां है? एक प्रभावशाली Response कहां है? पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लोग UN के रिफॉर्म्स को लेकर जो प्रोसेस चल रहा है, उसके पूरा होने का बहुत लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं. भारत के लोग चिंतित हैं कि क्या ये प्रोसेस कभी logical end तक पहुंच पाएगा. कब तक भारत को संयुक्त राष्ट्र के decision making structures से अलग रखा जाएगा.

फार्मा इंडस्ट्री ने भेजी 150 से अधिक देशों को जरूरी दवाइयां:
पीएम मोदी ने कहा कि भारत जब किसी से दोस्ती का हाथ बढ़ाता है, तो वो किसी तीसरे देश के खिलाफ नहीं होती. भारत जब विकास की साझेदारी मजबूत करता है, तो उसके पीछे किसी साथी देश को मजबूर करने की सोच नहीं होती. हम अपनी विकास यात्रा से मिले अनुभव साझा करने में कभी पीछे नहीं रहते.भारत ने हमेशा पूरी मानव जाति के हित के बारे में सोचा है, न कि अपने निहित स्वार्थों के बारे में, भारत की नीतियां हमेशा से इसी दर्शन से प्रेरित रही हैं. महामारी के इस मुश्किल समय में भी भारत की फार्मा इंडस्ट्री ने 150 से अधिक देशों को जरूरी दवाइयां भेजीं हैं. विश्व के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादक देश के तौर पर आज मैं वैश्विक समुदाय को एक और आश्वासन देना चाहता हूं. भारत की वैक्सीन प्रोडक्शन और वैक्सीन डिलीवरी क्षमता पूरी मानवता को इस संकट से बाहर निकालने के लिए काम आएगी.

कोरोना प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बैठक, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने दिए सुझाव

कोरोना प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बैठक, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने दिए सुझाव

जयपुर: भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने वर्चुअल संवाद में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कोरोना प्रबंधन से संबंधित विभिन्न सुझाव दिये. डॉ. सतीश पूनियां ने कहा कि, इस समय मनोवैज्ञानिक वातावरण थोड़ा भय का है, लोग जांच से भी डरते हैं, अस्पताल जाने से भी डरते हैं. सामान्य जागरूकता को दोबारा से दोहराने की आवश्यकता, सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क एवं सैनेटाइजर के उपयोग के लिये जागरुकता अभियान चलाने की भी आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि जिस तरह से युद्धस्तर पर जनप्रतिनिधि लोगों के बीच में सैनेटाइजर मशीनों के माध्यम से भरोसा पैदा कर रहे थे.

टेस्टिंग एवं जागरूकता के लिए स्वयंसेवी संगठनों का लेना चाहिए सहयोग:
अब मुझे लगता है कि जागरूकता के लिये स्वयंसेवी संगठनों को इसमें शामिल करना चाहिए. जैसे मुम्बई के धाराबी जैसी बड़ी बस्ती में स्वयंसेवी संगठनों ने टेस्टिंग की, जिसके अच्छे परिणाम सामने आये, सरकार एवं भामाशाहों ने पीपीई किट उपलब्ध करवाये, जिससे टेस्टिंग बढ़ी और संक्रमण को रोकने में कामयाबी मिली. डॉ. पूनियां ने कहा कि, लोगों पर कोरोना का मनोवैज्ञानिक असर कम कैसे हो, इसका प्रचार-प्रसार कैसे किया जाये, यह बहुत जरूरी है, दूसरा जो परिधि के अस्पताल हैं, आस-पास की सीएचसी, बड़े अस्पताल हैं, बड़े डिवीजनल हेडक्वाटर्स हैं, सामान्य बीमारी के लोग भी वहां उपचार करा सकें, इस व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि, होम आइसोलेशन व्यवस्था को व्यवस्थित करने पर राज्य सरकार को ध्यान देने की जरूरत है.

