Digital Baal Mela: विरासत की राजनीति में कितना दम? बताएंगी राजसमंद की नई विधायक दीप्ति माहेश्वरी, बुधवार शाम 4 बजे बच्चों से करेंगी सीधा संवाद

Digital Baal Mela: विरासत की राजनीति में कितना दम? बताएंगी राजसमंद की नई विधायक दीप्ति माहेश्वरी, बुधवार शाम 4 बजे बच्चों से करेंगी सीधा संवाद

Digital Baal Mela: विरासत की राजनीति में कितना दम? बताएंगी राजसमंद की नई विधायक दीप्ति माहेश्वरी, बुधवार शाम 4 बजे बच्चों से करेंगी सीधा संवाद

जयपुर: विरासत की सियासत!!राजा का बेटा राजा,मंत्री का बेटा मंत्री ये फॉर्मूला तो आपने सुना ही होगा.राजनीति में भी कुछ ऐसा ही है.जहां एक पीढ़ी सियासत में अपना वर्चस्व कायम कर रही हो और अगली पीढ़ी राजनीति में आने की तैयारी में लगी हो.विरासत का सियासत से रिश्ता काफी पुराना है.ऐसे में ये जनता की उम्मीदों उनके विश्वास पर किस तरह मजबूती बनाता है देखना हर किसी के मन में सवाल बनकर सामने आता है.अब बाल राजनीति में शामिल होने जा रहे बच्चों को राजनीति के इसी पहलू से रूबरू कराने आ रही है राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी.

फ्यूचर सोसाइटी और एलआईसी द्वारा प्रायोजित एवं आईडीबीआई बैंक के सह प्रायोजक से देश का पहला Digital Baal Mela 2021 सीजन2 में बच्चे हर दिन राजनीति की कड़ियों को समेटने में लगे है.ऐसे में आखिर विरासत में मिली सियासत का राजनेता किस तरह उपयोग कर रहे है, किस तरह उसे कायम रखने के लिए मेहनत कर रहे है तो वही विरासत में मिली ये सत्ता कितनी दमदार है, इसके हर पहलू को जानने के लिए डिजिटल बाल मेला के बच्चे पूर्व लोकसभा सांसद रही किरण माहेश्वरी की बेटी विधायक दीप्ति माहेश्वरी से बुधवार 21 जुलाई शाम 4 बजे संवाद करेंगे.

जैसा कि विदित है कि दीप्ति माहेश्वरी को राजसमंद का विधायक उनकी मां किरण माहेश्वरी की कोरोना से हुई मौत के बाद चुना गया था.ऐसे में दीप्ति माहेश्वरी के लिए राजनीति में आना विरासत की ही देन है.जिसमें अपनी मां की छवि को बरकरार रखने के लिए उन्होनें राजनीति का रास्ता चुना और अब वो बच्चों को इसी संदर्भ में ज्ञानवर्धन करने आएंगी एवं अपने अनुभव भी साझा करेंगी.


विधायक दीप्ति माहेश्वरी का परिचय:

भाजपा की दिग्गज नेता रही किरण माहेश्वरी की छवि दीप्ति माहेश्वरी राजसमंद से विधायक है.जिन्होंने राजनीति में अपनी मां के कदमों का अनुसरण करते हुए जनता की सेवा करने का फैसला किया.उदयपुर की रहने वाली दीप्ति माहेश्वरी ने पूणे और बॉम्बे से अपने कॉलेज की पढ़ाई पूरी की है.बचपन से ही वो समाजसेवा के कई कार्यक्रमों में भाग लेती रही है.अपनी मां के लोकसभा सांसद होने के चलते उन्होंने राजनीति के हर पहलू को करीब से जाना है.यही कारण है कि विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने भी सत्ता में आते ही बखूबी अपना कार्यभार संभाला और लोगों की उम्मीदों पर अपना वर्चस्व कायम किया.

आज राजनीति में दीप्ति माहेश्वरी को उनकी मां की छवि के तौर पर परखा जाता है.ऐसे में विधायक दीप्ति भी हर समय अपनी मां की दी हुई सीख के साथ पूरी निष्ठा एवं लगन से कार्य करते हुए राजसमंद के विकास रथ को आगे बढ़ा रही है.विरासत की इस राजनीति में ​विधायक दीप्ति माहेश्वरी के अनुभव जानना वाकई में बच्चों के लिए एक नया अनुभव होगा.

