Digital Baal Mela: डिजिटल बाल मेला में जालौर के शाहरूख ने रखी अपनी राय

Digital Baal Mela: डिजिटल बाल मेला में जालौर के शाहरूख ने रखी अपनी राय

Digital Baal Mela:  डिजिटल बाल मेला में जालौर के शाहरूख ने रखी अपनी राय

जयपुर: डिजिटल बाल मेला की प्रतियोगिताओं में बच्चे इन दिनों खुलकर सरकार के प्रति अपना नजरिया बता रहे है. ऐसे में जालौर के शाहरूख ने अपनी राय रखी. डिबेट प्रतियोगिता में भाग लेते हुए शाहरूख ने बताया कि अब अपने राज्य में आरक्षण और बेरोजगारी, शिक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता है. फ्यूचर सोसाइटी और एलआईसी द्वारा प्रायोजित एवं आईडीबीआई बैंक के सह प्रायोजन से आयोजित ये मंच है Digital Baal Mela season 2 में शाहरूख ने अपनी राय रखी. 

बच्चे ऐसे लें डि​बेट प्रतियोगिता में भाग:
डिबेट प्रतियोगिता के बारें में जानने के बाद बच्चों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही आता है कि वो कैसे इस प्रतियोगिता में भाग लेकर सरकार से अपने मन की बात कर सकते है. तो बच्चे अब चिंता ना करें. वाद-विवाद प्रतियोगिता में शामिल होने की प्रतियोगिता बिल्कुल सरल है. तो आइए जानते है बच्चे कैसे रखें अपना पक्ष.

 इस प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए बच्चों को अपना वीडियो बनाना होगा. 6 से 16 साल के बच्चे डिजिटल बाल मेला को अपना वीडियो भेजे. वीडियो को डिजिटल बाल मेला के सोशल प्लेटफॉर्म पर भेजना होगा. बच्चे अपना वीडियो वेबसाइड www.digitalbaalmela.com , व्हॉटसअप:8005915026 पर भेज सकते है. बता दें वीडियो में किसी प्रकार की समय पाबंदी नहीं है लेकिन बच्चों को वीडियों में विषय से संबंधित तथ्यों पर बात करना जरूरी है. अपनी बात कहने के साथ वीडियों में बच्चे अपने नाम के साथ स्कूल और शहर का नाम जरूर जोड़े.वही वीडियो में बच्चे #BacchoKiSarkaarKaisiHo मेंशन करें.

डिजिटल बाल मेला की डिबेट का मकसद:
बाल राजनीति में शामिल होने जा रहे बच्चों के लिए आयोजित की गई डिबेट प्रतियोगिता का मकसद बच्चों को राजनीति में जागरूक बनाना, उन्हें राजनीति में आने से पहले अपनी जिम्मे​दारियां समझाना, आत्मनिर्भर बनाना और अपनी बात सार्वजनिक तौर पर स्पष्ट रूप से कहने के मकसद से कराई जा रही है. गौरतलब है कि डिजिटल बाल मेला में विजेता प्रतियोगी को बाल दिवस के मौके पर विधानसभा जाने का मौका दिया जाएगा. ऐसे में बच्चे पहली बार विशेष बाल सत्र में अपनी प्रस्तुति देंगे. इस दौरान बच्चे सरकार के सामने अपनी बात रखेंगे. विधानसभा में अपनी आवाज उठाएंगे अपनी राय देंगे. अपने विचारों से सरकार और देश-दुनिया को संबोधित करने जा रहे बच्चों के लिए अब इस बड़े मौेके का लाभ उठाने से पहले उनका राजनीति में बौद्धिक क्षमता का विकास होना अत्यंत आवश्यक है. बाल मेला बच्चों के इसी विकास को ध्यान में रखते हुए उन्हें राजनीति का गहन अध्ययन कराने के लिए प्रयासरत है.जिसके उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए डिजिटल बाल मेला में ये वाद-विवाद प्रतियोगिता को संयोजित किया जा रहा है.
 
