Digital Baal Mela: विरासत से नहीं मिलती सफलता,डिजिटल बाल मेला के बच्चों संग संवाद में विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा- राजनीति में हर दिन देनी होती है नयी परीक्षा

Digital Baal Mela: विरासत से नहीं मिलती सफलता,डिजिटल बाल मेला के बच्चों संग संवाद में विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा- राजनीति में हर दिन देनी होती है नयी परीक्षा

Digital Baal Mela: विरासत से नहीं मिलती सफलता,डिजिटल बाल मेला के बच्चों संग संवाद में विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा- राजनीति में हर दिन देनी होती है नयी परीक्षा

जयपुर: फ्यूचर सोसाइटी और एलआईसी द्वारा प्रायोजित एवं आईडीबीआई बैंक के सह प्रायोजक से देश के पहले डिजिटल बाल मेला 2021 सीजन2 में आज बच्चों ने राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी से संवाद किया. 'विरासत की राजनीति कितनी दमदार' पर बच्चों ने एक के बाद एक दमदार सवाल दागे. जिन्हें सुनकर विधायक भी हैरान रह गई और बच्चों के सवालों की सराहना करते हुए हर एक का जवाब दिया. ऐसे में जयपुर की पुनिता ने संवाद में सबसे पहले अपना सवाल किया और पूछा कि विरासत में मिली राजनीति कितनी दमदार होती है ये किस तरह मजबूत बनाती है. जिसका जवाब विधायक ने बच्चों को बड़ी सरलता से समझाते हुए दिया और कहा कि राजनीति में विरासत की कोई जगह नहीं होती है. राजनीति में जनता की सेवा करना जनता का विश्वास जीतना, उनके प्यार को अपनाना ही राजनीति है. जो भी उम्मीदवार जनता की कसौटी पर खरा उतरता है वही विजयी होता है इसलिए विरासत राजनीति में काम नहीं आती है.

विरासत की सियासत में पार्टी बदलाव क्यों:
विधायक दीप्ति माहेश्वरी से मिलकर खुश हुए बच्चों ने संवाद में उत्तरप्रदेश के प्रतीक शर्मा ने विधायक से पूछा​ कि विरासत की सियासत में पार्टी बदलाव क्यों हो रहा है? क्या इसकी वजह पीढ़ियो की सोच में बदलाव है या पार्टियों का ही नज़रिया बदल गया है? जिसके जवाब में युवा विधायक ने बताया कि हर पीढ़ी की सोच अलग है जैसे—जैसे समय बदल रहा है लोगों की सोच बदल रही है उनके विचार बदल रहे है इसी वजह से विरासत की सियासत में पार्टी बदलाव होने लगे है. अपने लक्ष्यों को पाने के लिए लोग पार्टीयों को चुनने लगते है या कई पार्टी उन्हें चुनने लगती है. 

राजनीति और धर्म का क्या संबंध है:
वही संवाद में जब नागौर की ललिता बाबल ने विधायक से पूछा कि राजनीति और धर्म का क्या संबंध है? अकसर लोग जाति, धर्म के नाम पर वोट मांगते है ये क्यों होता है? जिस पर विधायक ने जवाब देते हुए कहा कि धर्म हमारे लिए सोचने, विचारने का एक तरीका है. जो लोग ऐसा करते है वो गलत होते है राजनीति में और धर्म में संबंध नहीं है धर्म तो हर मनुष्य की आत्मा में है ऐसे में राजनीति में धर्म के नाम पर वोट मांगना तो एक तरह का धोखा होता है. लोगों को ऐसा नहीं करना चाहिए.

इसी के साथ अपनी जीत का श्रेय अपनी माताजी पूर्व ​लोकसभा सांसद किरण माहेश्वरी को देते हुए विधायक ने बताया कि आज वो जो भी है अपने परिवार की वजह से है. अपनी मां की कोरोना से हुई मौत के बाद दीप्ति काफी अकेली पड़ गई थी लेकिन ऐसे में लोगों ने उनमें उनकी मां की छवि देखी और उन्हें राजनीति मे आने के लिए प्रोत्साहित किया. यही वजह रही कि जनता की सेवा करने के लिए दीप्ति अपने मां के कदमों का अनुसरण करते हुए बीजेपी में शामिल हुई और राजनीति में आई. 

