जयपुर Digital Baal Mela: बाड़मेर के जोगाराम बने ग्रामीण बच्चों की आवाज़, पूछा– क्या कर रही है सरकार? डिजिटल भारत के वादों के बीच कौन सी परेशानियों से जूझ रहे हैं भारत के गांव

Digital Baal Mela: बाड़मेर के जोगाराम बने ग्रामीण बच्चों की आवाज़, पूछा– क्या कर रही है सरकार? डिजिटल भारत के वादों के बीच कौन सी परेशानियों से जूझ रहे हैं भारत के गांव

Digital Baal Mela: बाड़मेर के जोगाराम बने ग्रामीण बच्चों की आवाज़, पूछा– क्या कर रही है सरकार? डिजिटल भारत के वादों के बीच कौन सी परेशानियों से जूझ रहे हैं भारत के गांव

जयपुर: 16 वर्षीय जोगाराम राजस्थान के रेतीले जिले बाड़मेर में रहते है. डिजिटल बाल मेला के ऑनलाइन सत्र से जुड़ने के लिए उन्होंने बड़े प्रयास किए है. हर रोज राजनेताओं से बात कर अपनी परेशानियां उन तक पहुंचाने के लिए जोगाराम निरंतर कोशिश कर रहे है. दरअसल उनके यहां नेटवर्क की परेशानी है. हालांकि बाड़मेर अकेला ऐसा सुदूरवर्ती जिला नहीं है जहां नेटवर्क की वजह से बच्चे ऑनलाइन क्लास या पढ़ाई या बाकि संसाधनों से दूर हो, कहने को तो डिजिटल भारत की बातें हर जगह हो रही है लेकिन अभी वो काफी दूर है. ऐसे में जोगाराम ने डिजिटल बाल मेला में शामिल होने के लिए एक वही रास्ता निकाला जो अकसर लोग निकालते है. 

ये तस्वीर बाड़मेर के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में पढ़ने वाले जोगाराम की है...जो अपनी छत पर बैठे है....गर्मी के इस मौसम में जब तापमान चारों तरफ कहर ढाह रहा है...उस समय 4 बजे छत पर बैठकर ऑनलाइन सत्र के मेहमान को सुनना.... और राजनीति में अपनी जागरूकता बढ़ाने का प्रयास करना ...वही मेहमान से अपने सवालों के जवाब लेने को आतुर जोगाराम देश के उन बच्चों में से एक है जो प्रतिभाओं से भरे है... लेकिन उन्हें अवसर नहीं मिल पाता.... डिजिटल बाल मेला उन बच्चों के लिए एक छोटा सा प्रयास है.

जो बच्चों को उनकी परेशानियां कहने का मौका दे रहा है... देश के हर गांव, जिले तक पहुंचे इस मंच पर जोगाराम के साथ ही ऐसे कई बच्चे है जो संसाधनों की कमी से जुझ रहे है लेकिन अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए लगातार प्रयास कर रहे है...डिजिटल बाल मेला उन सभी बच्चों को खुलकर सामने आने का मौका दे रहा है....जहां बच्चे अपनी हर परेशानी से दुनिया को रूबरू करा रहे है... क्षेत्र के नेता हो या प्रधानमंत्री सभी से अपनी समस्याओं का जिक्र कर रहे है.... किस तरह ग्रामीण इलाकों में सुविधाओं की कमी से व्यक्ति पिछड़ रहा है की सच्चाई सामने ला रहे है.... 

जोगाराम ने मंगलवार को सीडब्ल्यूसी सदस्य रघुवीर सिंह मीणा के सामने अपनी इन परेशानियों का जिक्र किया. उन्हें बताया कि किस तरह हर दिन वो नेटवर्क, कभी वाहन साधन तो कभी रोजमर्रा की सुख—सुविधाओं से समझौता करके जीवन व्यतीत कर रहे है. अपनी इन परेशानियों को समाने रख जोगाराम ने पूछा कि सरकार ग्रामीण इलाकों में इन व्यवस्थाओं को लाने के लिए क्या प्रयास कर रही है... कब तक ग्रामीण इलाकों का विकास करने में सरकार सक्षम होगी....कब तक हमें इन समस्याओं से जूझना होगा... जिनके सवाल सुन रघुवीर सिंह मीणा भी बच्चों की इन परेशानियों पर चिंता व्यक्त करने लगे.

जोगाराम के साथ ही नागौर के गजेन्द्र लेगा ने भी डिजिटल बाल मेला को अपनी परेशानी बताई. गांवों में शिक्षा और अस्पतालों की सुदृढ़ व्यवस्था न होने से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जहां देशभर में बच्चे आॅनलाइन क्लासेज से महामारी में भी अपनी पढ़ाई से समझौता नहीं कर सकें वहां गांवों के बच्चे काफी पीछे रह गए है. भले ही ये बात जोगाराम और गजेन्द लेगा ने डिजिटल बाल मेला को बताई लेकिन देश—प्रदेश में ऐसे कई बच्चे है जो वर्तमान में संसाधनों तो कही व्यक्तिव परेशानियों से जूझ रहे है. बच्चे इस मंच पर सरकार से जवाब मांग रहे है गांवों का भी विकास हो पर अपने सवाल कर रहे है, व्यवस्थाओं पर नजर गढ़ाये उनके पूरा होने का इंतजार कर रहे है.