डिजिटल बाल मेला की इस डिबेट से सरकार जानेगी बच्चों के मन की बात:
डिजिटल बाल मेला की इस प्रतियोगिता से ना​ सिर्फ बच्चों को राजनीति का पाठ पढ़ने का अवसर मिलेगा बल्कि इस प्रतियोगिता से सरकार भी जानेंगी कि सरकार के प्रति बच्चों की क्या राय है. इस प्रतियोगिता में बच्चे अपने मन की बात करेंगे. ऐसे में जहां सरकार अब तक सिर्फ बड़ो की बातों से उनकी मांगो से मुखातिब हो पा रही थी वही अब सरकार को भी ये अवसर मिलेगा जब वो अपने राज्य के बच्चों से सीधे रूबरू हो पाएंगे. उनकी मन के विचारों को जान पाएंगे. अपनी सरकार के बारें में बच्चे क्या सोचते है, उनकी क्या मांगे है, वे अपने किन अधिकारों के प्रति सजग है वे क्या चाहते है? इन सभी बातों को सरकार अब बच्चों की जुबानी जान पाएंगी. यही वजह है कि इस वाद-विवाद प्रतियोगिता के हर पक्ष और विपक्ष से सरकार को सीधे बच्चों के मन की बात जानने का मौका मिलेगा.

अपनी सरकार के बारें में बात करने से डिजिटल बाल मेला2021 के मंच पर बच्चों को मिलेंगे ढेरों उपहार:
डिजिटल बाल मेला 2021 बच्चों की सरकार कैसी हो में शामिल हो रहे बच्चे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे और अपनी सरकार बनाने में अपने विचार देशभर के सामने रखेगे. ऐसे में बच्चों की प्रतियोगिता में उनके द्वारा पूछे गये आकर्षक सवालों, राजनेताओं संग हुए संवाद में उनके जवाबों तो वही क्विज प्रतियोगिता, डिबेट प्रतियोगिता में शामिल की गई गतिविधियों में उनके परिणामों को ध्यान में रखते हुए मूल्यांकन किया जाएगा. जिसमें सबसे प्रतिष्ठित बच्चे को विजेता घोषित किया जाएगा और उसे प्रथम पुरस्कार के रूप में 21000 रुपये की कैश राशि से नवाजा जाएगा. 

बता दें डिजिटल बाल मेला2021 में तीन विजेताओ के साथ ही सांत्वना पुरस्कार भी ​शामिल किया गया है हर एक विजेता को अलग-अलग पुरस्कार से नवाजा जाएगा जो इस प्रकार है:
प्रथम पुरस्कार - 21000 रुपये
द्वितिय पुरस्कार -11000 रुपये
तृतीय पुरस्कार - 5100 रुपये
सांत्वना पुरस्कार -1100 रुपये

डिजिटल बाल मेला लाया है बच्चों को राजस्थान विधानसभा ले जाने की नई सौगात: 
15 जून को शुरू हुआ डिजिटल बाल मेला 2021 सीजन की थीम 'बच्चों की सरकार कैसी हो' है. इस विषय पर बच्चे लगातार अपनी एंट्रीज भेज रहे है. जैसा कि विदित है कि इस डिजिटल बाल मेला 2021 के विजेता बच्चों को 14 नवंबर बाल दिवस के मौके पर राजस्थान विधानसभा के विशेष बाल सत्र में जाने का मौका दिया जाएगा. जहां वो अपनी बात देश- दुनिया के सामने रख सकेंगे. इसीलिए इस सीजन के हर एक पहलू में बच्चों को राजनीतिक, सामाजिक, सरकार के हर एक पहलू से परिचित कराया जाएगा. आपको पता हो तो सरकार द्वारा की जाने वाली सभी गतिविधियां विधानसभा में पारित की जाती है. जिसके लिए बाल राजनीति में शामिल होने जा रहे बच्चों को विधानसभा जाना और वहां कि गतिविधियों, कार्यप्रणाली को करीब से समझना आवश्यक है. ऐसे में बाल राजनीति में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने जा रहे बच्चों को अपनी सरकार बनाने के लिए देश में पहली बार किसी मंच के सहयोग से विधानसभा जाने का मौका मिलेगा. खास बात ये है कि ये मंच देशभर के बच्चों के लिए आयोजित किया गया है. देशभर के बच्चे इसमें भाग ले सकते है. और डिजिटल बाल मेला 2021 में बनने जा रहे इस इतिहास में अपना नाम कर सकते है.

डिजिटल बाल मेला की वेबसाइड के साथ अब बच्चे व्हॉटसप पर भी भेज सकते है अपनी एंट्री: 
डिजिटल बाल मेला सीजन2 में बच्चों की सरकार कैसी हो की किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बच्चों को अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा जिसके लिए बच्चे रजिस्ट्रेशन के लिए वेबसाइड www.digitalbaalmela.com के साथ ही डिजिटल बाल मेला के व्हॉटसप नंबर 8005915026 पर भी अपनी एंट्री भेज सकते है.

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