VIDEO: आखिर कैसे 'दीन' हो गए दीनदयाल ? स्मारक पर लग चुके हैं ताले

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/07 08:49

जयपुर: पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मारक को प्रदेश भाजपा भूल गई है? या फिर अभी लोकसभा चुनाव की जीत के जश्न में व्यस्त हैं प्रदेश भाजपा के तमाम दिग्गज? जयपुर के धानक्या गांव में करोड़ों की लागत से बने पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मारक पर ताले लग चुके हैं. धानक्या का रेलवे स्टेशन जहां के क्वार्टर टी10 पर पंडित चुन्नीलाल मिश्र की पुत्री ने पुत्र को जन्म दिया. जो अब देश मे भाजपा के परम पूज्य महापुरुष हैं. 

भाजपा के पितामह दीनदयाल उपाध्याय की जन्मस्थली अब फिर से वीरान होने की तरफ 
इतना भव्य ये स्थान जनसंघ के पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्मस्थान है जिसे लेकर भाजपा के प्रदेश संगठन ने और इलाके के स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बड़े दावे किए, लेकिन भाजपा व जनसंघ की विचारधारा के जनक और भाजपा के पितामह दीनदयाल उपाध्याय की जन्मस्थली अब फिर से वीरान होने की तरफ है. फर्स्ट इंडिया की टीम जब धानक्या गांव पहुंची तो यहां पर ताले लगे मिले. जब ग्रामीणों से जानकारी ली तो पता चला कि यहां ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों को रवाना किया जा चुका है. महज एक गार्ड काम कर रहा है जो भी इस उम्मीद पर की क्या पता फिर से ताले खुले और तनखा शुरू हो जाएं. हालांकि गार्ड की माने तो 1 महीने में ही यहां एक बड़ी लाइट लोग चोरी करके ले गए. अब अकेले बिना तनखा इस स्थान की सुरक्षा करना मुश्किल हैं.

फर्स्ट इंडिया की टीम से आग्रह करके इसका मुख्य दरवाजा खुलवाकर जायजा लिया
इस स्थान को तत्कालीन भाजपा सरकार ने उस वक्त सबसे ज्यादा पोपुलर किया जब देश मे स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत हुई. यही से भाजपा के दिग्गजों ने साफ सफाई करके अभियान की शुरुआत की. बाद में भाजपा के नेताओ ने दीनदयाल स्मारक तैयार करवाया और भाषणों में कहा गया कि यहां पर देश भर के भाजपा कार्यकर्ता आकर पंडित जी के जीवन आदर्शो से रूबरू हो सकेंगे. साथ ही युवा पीढ़ी उनके जीवन से सीख ले सकेगी, लेकिन ग्रामीणों को इस स्थान से आशा थी कि यहां से उनके इलाके को पहचान मिलेगी लेकिन अब पहचान सिर्फ इतिहास बनने की ओर हैं. 

भाजपा के दिग्गज राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने स्मारक का उद्घाटन किया था
भाजपा के दिग्गज राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने स्मारक का उद्घाटन किया था. इस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भाजपा के संगठन महामंत्री रामलाल तत्कालीन केंद्रीय मंत्री व स्थानीय सांसद राज्यवर्धन राठौड़ व केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल समेत अन्य जनप्रतिनिधियों व भाजपा दिग्गजो की मौजूदगी रही. तब सभी को उम्मीद थी कि स्मारक देश के भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए नज़ीर बनेगा, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी व अमित शाह तक शायद ही जानकारी हो कि दीनदयाल उपाध्याय के जन्मस्थान के स्मारक की स्थिति क्या है.

भाजपा दीनदयाल उपाध्याय के जन्मस्थान की होती दुर्दशा से नजर नहीं आ रही चिंतित
लगातार भाजपा के नेता भले ही दीनदयाल उपाध्याय के नाम से योजना व स्कॉलरशिप बंद करने का विरोध कर रहे हो लेकिन स्वयं की पार्टी के परमपूज्य दीनदयाल उपाध्याय के जन्मस्थान की होती दुर्दशा को लेकर चिंतित नही दिखाई देते न ही किसी ने यहां आकर 1 महीने में यानी बंद होने के बाद दौरा किया है. यहां के बाशिंदों को उम्मीद है कि सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली भाजपा इसे वापस से शुरू करवाएगी व इसकी दशा सुधरेगी व ताले भी खुलेंगे. 

बहरहाल देखना होगा कि क्या भाजपा कोई समिति बनवाकर पार्टी के खर्च से इसे वापस आबाद करेगी या फिर करोड़ों रुपयों के खर्च से बना ये स्मारक दुर्दशा में ही रहेगा. 

....ऐश्वर्य प्रधान फर्स्ट इंडिया न्यूज जयपुर

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