अयोध्या फैसले पर पुनर्विचार याचिका को लेकर मुस्लिम संगठनों में अलग-अलग राय, AIMPLB अध्यक्ष ने इशारों में कही दिल की बात

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/11/18 09:11

लखनऊ अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट से फाइनल फैसला आए अभी एक हफ्ता ही बीता है. सूत्रों के मुताबिक मुस्लिम पक्ष और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने फैसले के खिलाफ पुनर्विचार अर्जी दाखिल करने का मन बनाया है. अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ समीक्षा याचिका दायर करने को लेकर मुसलमानों में दो राय हैं साथ ही मुस्लिम पत्र बंटा हुआ भी नजर आ रहा है अयोध्या मामले पर उच्चतम न्यायालय के फैसले पर विचार करने के लिए रविवार (17 नवंबर) को लखनऊ में मुमताज कॉलेज में हुई ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में मतभेद उभर आए. 51 सदस्यों वाली वर्किंग कमेटी की बैठक में 35 से 40 सदस्यों के शामिल होने की बात अधिकारिक तौर पर कही गई. मगर, इनमें से कई सदस्य पुनर्विचार याचिका दायर करने और मस्जिद के लिए दी जा रही पांच एकड़ जमीन कबूल न करने के रुख से असहमत थे. और अब एक बार फिर से ये मसला सर्वोच्च अदालत की दहलीज पर जा सकता है.

बैठक की अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सैयद राबे हसनी नदवी ने की. खुद अध्यक्ष मौलाना राबे हसनी नदवी ने बैठक के अंत में अपने अध्यक्षीय संबोधन में इशारे-इशारे में अपने दिल की बात कह डाली. उन्होंने कहा कि पिछले 70 वर्षों से हम इस मसले में फंसे हुए हैं. अब हमें हर पहलू को मद्देनजर रखते हुए आगे की सोचनी चाहिए.मुसलमानों का एक तबक़ा कहता है कि इस मामले को अब यहीं ख़त्म कर देना चाहिए क्योंकि इससे हिंदू मुस्लिम दूरिया बढ़ रही हैं. लेकिन पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले में विरोधाभास है.

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