ऐसे में डिजिटल बाल मेला के मंच पर कल दीप्ति माहेश्वरी बच्चों से 'विरासत की राजनीति कितनी दमदार' विषय पर चर्चा करेंगी.जिसमें बच्चे उनसे उनके राजनीतिक करियर के बारें में जानेंगे तो वही उनसे तय​ विषय पर सवाल करेंगे.कैसे वो राजनीति में अपनी मां के बनाये नियमों का अनुसरण कर रही है, कैसे जनता के दिलों में अपनी जगह बना पा रही है तो वही क्या जनता उनपर भी उनकी मां के जितना विश्वास करती है.बाल मेला में होने जा रहे इस संवाद में बच्चे विधायक से राजनीति के बारें में सवाल कर सकते है, उन्हें सुझाव दे सकते है तो वही अपनी विचार भी साझा कर सकते है.

15 जून से शुरू हुआ था बच्चों संग राजनेताओं का सीधा संवाद:
'बच्चों की सरकार कैसी हो' में बच्चे हर दिन राजनेताओं से बात कर राजनीति के हर पहलू को समझ रहे है.ऐसे में इस संवाद की शुरूआत श्रम राज्यमंत्री टीकाराम जूली से हुई जिसके बाद अभी तक बच्चों संग संवाद में बीजेपी के युवा विधायक रामलाल शर्मा,सूजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल,छात्र नेता ललित यादव,विधायक अविनाश गहलोत,योगा ट्रेनर दिव्या शेखावत,अमेरिका की एल्डरमैन बनी भारतीय मूल की श्वेता बैद, मनोचिकित्सक डॉ अनीता गौतम, विश्वप्रसिद्ध रूमा देवी, आदर्श नगर विधायक रफीक खान,सीकर सांसद सुमेधानंद सरस्वती,राजस्थान के उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी, राजस्थान के राजस्व मंत्री हरीश चौधरी,डॉ अजयवर्धन आचार्य,मनोवैज्ञानिक डॉ मनीषा गौड़,पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी,डॉ सुभाष गर्ग,पीसीसी सचिव पुष्पेंद्र भारद्वाज.तो वही आरजे कार्तिक ,राज्यसभा सांसद नीरज डांगी और बच्चों को राजपरिवारों का लोकतंत्र में योगदान बताने के लिए राजसमंद सांसद दीया कुमारी ने बच्चों से सीधा संवाद किया.इसके अलावा आईपीएस पंकज चौधरी और नवलगढ़ विधायक राजकुमार शर्मा, कैबिनेट मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने भी बच्चों से संवाद किया.

राजस्थान विधानसभा जाएंगे बाल राजनीति में शामिल हो रहे विजेता बच्चे:
14 नवंबर को बाल राजनीति में शामिल हो रहे विजेता बच्चों को राजस्थान विधानसभा के विशेष बाल सत्र में जाने का मौका दिया जाएगा.जहां बच्चे अपनी सरकार और उनकी कार्यविधि को करीब से जानेंगे।ये बच्चों के लिए एक बड़ा मौका है जिसके लिए बच्चों को सिर्फ अपने मन की बात देश के सामने लाने के लिए डिजिटल बाल मेला में अपनी एंट्री भेजनी है और फिर देश जानेंगा बच्चों की जुबानी 'बच्चों की सरकार कैसी हो'।।

Digital Baal Mela की वेबसाइड के साथ अब बच्चे व्हॉटसप पर भी भेज सकते है अपनी एंट्री: 
'डिजिटल बाल मेला सीजन2' में 'बच्चों की सरकार कैसी हो' की किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बच्चों को अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा जिसके लिए बच्चे रजिस्ट्रेशन के लिए वेबसाइड www.digitalbaalmela.com के साथ ही डिजिटल बाल मेला के व्हॉटसप नंबर 8005915026 पर भी अपनी एंट्री भेज सकते है.

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