Digital Baal Mela: स्कूल खुलने से पहले नयी गाइडलाइन होगी जारी,सुबोध स्कूल ​प्रिंसिपल कमलजीत यादव ने बताया बच्चों की सेहत से नहीं होगा समझौता

Digital Baal Mela: स्कूल खुलने से पहले नयी गाइडलाइन होगी जारी,सुबोध स्कूल ​प्रिंसिपल कमलजीत यादव ने बताया बच्चों की सेहत से नहीं होगा समझौता

Digital Baal Mela: स्कूल खुलने से पहले नयी गाइडलाइन होगी जारी,सुबोध स्कूल ​प्रिंसिपल कमलजीत यादव ने बताया बच्चों की सेहत से नहीं होगा समझौता

जयपुर: राजस्थान सरकार ने 2 अगस्त को नर्सरी से 12वीं तक की स्कूल खोलने का फैसला सुनाया. जिसके बाद अभिभावकों के साथ हर बच्चे के मन में उथल- पुथल चल रही हैं. ऐसे में आज डिजिटल बाल मेला के मंच पर भी बच्चों ने सुबोध की प्रिंसिपल कमलजीत यादव के सामने अपनी चिंता व्यक्त ​की. कोरोना काल में डेढ़ साल से जहां बच्चे घर बैठे आॅनलाइन क्लासेज ले रहे थे अब उन्हें ना सिर्फ स्कूल जाना है बल्कि अपनी सु​रक्षा भी करनी है. जिस पर चिंता व्यक्त करते हुए रोज स्कूल की छात्रा चित्रा शर्मा ने प्रिंसिपल यादव से पूछा कि बच्चे इतनी देर तक मास्क कैसे लगायेंगे? सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कैसे होगा? क्या स्कूलों ने अपने स्तर पर पूरी व्यवस्था कर ली है? जिसके जवाब में प्रिंसिपल यादव ने कहा कि इस बारें में सरकार विचार कर रही है और स्कूल खुलने से पहले नयी गाइडलाइन जारी करेंगी. बच्चों की सेहत से किेसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. उन्हें पूरी तरह से सुरक्षा दी जाएंगी. इतना ही नहीं प्रिंसिपल यादव ने बताया कि यदि सबकुछ व्यवस्था के अनुरूप नहीं चलता है तो स्कूल बंद भी कर दिये जाएंगे. सरकार के लिए सबसे आवश्यक बच्चों की सुरक्षा है.

बच्चों से किया सवाल- सरकार के फैसले से कितने सहमत है:
संवाद के दौरान प्रिंसिपल कमनजीत यादव ने जयपुर के टैगोर स्कूल में पढ़ने वाले 10वीं कक्षा के छात्र एकलव्य शर्मा के सवाल 'क्या वे सरकार के फैसले से सह​मति जताती है?' पर अपना पक्ष रखा और कहां कि ये जरूरी है. हर किसी बच्चे को ऑनलाइन शिक्षा नहीं मिल पा रही है. महामारी की वजह से बंद स्कूलों के कारण कुछ बच्चे पढ़ाई में पीछे भी हो गये है जिसकी वजह से बच्चों को पढ़ाई में काफी नुकसान हुआ है. इसके अलावा बच्चे घर में रहते हुए फिजिकल एक्टिव भी नहीं रहते है जो उनकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है यही वजह है कि स्कूल खुलने से बच्चे अनुशासन में आएंगे और एक बार फिर अपने लक्ष्य के प्रति​ जागरूक होंगे.

डिजिटल बाल मेला पर बच्चे दिखा रहे है राजनीति में रूचि:
डिजिटल बाल मेला में इन दिनों बच्चे राजनीति में काफी रूचि दिखा रहे है. जिन्हें देखकर प्रिंसिपल कमलजीत यादव हैरान हो गई. उन्होंने बताया कि जहां बच्चे स्कूल के क्लासरूम में सामाजिक विज्ञान पढ़ने में बोरियत महसूस करते थे वहां इस मंच ने बच्चों के लिए राजनीति का अंदाज ही बदल दिया. अब बच्चे ना सिर्फ राजनीति के बारें में जानने के लिए उत्सुक है बल्कि वो राजनीति में आने के लिए भी दिलचस्पी दिखा रहे है. 'राजनीतिक शिक्षा की उम्र स्कूल या कॉलेज' के​ विषय पर हुए आज के इस संवाद में बच्चों ने प्रिंसिपल ने राजनीति में आने के लिए कैसे तैयारी करनी है पर भी अपने सवाल किये. 

स्कूल में जो बच्चे पढ़ रहें हैं राजनीति को समझ रहें हैं?
जिस पर कुशलगढ़ की माही जैन ने पूछा कि - स्कूल में जो बच्चे पढ़ रहें हैं राजनीति को समझ रहें हैं, राजनीति से संबंधित जो सवाल पूछ रहे हैं तो क्या हम बच्चों को भी राजनीति से जुड़ जाना चाहिए? जिस पर जवाब देते हुए प्रिंसिपल ने बताया कि जरूर बच्चों को राजनीति में आना चाहिए. बच्चों को हर नागरिक के कर्तव्यों के बारें मे उनके अधिकारों के बारें में जानना चाहिए. राजनेताओं से या घर में हर किसी से इस बारें मे बात करनी चाहिए. बात करने से उन्हें राजनीति के बारें में और अन्य विषयों के बारें में अद्धभूत जानकारी मिलेंगी.

