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एग्जिट पोल के बाद जोधपुर लोकसभा सीट पर कांटे की टक्कर को लेकर चर्चाएं तेज

एग्जिट पोल के बाद जोधपुर लोकसभा सीट पर कांटे की टक्कर को लेकर चर्चाएं तेज

जोधपुर: लोकसभा चुनाव 2019 के परिणामों का हर किसी को बेसब्री से इंतजार है. भाजपा के राष्ट्रवाद और कांग्रेस के विकास के मुद्दे के बीच हुए चुनाव के चलते सबकी नजर अगर कहीं है तो वह जोधपुर सीट पर है. जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल के सदस्य व भाजपा प्रत्याशी गजेंद्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र व कांग्रेस के प्रत्याशी वैभव गहलोत के बीच कड़ा मुकाबला है. देखना बड़ा दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत बाजी मारते हैं या फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जादू के चलते एक बार फिर शेखावत दिल्ली की संसद तक पहुंचते हैं.  

राजस्थान प्रदेश की सबसे हॉट सीट जोधपुर पर कांटे की टक्कर
लोकसभा चुनाव परिणामों को लेकर एग्जिट पोल भले कुछ भी कहे लेकिन राजस्थान प्रदेश की सबसे हॉट सीट जोधपुर को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब कांटे की टक्कर की उम्मीद सामने आ गई है. अब तक की रिपोर्ट में सामने आया है कि दोनों ही दलों के प्रत्याशियों को मतदाता ने जो वोट दिए हैं उसका सटीक आकलन दोनों ही दल नहीं कर पाए हैं. हालांकि फलौदी का सट्‌टा बाजार जोधपुर में भाजपा के पक्ष में खड़ा दिखाई दे रहा है मगर फलौदी के सट्‌टा बाजार के दावे दर्जनों बार फेल भी हुए हैं. 

कार्यकर्ता अपनी-अपनी पार्टी के जीतने का कर रहे दावा
जोधपुर लोकसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां जोधपुर शहर की तीन सीटों सूरसागर, सरदारपुरा, जोधपुर शहर हैं. इन तीनों सीटों पर कांग्रेस वैभव गहलोत के स्थानीय होने की बातें करते हुए यह दावे कर रही है कि सीएम अशोक गहलोत का मान जोधपुर की जनता रखेगी. इधर, भाजपा के प्रत्याशी गजेंद्र सिंह शेखावत के समर्थक यह दावा कर रहे हैं पीएम मोदी का जादू दुबारा चलेगा. हालांकि भाजपा व कांग्रेस के बड़े नेता यहां चुप हैं. वे फ्रंट पर नतीजे आने की बात कर रहे हैं तो वहीं अपने लोगों के बीच में वे अपनी पार्टी की जीत के दावे भी कर रहे हैं. जोधपुर लोकसभा क्षेत्र में आने वाली पांच सीटें ग्रामीण इलाके से हैं. इनमें फलौदी, पोकरण, शेरगढ़, लोहावट व लूणी सीटें हैं. रोचक बात यह है कि यहां कांग्रेस के विधायकों की संख्या अच्छी है. मगर यहां कांग्रेस के विधायकों के साथ ही अन्य जगहों से आए कांग्रेस के मंत्रियों, स्वयं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्‌डा, महेंद्र विश्नोई पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ के अलावा ओसियां विधायक दिव्या मदेरणा ने भी अपने अपने स्तर पर वैभव गहलोत के लिए प्रचार किया था. मगर अब परिणाम तय करेगा कि किस नेता की मेहनत कितना काम आई है. इन पांच सीटों में से कांग्रेस हर सीट पर लीड लेने की बात कर ही है तो वहीं भाजपा को इन पांच में से चार सीटों पर लीड की उम्मीद है. 

फलौदी के सट्‌टे बाजार का आकलन पूरी तरह से सटीक नहीं 
जोधपुर लोकसभा में कांग्रेस के वैभव गहलोत की जीत होने की स्थिति में स्वयं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व उनकी कांग्रेस टीम का कद बढ़ने की उम्मीद है तो वहीं गजेंद्र सिंह शेखावत के जीतने पर यहां मोदी का जादू गहलोत पर चलने की संभावना भाजपा की तरफ से लगाई जा रही है. इधर, गजेंद्र सिंह दोबारा यहां से जीतते हैं तो वे प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सक्रिय भूमिका निभाते देखे जा सकते हैं. गजेंद्र सिंह शेखावत की हार-जीत से प्रदेश भाजपा के राजनीतिक समीकरण भी बदल सकते है. जोधपुर लोकसभा सीट के अंतर्गत ही फलौदी सट़्टा बाजार आता है. इस सट्‌टा बाजार के हवाले से प्रदेश में राजनीतिक गणित का आकलन किया जाता है. मगर जोधपुर, सीकर, मुंबई व नीमच के बड़े बुकियों की यह रिपोर्ट भी है कि फलौदी का सट्‌टा बाजार कई बार फेल भी हुआ है. ऐसे में फलौदी के सट्‌टा बाजार का आकलन पूरी तरह से सटीक नहीं माना जा सकता. इसकी बड़ी वजह यह भी है कि फलौदी के बुकी अपने पास आए सौदे के लेन देन को देखते हुए भावों में उतार चढ़ाव करने में ज्यादा रूचि लेने लगे हैं जबकि ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार सट्‌टा बाजार का भाव पहले तय होता था. इस वजह से फलौदी सट्‌टा बाजार के आकलन को फिलहाल पूरी तरह से सटीक मानने से परहेज किया जा रहा है. 

....राजीव गौड़ फर्स्ट इंडिया न्यूज जोधपुर

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