छेड़छाड़ से परेशान होकर दलित परिवार ने सचिवालय के बाहर धरने पर बैठकर मांगी इच्छामृत्यु

छेड़छाड़ से परेशान होकर दलित परिवार ने सचिवालय के बाहर धरने पर बैठकर मांगी इच्छामृत्यु

छेड़छाड़ से परेशान होकर दलित परिवार ने सचिवालय के बाहर धरने पर बैठकर मांगी इच्छामृत्यु

जयपुर: दबंगों की ओर से लड़कियों से की गई छेड़छाड़ का जब एक दलित परिवार ने विरोध किया तो उन्हें दबंगों का अत्याचार और अन्याय झेलना पड़ा. आखिरकार गांव छोड़ने को मजबूर हुए इस परिवार ने सचिवालय के बाहर आकर धरना दिया और इच्छामृत्यु की मांग की. 50 साल का महाराज सिंह जाटव अपनी पत्नी औऱ तीन बच्चों के साथ सचिवालय के स्वागत कक्ष के बाहर दिन भर हाथों में तख्तियां लेकर इच्छा मृत्यु की मांग की. इसके बावजूद किसी सरकारी नुमाइंदे ने उनकी सुध नही ली. भरतपुर के बयाना तहसील के सेउपुरा मजरा शाहपुर निवासी महाराज सिंह पुत्र सुखाराम ने शिकायत की कि 21 जून 2018 को उसकी बेटी स्कूल जा रही थी, इस दौरान बीच में गांव के ही युवकों ने  बेटियों के साथ छेड़छाड़ की थी.  

तंबू में रहकर कर रहे जीवन यापन: 
बच्चियों के शिकायत करने पर युवकों ने परिवार के साथ मारपीट की और महाराज के हाथ पैर तोड़ दिए. इसे लेकर थाने में एफ आई आर दर्ज करवाई गई लेकिन पुलिस की ओर से कोई कार्यवाही नहीं की गई. महाराज ने बताया कि कई बार उनके रिश्तेदारों के धमकाने के चलते उसे गांव छोड़ने के लिए मजबूर और आज एक तंबू में रहकर अपना जीवन यापन करना पड़ रहा है. परिवार ने शिकायत की कि घटना के करीब डेढ़ साल में मुख्यमंत्री, मानवाधिकार अधिकार आयोग, लोकायुक्त, पुलिस अधीक्षक, जिला कलेक्टर, उप जिला कलेक्टर, सांसद, विधायक, मुख्य न्यायाधीश सभी को शिकायत करने पर भी परिवार को न्याय नहीं मिली. इन सबसे परेशान होकर इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग की गई. 

और पढ़ें