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कोरोना वॉरियर्स ने की पूरी लगन एवं जज्बे के साथ लोगों की सेवा: 
डॉ. पूनियां ने कहा कि, निजी अस्पतालों में आमजन के इलाज को सुगम बनाने को लेकर सुझाव दिए कि, निजी अस्पतालों की अपनी समस्या है और मरीजों की अपनी समस्या है, इसलिए दोनों की समुचित व्यवस्था हो, कोई समाधान निकले, अस्पतालों की सुरक्षा सुनिश्चित हो, पिछली योजनाओं की बकाया राशि का भुगतान हो.  डॉ. पूनियां ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले दिनों सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ जो संवाद किया, उसमें मुख्यमंत्रियों से निवेदन किया था कि उपखण्ड स्तर से संबंधित टीमों की स्वयं मुख्यमंत्री नियमित मॉनिटरिंग करें, उनका मनोबल बढाया जाएगा तो सही रिपोर्ट मिलेगी. डॉ. पूनियां ने कहा कि, एचआरसीटी की सरकारी एवं निजी अस्पतालों की दरों में भारी अंतर है, इस पर कोई उचित कदम उठाएं. उन्होंने कोरोना वॉरियर्स को बहुत धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इन्होंने कोरोना काल में पूरी लगन एवं जज्बे के साथ लोगों की सेवा की, उनका मनोबल एवं सुविधायें बढ़ाने को लेकर राज्य सरकार प्रयास करे.

..फर्स्ट इंडिया के लिए ऐश्वर्य प्रधान की रिपोर्ट

ड्रग्स मामले में NCB की रडार पर बॉलीवुड के सितारे, दीपिका पादुकोण से आज हुई साढ़े पांच घंटे पूछताछ

ड्रग्स मामले में NCB की रडार पर बॉलीवुड के सितारे, दीपिका पादुकोण से आज हुई साढ़े पांच घंटे पूछताछ

मुंबई: अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में सामने आए ड्रग्स एंगल के जुड़ते ही बॉलीवुड के बड़े-बड़े सितारे रडार पर हैं. साढ़े पांच घंटे की पूछताछ के बाद शन‍िवार को दीप‍िका पादुकोण से एनसीबी की पूछताछ खत्म हो गई है. लेक‍िन कहा जा रहा है कि ये पूछताछ अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है. एनसीबी के सवालों की लिस्ट अभी भी बाकी है. दीपिका ने ड्रग्स चैट की बात स्वीकार की.  लेकिन दीपिका पादुकोण ने इस माल का मतलब कुछ और बताया है. उन्होंने कहा कि वह व्हाट्सएप चैट में जिस माल की बात कर रही हैं, वो ड्रग्स नहीं है बल्कि कुछ और है. 

श्रद्धा कपूर और सारा अली खान का बड़ा दावा:
वहीं श्रद्धा कपूर ने ड्रग्स पार्टी की बात कबूल की है. लेकिन श्रद्धा कपूर ने खुद ड्रग्स लेने से इनकार कर दिया. श्रद्धा कपूर ने कहा कि पार्टी में ड्रग्स का इस्तेमाल हुआ था. श्रद्धा कपूर और सारा अली खान ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि सुशांत सिंह राजपूत ड्रग्स लेते थे. फिल्म केदारनाथ की शूटिंग के दौरान सुशांत ड्रग्स लेते थे. वैनिटी वैन में सुशांत को ड्रग्स लेते देखा गया था. NCB ने तीनों अभिनेत्रियों से पूछताछ जारी है.

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शुक्रवार को रकुल और करिश्मा से हुई थी पूछताछ:
इससे पहले शुक्रवार को एनसीबी ने रकुल और करिश्मा को पूछताछ के लिए बुलाया था. एनसीबी के अधिकारियों ने रकुल से करीब चार घंटे की पूछताछ की. करिश्मा से 6 घंटे पूछताछ हुई. सूत्रों का कहना है कि रकुल ने 2018 में रिया के साथ ड्रग चैट की बात स्वीकार की है. रकुल ने कहा कि इस बातचीत में रिया सामान (ड्रग) मंगवा रही थीं. उनका सामान मेरे घर पर था. जबकि, करिश्मा ने माना, जिस व्हाट्सएप ग्रुप में हैश ड्रग को लेकर बातचीत हुई, उसकी एडमिन दीपिका थीं. ग्रुप में जया साहा भी थीं.