Digital Baal Mela: बच्चे कैसे बने एक कुशल जनप्रतिनिधि, बताने आ रहे है नेशनल फेडरेशन ऑफ अनएडेड स्कूल्स के प्रेसिडेंट दामोदर प्रसाद गोयल, सोमवार शाम 4 बजे होगा संवाद

Digital Baal Mela: बच्चे कैसे बने एक कुशल जनप्रतिनिधि, बताने आ रहे है नेशनल फेडरेशन ऑफ अनएडेड स्कूल्स के प्रेसिडेंट दामोदर प्रसाद गोयल, सोमवार शाम 4 बजे होगा संवाद

Digital Baal Mela: बच्चे कैसे बने एक कुशल जनप्रतिनिधि, बताने आ रहे है नेशनल फेडरेशन ऑफ अनएडेड स्कूल्स के प्रेसिडेंट दामोदर प्रसाद गोयल, सोमवार शाम 4 बजे होगा संवाद

जयपुर: कुशल जनप्रतिनिधि!! जनता से सीधा संपर्क, उनकी हर बात सरकार तक पहुंचाना, उनका समाधान निकालने की कोशिशें करना ही कुशल जनप्रतिनिधित्व का असली मतलब होता है.राजनीति में आने से पहले हर किसी उम्मीदवार को कुशल जनप्रतिनिधित्व बनकर जनता के हितों की रक्षा के लिए अपना बड़ा योगदान देना होता है.जनता के विश्वास पर खरा उतरना, सरकार के सामने जनता की आवाज बनना जनप्रतिनिधि की परिभाषा है.दूसरे शब्दों में कहें तो जनप्रतिनिधि एक ऑनलाइन सोशल नेटवर्किंग सेवा या समाचार पोर्टल जैसा होता है जो मतदाताओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच में सेतु का काम करता है।

जनप्रतिनिधि सांसद विधायक और पार्षद के रूप में हो सकते है.जो सरकार और जनता के बीच में मुख्य कड़ी बनकर देश के विकास में अपनी सबसे जरूरी भूमिका निभा रहे होते है.अब बाल राजनीति में शमिल होने जा रहे बच्चों को अब एक कुशल जनप्रतिनिधि बनने की कला सीखाने आ रहे है राजस्थान में सोसाइटी फॉर अनएडेड प्राइवेट स्कूल्स के अध्यक्ष दामोदर प्रसाद गोयल.जो सोमवार शाम 4 बजे डिजिटल बाल मेला के गूगल मीट पर बच्चों से सीधा संवाद करेंगे. जिसमें बच्चे एक कुशल जनप्रतिनिधि बनने के गुर सीखेंगे.कैसे जनता और सरकार के बीच में इस संबंध को मजबूत बनाया जाता है की सीख लेंगे.

फ्यूचर सोसाइटी और एलआईसी द्वारा प्रायोजित एवं आईडीबीआई बैंक के सह प्रायोजन से आयोजित डिजिटल बाल मेला 2021 सीजन2 का ये संवाद बच्चों के लिए बेहद खास होने जा रहा है.हर दिन डिजिटल बाल मेला में बच्चे राजनेताओं संग संवाद कर रहे है और राजनीति को गहराई से जान रहे हैै.ऐसे में कुशल जनप्रतिनिधि बनना राजनीति में कदम रखने की सबसे पहली कड़ी है.जिसमें सफल होकर ही कोई भी उम्मीदवार कुशल राजनेता बन सकता है और जनता की आवाज बन सकता है.बच्चों के लिए कुशल जनप्रतिनिधि ना सिर्फ राजनीति में शामिल होने के लिए जरूरी है.अपितु उनके जीवन में भी कुशल जनप्रतिनिधि की भूमिका उनकी छवि को दमदार बनाती है.

डिजिटल बाल मेला में होने जा रहे इस संवाद में बच्चे अध्यक्ष दामोदर प्रसाद गोयल से एक कुशल जनप्रतिनिधि बनने के गुणों के साथ ही राजनीति के बारें में चर्चा कर सकते है.उनसे सवाल कर सकते है, उन्हें अपने सुझाव बता सकते है, उनके साथ अपनी कोई राय साझा कर सकते है.वही 14 नवंबर को बाल सत्र में पहली बार अपनी बात कहने जा रहे ये बच्चे इस संवाद से जान सकते है कि कैसे उन्हें विधानसभा में एक कुशल जनप्रतिनि​धि बनकर जनता के हितों की रक्षा करनी है.

15 जून से शुरू हुआ था बच्चों संग राजनेताओं का सीधा संवाद:
'बच्चों की सरकार कैसी हो' में बच्चे हर दिन राजनेताओं से बात कर राजनीति के हर पहलू को समझ रहे है.ऐसे में इस संवाद की शुरूआत श्रम राज्यमंत्री टीकाराम जूली से हुई जिसके बाद अभी तक बच्चों संग संवाद में बीजेपी के युवा विधायक रामलाल शर्मा,सूजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल,छात्र नेता ललित यादव,विधायक अविनाश गहलोत,योगा ट्रेनर दिव्या शेखावत,अमेरिका की एल्डरमैन बनी भारतीय मूल की श्वेता बैद, मनोचिकित्सक डॉ अनीता गौतम, विश्वप्रसिद्ध रूमा देवी, आदर्श नगर विधायक रफीक खान,सीकर सांसद सुमेधानंद सरस्वती,राजस्थान के उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी, राजस्थान के राजस्व मंत्री हरीश चौधरी,डॉ अजयवर्धन आचार्य,मनोवैज्ञानिक डॉ मनीषा गौड़,पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी,डॉ सुभाष गर्ग,पीसीसी सचिव पुष्पेंद्र भारद्वाज.तो वही आरजे कार्तिक ,राज्यसभा सांसद नीरज डांगी और बच्चों को राजपरिवारों का लोकतंत्र में योगदान बताने के लिए राजसमंद सांसद दीया कुमारी ने बच्चों से सीधा संवाद किया.इसके अलावा आईपीएस पंकज चौधरी और नवलगढ़ विधायक राजकुमार शर्मा, कैबिनेट मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, विधायक दीप्ति माहेश्वरी, विधायक राजकुमार रोत, वही सुबोध स्कूल की प्रिंसिपल कमलजीत यादव ने भी बच्चों से संवाद किया.

राजस्थान विधानसभा जाएंगे बाल राजनीति में शामिल हो रहे विजेता बच्चे:
14 नवंबर को बाल राजनीति में शामिल हो रहे विजेता बच्चों को राजस्थान विधानसभा के विशेष बाल सत्र में जाने का मौका दिया जाएगा.जहां बच्चे अपनी सरकार और उनकी कार्यविधि को करीब से जानेंगे. ये बच्चों के लिए एक बड़ा मौका है जिसके लिए बच्चों को सिर्फ अपने मन की बात देश के सामने लाने के लिए डिजिटल बाल मेला में अपनी एंट्री भेजनी है और फिर देश जानेंगा बच्चों की जुबानी 'बच्चों की सरकार कैसी हो.

Digital Baal Mela 2021 की वेबसाइड के साथ अब बच्चे व्हॉटसप पर भी भेज सकते है अपनी एंट्री: 
'डिजिटल बाल मेला सीजन2' में 'बच्चों की सरकार कैसी हो' की किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बच्चों को अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा जिसके लिए बच्चे रजिस्ट्रेशन के लिए वेबसाइड www.digitalbaalmela.com के साथ ही डिजिटल बाल मेला के व्हॉटसप नंबर 8005915026 पर भी अपनी एंट्री भेज सकते है।

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