Digital Baal Mela 2021: अब देश जानेगा बच्चों की सरकार कैसी हो, बाल मनुहारों ने देने शुरू किए अपने सुझाव

Digital Baal Mela 2021: अब देश जानेगा बच्चों की सरकार कैसी हो, बाल मनुहारों ने देने शुरू किए अपने सुझाव

Digital Baal Mela 2021: अब देश जानेगा बच्चों की सरकार कैसी हो, बाल मनुहारों ने देने शुरू किए अपने सुझाव

जयपुर: बच्चों का राजनीति सफर शुरू हो चुका है. डिजिटल बाल मेला 2021 के सीजन से बच्चे देश के विकास में कदम रखने जा रहे है. देश का पहला नवाचार डिजिटल बाल मेला एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां सिर्फ और सिर्फ बच्चों की बात सुनी जाती है उनके बारे में बात की जाती है. बच्चों को सम्मान देने वाला डिजिटल बाल मेला में बच्चे खुलकर अपनी बात देशभर के सामने रख सकते है. सीजन 2 की थीम बच्चों की सरकार कैसी हो है. जहां बच्चे सरकार के प्रति अपना नजरिया साझा करते है. 15 जून को उगते सूरज के साथ ही डिजिटल बाल मेला सीजन 2 का उद्घाटन राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष सीपी जोशी ने किया. इसी के साथ बच्चों के जीवन का एक नया और बेहद महत्वपूर्ण अध्याय शुरू हुआ जो है राजनीति. 

खेल के मैदान में विजय हासिल होने के बाद अब बच्चे राजनीति के मैदान में अपनी छलांग लगा रहे है. राजनीति और सरकार से बच्चों को जोड़ने के लिए डिजिटल बाल मेला में प्रतियोगिता करवाई जा रही है तो वही राजनेताओं संग उनका संवाद करवाया जा रहा है. आपको बता दें डिजिटल बाल मेला पहला मंच है जहां बच्चे अपने राजनेताओं और विदेशी हस्तियों संग सीधा संवाद कर रहे है.

इस संवाद में अब बच्चे ना सिर्फ अपनी सरकार बनाने के लिए मंत्रियों, विधायकों के सामने अपने सवाल रख रहे है बल्कि उन्हें सुझाव भी दे रहे है. जी हां प्रतिभाशाली बच्चे अपनी सरकार में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त करने के इरादे में नहीं है. इसीलिए जब 17 जून के संवाद में सूजानगढ़ से विधायक मनोज मेघवाल को आने में देरी हुई तो बाल मेला टीम की लीडर जाहनवी शर्मा ने उनसे पूछ ही लिया कि आखिर वो तय समय पर क्यों नही आये. ऐसे में विधायक भी बच्चों के इस सवाल को सुन चौक गए. अब बालमन के इस सवाल से तो जाहिर है कि वो अपनी सरकार में चाहे कोई मंत्री हो या विधायक लापरवाही को बिल्कुल भी जगह नहीं देंगे.

इतना ही नहीं 17 जून को मनोज मेघवाल के सेशन में ऐसी कई चीजें हुई जिससे साफ तौर पर पता चलता है कि बच्चे अपनी सरकार बनाने के लिए अब गंभीर हो चुके है. उन्होंने संवाद में विधायक से पूछा कि बच्चों के वैक्सीनेशन में इतनी देरी क्यों हो रही है जबकि और देशों में बच्चों को वैक्सीन लगनी भी शुरू हो गई है. इसके अलावा जयपुर की लावण्या राठौड़ ने विधायक से सरकार और प्राइवेट स्कूलों की महत्वता पर सवाल किया.