बाल पंचायत में शामिल होकर बच्चे बता रहें अपने क्षेत्र का हाल:
देश के गांवो के साथ ही डिजिटल बाल मेला हर जिले में अपने पैर पसार रहा है. राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात, दिल्ली, असम,बिहार भारत के हर जिले से बच्चे डिजिटल बाल मेला को सरकार के प्रति अपनी राय बता रहे है. सरकार से केंद्र सरकार से सवाल कर रहे है किसानों की, महिलाओं की, बच्चों की सुरक्षा के प्रति सरकार की योजनाओं के बारें में जान रहे है. देश के विकास के लिए किए गये हर फैसले पर अपनी राय बता रहे है, देश के भविष्य पर अपने विचार बता रहे है, अपने सुझाव दे रहे है. देश की राज्य सरकार के कार्यो का आकलन कर रहे है. ऐसे में हर जिले के बच्चे अब अपनी सरकार के काम को लेकर गंभीर हो गये है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त करने की फिराक में नहीं है. अब बच्चों की यही सोच उनके ​यही विचार उन्हें राजस्थान विधानसभा ले जानें के लिए तैयार है.

15 जून से शुरू हुआ ये सफर हर दिन बच्चों का नये विषय में ज्ञानवर्धन कर रहा है.ऐसे में अब देशभर के हर जिले से आये बच्चे इस सफर में नया मुकाम हासिल कर रहे है. अब ये मंच ना सिर्फ बच्चों बल्कि उनके अभिभावक, भाई—बहन, टीचर्स,स्कूल को भी लुभा रहा है. 6 से 16 के सरकार के प्रति सोचना अवि​श्वसनीय है. हर रोज राजनेताओं से संवाद कर बच्चों के सवाल उनकी राजनीति में बढ़ रही ​सीख का परिचय दे रहे है. ऐसे में अब कहना मुना​सिब होगा कि राजस्थान विधानसभा में बच्चे अपनी बात कहने के लिए तैयार है.

डि​बेट प्रतियोगिताओं के इन विषयों पर बच्चे बताएं अपनी राय:
Digital Baal Mela इन दिनों बच्चे जमकर डिबेट प्रतियोगिता में भाग ले रहे है. 'क्या मोदी सरकार सबसे अच्छी', 'क्या अशोक गहलोत सफल मुख्यमंत्री' या 'क्या योगी आदित्यनाथ सख्त मुख्यमंत्री' पर अपनी राय भेज रहे है. ऐसे में यदि आपके बच्चे ने अभी तक इन विषयों पर अपनी राय साझा करते हुए डिजिटल बाल मेला को अपना वीडियो नहीं भेजा. तो अब देरी ना करें अभी फोन उठाएं और अपने माता—पिता, अपने बड़े भाई—बहन की सहायता लेकर अपना वीडियो रिकोर्ड करें और सीधे डिजिटल बाल मेला को भेज दें.

Digital Baal Mela 2021 की डि​बेट प्रतियोगिता में ऐसे लें भाग:
डिबेट प्रतियोगिता के बारें में जानने के बाद बच्चों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही आता है कि वो कैसे इस प्रतियोगिता में भाग लेकर सरकार से अपने मन की बात कर सकते है.तो बच्चे अब चिंता ना करें.वाद—विवाद प्रतियोगिता में शामिल होने की प्रतियोगिता बिल्कुल सरल है.तो आइए जानते है बच्चे कैसे रखें अपना पक्ष:—

- इस प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए बच्चों को अपना वीडियो बनाना होगा.
- 6 से 16 साल के बच्चे डिजिटल बाल मेला को अपना वीडियो भेजे.
- वीडियो को डिजिटल बाल मेला के सोशल प्लेटफॉर्म पर भेजना होगा.
- बच्चे अपना वीडियो वेबसाइड http://www.digitalbaalmela.com/
  व्हॉटसअप 8005915026
  फेसबुक https://www.facebook.com/digitalbaalmela/
  ट्वीटर https://mobile.twitter.com/DigitalBaalMela
  इंस्टाग्राम https://instagram.com/digitalbaalmela?igshid=fcsq802hctlx पर भेज सकते है. 

बता दें वीडियो में किसी प्रकार की समय पाबंदी नहीं है लेकिन बच्चों को वीडियों में विषय से संबंधित तथ्यों पर बात करना जरूरी है. अपनी बात कहने के साथ वीडियों में बच्चे अपने नाम के साथ स्कूल और शहर का नाम जरूर जोड़े. वही वीडियो में बच्चे #BacchoKiSarkaarKaisiHo मेंशन करें.

Digital Baal Mela की वेबसाइड के साथ अब बच्चे व्हॉटसप पर भी भेज सकते है अपनी एंट्री: 
'डिजिटल बाल मेला सीजन2' में 'बच्चों की सरकार कैसी हो' की किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बच्चों को अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा जिसके लिए बच्चे रजिस्ट्रेशन के लिए वेबसाइट www.digitalbaalmela.com के साथ ही डिजिटल बाल मेला के व्हॉटसप नंबर 8005915026 पर भी अपनी एंट्री भेज सकते है.

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