VIDEO: पोंग बांध के विस्थापितों का होगा पुनर्वास, 7000 से ज्यादा का मसला होगा हल

Dr. Rituraj Sharma Published Date 2019/02/20 10:50

जयपुर। पोंग बांध विस्थापितों के पुनर्वास के बकाया करीब 7000 मामलों में एक बार 2228 आवेदकों का कैंप लगाकर निस्तारण कर दिया जाएगा। यह कैंप 28 फरवरी और 11 मार्च को लगाया जाएगा, जिसमें सबसे पहले 700 से ज्यादा आवेदकों को उपलब्ध जमीन दे दी जाएगी। बैठक में सबसे बड़ा निर्णय लाभान्वित किसानों की जियो टैगिंग करने और राजस्थान और हिमाचल सरकार का कॉमन पोर्टल बना कर जानकारी साझा करने को लेकर हुआ है। 

वहीं यह भी निर्णय हुआ है कि जिन भी किसानों को मुरब्बा दिया जाएगा, उन्हें यह प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। उपनिवेशन की सारी जरूरतें पूरी करते हुए यह भूमि दी गई है। इसके साथ ही यह भी तय हुआ है कि सभी आवेदकों को राजस्थान में ही जमीन दी जाएगी। गौरतलब है कि इस बारे में हिमाचल हाई कोर्ट ने कहा था कि यदि राजस्थान के पास जमीन मूवी हिमाचल सरकार जमीन दे और उसकी राशि राजस्थान सरकार से ले। इसके बारे में मुख्य सचिव डी बी गुप्ता ने हमारे वरिष्ठ संवाददाता ऋतुराज शर्मा से जानकारी साझा की-

बैठक के बाद सीएस डीबी गुप्ता ने कहा कि कुल 16100 परिवारों में कई बार रिजेक्शन चलता रहा, अभी 2228 केस पूरी तरह प्रमाणित हैं। इनमें आपत्तियों के बाद कमी पूर्ति की गई है। डीबी गुप्ता ने कहा कि दोनों सरकारों का कॉमन पोर्टल बनेगा और दोनों सरकार अपने अपने पासवर्ड से इसे एक्सेस कर सकते हैं। आवेदकों को जहां जहां मुरब्बा दिया जाएगा, वहां वहां सर्टिफिकेट देंगे। इसमें प्रमाणित होगा कि कॉलोनाइजेशन की जरूरत पूरी की गई है। 

बैठक के बाद सीएस डीबी गुप्ता ने कहा कि जिस किसान को पुनर्वासित कर रहे हैं, उसका सेटिस्फेक्शन बहुत जरूरी है। इसके लिए हिमाचल और CWC से टीम आई थी, उन्होंने कहा था कि दो-तीन तहसीलों में पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और उन तहसीलों को हटा दिया है। फिलहाल जो 700 मुरब्बे दिए जाएंगे वह उसी क्षेत्र में दिए जाएंगे जिस क्षेत्र के लिए टीम ने सहमति जताई है। 

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