प्रिंसिपल ने बच्चों को बताई वोट की अहमियत:
संवाद के दौरान प्रिंसिपल ने बच्चों को वोट की अहमियत भी बताई. बताया कि हर एक वोट की खास अहमियत होती है जो हमें ये अधिकार देती है कि हम देश का विकास करने के लिए किसे सत्ता में लाना चाहते है. ऐसे में राजनीति में आने से पहले बच्चे ये समझें कि राजनीति में आने से पहले एक राजनेता की क्या जिम्मेदारियां होती है. प्रिंसिपल ने बताया कि राजनीति में 10 से 5 बजे तक काम करना नहीं होता है बल्कि जनता की सेवा में हमेशा सक्रिय भूमिका निभानी होती है इसलिए राजनेता बनना एक बड़ी और अहम बात है. जिसे पूरा करने के लिए हमें जनता का विश्वास ​जीतना होता है और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहना पड़ता है.

विद्यार्थी और राजनेता के जीवन में संतुलन बनाये रखने के बारें में सवाल किया:
आज के संवाद में बाड़मेर के जोगाराम को लीडर चुना गया जिन्होंने प्रिंसिपल कमलजीत यादव से विद्यार्थी और राजनेता के जीवन में संतुलन बनाये रखने के बारें में सवाल किया था. वही डिजिटल बाल मेला के संवाद में आज बच्चों ने प्रिंसिपल से एक के बाद एक दमदार सवाल किये.जिसमें उन्होनें बच्चों को अपने करियर की कहानी भी बताई तो बच्चों से नेशनल बॉलीबॉल प्लेयर से प्रिंसिपल बनने के अपने सफर को साझा किया. जिससे बच्चों ने सीखा की सीखने की कोई उम्र नहीं होती है. वहीं सफलता के साथ असफलता भी हमारे जीवन में नयी प्रगृति लाती है जो हमें कुछ अच्छा कुछ नया करने की ओर जागरूक करती है. इसी के साथ प्रिंसिपल यादव ने डिजिटल बाल मेला के मंच की सराहना की और एक बार फिर से बच्चों से बाल मेला के मंच पर रूबरू होने की इच्छा जाहिर की.

15 जून से शुरू हुआ था बच्चों संग राजनेताओं का सीधा संवाद:
बच्चों की सरकार कैसी हो' में बच्चे हर दिन राजनेताओं से बात कर राजनीति के हर पहलू को समझ रहे है. ऐसे में इस संवाद की शुरूआत श्रम राज्यमंत्री टीकाराम जूली से हुई जिसके बाद अभी तक बच्चों संग संवाद में बीजेपी के युवा विधायक रामलाल शर्मा,सूजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल,छात्र नेता ललित यादव,विधायक अविनाश गहलोत,योगा ट्रेनर दिव्या शेखावत,अमेरिका की एल्डरमैन बनी भारतीय मूल की श्वेता बैद, मनोचिकित्सक डॉ अनीता गौतम, विश्वप्रसिद्ध रूमा देवी, आदर्श नगर विधायक रफीक खान,सीकर सांसद सुमेधानंद सरस्वती,राजस्थान के उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी, राजस्थान के राजस्व मंत्री हरीश चौधरी,डॉ अजयवर्धन आचार्य,मनोवैज्ञानिक डॉ मनीषा गौड़,पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी,डॉ सुभाष गर्ग,पीसीसी सचिव पुष्पेंद्र भारद्वाज. तो वही आरजे कार्तिक ,राज्यसभा सांसद नीरज डांगी और बच्चों को राजपरिवारों का लोकतंत्र में योगदान बताने के लिए राजसमंद सांसद दीया कुमारी ने बच्चों से सीधा संवाद किया. इसके अलावा आईपीएस पंकज चौधरी और नवलगढ़ विधायक राजकुमार शर्मा, कैबिनेट मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, विधायक दीप्ति माहेश्वरी, विधायक राजकुमार रोत ने भी बच्चों से संवाद किया. 

विजेता बच्चें जाएंगे राजस्थान विधानसभा:
राजस्थान विधानसभा जाएंगे बाल राजनीति में शामिल हो रहे विजेता बच्चे
14 नवंबर को बाल राजनीति में शामिल हो रहे विजेता बच्चों को राजस्थान विधानसभा के विशेष बाल सत्र में जाने का मौका दिया जाएगा. जहां बच्चे अपनी सरकार और उनकी कार्यविधि को करीब से जानेंगे.ये बच्चों के लिए एक बड़ा मौका है जिसके लिए बच्चों को सिर्फ अपने मन की बात देश के सामने लाने के लिए डिजिटल बाल मेला में अपनी एंट्री भेजनी है और फिर देश जानेंगा बच्चों की जुबानी 'बच्चों की सरकार कैसी हो'..

Digital Baal Mela 2021 की वेबसाइड के साथ अब बच्चे व्हॉटसप पर भी भेज सकते है अपनी एंट्री: 
'डिजिटल बाल मेला सीजन2' में 'बच्चों की सरकार कैसी हो' की किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बच्चों को अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा जिसके लिए बच्चे रजिस्ट्रेशन के लिए वेबसाइड www.digitalbaalmela.com के साथ ही डिजिटल बाल मेला के व्हॉटसप नंबर 8005915026 पर भी अपनी एंट्री भेज सकते है.

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