कोरोना की तीसरी लहर के प्रति भी चेताया:
संवाद मे बच्चों ने एक से बढ़कर एक सवाल किये. जिन्हें सुन विधायक ने बच्चों की काफी तारीफ की. वही आज का लीडर रिद्धी को घोषित किया गया. वही संवाद में विधायक ने बच्चों के कमाल को देखते हुए उन्हें कोरोना की तीसरी लहर के प्रति भी चेताया. अपनी मां​ किरण माहेश्वरी का उदाहरण देते हुए कोरोना से बचने की सलाह दी और परिवारों को भी इससे सतर्क रहने की अपील की. तो वही संवाद मे विधायक ने बच्चों को डिजिटल बाल मेला में संवाद के लिए धन्यवाद किया.

राजसमंद सांसद दीया कुमारी को बताया अपनी बड़ी बहन:
बच्चों संग संवाद में विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने राजसमंद सांसद दीया कुमारी को अपनी बड़ी बहन बताया और कहा वो उन्हें राजनीति में लाने का सबसे बड़ा हाथ है वो उनके कामों को अनुसरण कर अपनी मां की छवि बरकरार रखेंगी. 

15 जून से शुरू हुआ था बच्चों संग राजनेताओं का सीधा संवाद:
'बच्चों की सरकार कैसी हो' में बच्चे हर दिन राजनेताओं से बात कर राजनीति के हर पहलू को समझ रहे है. ऐसे में इस संवाद की शुरूआत श्रम राज्यमंत्री टीकाराम जूली से हुई जिसके बाद अभी तक बच्चों संग संवाद में बीजेपी के युवा विधायक रामलाल शर्मा,सूजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल,छात्र नेता ललित यादव,विधायक अविनाश गहलोत,योगा ट्रेनर दिव्या शेखावत,अमेरिका की एल्डरमैन बनी भारतीय मूल की श्वेता बैद, मनोचिकित्सक डॉ अनीता गौतम, विश्वप्रसिद्ध रूमा देवी, आदर्श नगर विधायक रफीक खान,सीकर सांसद सुमेधानंद सरस्वती,राजस्थान के उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी, राजस्थान के राजस्व मंत्री हरीश चौधरी,डॉ अजयवर्धन आचार्य,मनोवैज्ञानिक डॉ मनीषा गौड़,पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी,डॉ सुभाष गर्ग,पीसीसी सचिव पुष्पेंद्र भारद्वाज. तो वही आरजे कार्तिक ,राज्यसभा सांसद नीरज डांगी और बच्चों को राजपरिवारों का लोकतंत्र में योगदान बताने के लिए राजसमंद सांसद दीया कुमारी ने बच्चों से सीधा संवाद किया. इसके अलावा आईपीएस पंकज चौधरी और नवलगढ़ विधायक राजकुमार शर्मा, कैबिनेट मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने भी बच्चों से संवाद किया. 

राजस्थान विधानसभा जाएंगे बाल राजनीति में शामिल हो रहे विजेता बच्चे:
14 नवंबर को बाल राजनीति में शामिल हो रहे विजेता बच्चों को राजस्थान विधानसभा के विशेष बाल सत्र में जाने का मौका दिया जाएगा. जहां बच्चे अपनी सरकार और उनकी कार्यविधि को करीब से जानेंगे. ये बच्चों के लिए एक बड़ा मौका है जिसके लिए बच्चों को सिर्फ अपने मन की बात देश के सामने लाने के लिए Digital Baal Mela 2021 में अपनी एंट्री भेजनी है और फिर देश जानेंगा बच्चों की जुबानी 'बच्चों की सरकार कैसी हो'..

Digital Baal Mela 2021 की वेबसाइड के साथ अब बच्चे व्हॉटसप पर भी भेज सकते है अपनी एंट्री: 
'डिजिटल बाल मेला सीजन2' में 'बच्चों की सरकार कैसी हो' की किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बच्चों को अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा जिसके लिए बच्चे रजिस्ट्रेशन के लिए वेबसाइड www.digitalbaalmela.com के साथ ही डिजिटल बाल मेला के व्हॉटसप नंबर 8005915026 पर भी अपनी एंट्री भेज सकते है.

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