लावण्या ने पूछा कि क्या कारण है कि आज हमारे माता-पिता सरकारी स्कूलों की जगह प्राइवेट स्कूलों पर भरोसा करते है जबकि उनकी फीस भी सरकारी स्कूलों के मुकाबले दुगनी होती है. क्या इसकी वजह अच्छी शिक्षा है क्या प्राइवेट स्कूलों में सरकारी स्कूलों से ज्यादा सीखने को मिलता है सिर्फ इतना ही नहीं बच्चों ने विधायक से ये भी पूछा कि सरकार सरकारी स्कूलों के लिए वो व्यवस्थाएं क्यों नहीं लाती है, जिनकी उन्हें बहुत जरूरत है. जिसमें अंग्रेजी माध्यम भी एक अहम सवाल है. आज प्राइवेट स्कूलों में अंग्रेजी को महत्व दिया जा रहा है जो कि बच्चों के भविष्य के लिए जरूरी है ऐसे में सरकारी स्कूलें आज भी उसी ढर्रे पर क्यो चल रही है.

बच्चों के इन सवालों से जाहिर है कि वो अपनी शिक्षा नीति में सुधार लाना चाहते है।सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों से वो पूरी तरह सहमति नहीं रखते है. ऐसे में बच्चों को अपने देश या अपने भविष्य के लिए जिस प्रकार की नीतियां, योजनाएं चाहिए बच्चे उसे खुले तौर पर राजनेताओं संग साझाा कर रहे है ओैर इतना ही नहीं उनके द्वारा किये जा रहे कार्यो का भी आकलन कर रहे है भविष्य में सरकार की नीतियों को जानने के लिए उत्सुक बच्चे अब किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करना चाहते है. ऐसे में देखा जा सकता है कि बच्चे अपनी सरकार कैसी चाहते है. वो अपनी सरकार में किस प्रकार से एक देश का भविष्य चाहते है.

15 जून से शुरू हुआ था राजनेताओं संग सीधे संवाद का सिलसिला:
15 जून को इस संवाद का पहला सेशन आयोजित किया गया जिसमें राजस्थान के श्रम राज्यमंत्री टीकाराम जूली आए थे. जहां उन्होनें बच्चों से बालश्रम मुद्दे पर बात की और बच्चों को इसे रोकने के सुझाव भी दिये. वही 16 जून को बीजेपी के युवा विधायक रामलाल शर्मा ने बच्चों संग सीधे संवाद में शिरकत की. जहां उन्होंने बच्चों के वोट देने के अधिकारों पर बात की. गौरतलब है कि बच्चे हमेशा से ही चुनाव प्रक्रियाओं के बारे में सुनते आये है. भारत देश में 18 की उम्र के बाद ही वोट देने की अनुमति है ऐसे में बच्चों का सवाल जायज है कि उन्हें वोट देने से वंचित क्यों रखा जाता है. नन्हें बच्चों के इन्हीं सवालों के जवाब देने के लिए जयपुर की चौमूं विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक रामलाल शर्मा ने बच्चों से सीधा संवाद किया था.

डिजिटल बाल मेला2021 के सीजन 2 में हर रोज शाम 4 बजे बच्चों संग राजनेताओं का सीधा संवाद होता है जिसमें बच्चे ​गूगल लिंक के जरिये जुड़ सकते है. राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया जा रहा ये मंच देश के हर बच्चे के लिए खुला है जहां कही से भी बच्चे घर बैठे अपनी उपस्थिति दे सकते है और डिजिटल बाल मेला में बच्चों की सरकार कैसी हो बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते है.

देश के किसी भी हिस्से से डिजिटल बाल मेला सीजन2 से जुड़ने के लिए बच्चें इस  https://meet.google.com/ysn-pfjh-shh.   गूगल लिंक पर क्लिक करें. इस लिंक के जरिए बच्चे हर दिन होने वाले सेशन में शामिल हो सकते है और मंत्रियों से अपने मन की बात कर सकते है. तो वही डिजिटल बाल मेला सीजन2 में बच्चों की सरकार कैसी हो' की किसी भी प्रतियोगिता-रजिस्ट्रेशन, अवार्ड या मेले से संबंधित अन्य जानकारी के लिए आप मेले की आधिकारिक वेबसाइट www.digitalbaalmela.com और व्हाट्सऐप 8005915026 पर  संपर्क कर सकते हैं. 

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