अहमदाबाद केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल बोले- ‘अग्निपथ’ को लेकर गलत सूचना के झांसे में नहीं आएं युवा

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल बोले- ‘अग्निपथ’ को लेकर गलत सूचना के झांसे में नहीं आएं युवा

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल बोले- ‘अग्निपथ’ को लेकर गलत सूचना के झांसे में नहीं आएं युवा

अहमदाबाद: केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ‘अग्निपथ’ योजना को लेकर उठ रहे हंगामे के बीच सोमवार को कहा कि देश के युवाओं को सशस्त्र बलों के लिए घोषित नयी भर्ती प्रक्रिया के बारे में ‘गलत सूचना अभियान’ के झांसे में नहीं आना चाहिए.

इसे देश की खातिर और रक्षा बलों में काम करने के इच्छुक लोगों के लिए एक ‘‘महत्वपूर्ण योजना’’ बताते हुए मेघवाल ने कहा कि कुछ युवा गलत सूचना के कारण पिछले सप्ताह घोषित योजना का विरोध कर रहे हैं और उन्होंने ऐसे लोगों को सलाह दी कि वे इसके झांसे में न आएं. केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा कि अग्निपथ एक महत्वपूर्ण योजना है. यह उन लोगों को अवसर प्रदान करती है जो सशस्त्र बलों में शामिल होना चाहते हैं.’’ योजना के खिलाफ कई राज्यों में हिंसक विरोध के बीच उन्होंने कहा, ‘‘कुछ युवा गलत सूचना के कारण योजना का विरोध कर रहे हैं. उन्हें कुछ पार्टियों के जाल में नहीं फंसना चाहिए जो योजना के बारे में गलत सूचना अभियान चला रहे हैं. मैं इस योजना का स्वागत करता हूं.’’भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता ने कहा कि कार्यक्रम के तहत नियमित नौकरियों के लिए 25 प्रतिशत रंगरूटों को शामिल किए जाने के बाद भी जो चार साल की सेवा के बाद सेना छोड़ देते हैं, उन्हें एक अलग से पैकेज मिलेगा और अच्छी तरह प्रशिक्षित होने पर अर्द्धसैनिक बलों में नौकरी लेने का अवसर मिलेगा.

मेघवाल यहां नवजीवन ट्रस्ट और भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार के एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए थे. इस योजना के खिलाफ कई राज्यों में हिंसक प्रदर्शन हुए, जिसमें पिछले कुछ दिनों से कई ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों में युवाओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए आग लगा दी. केंद्र ने पिछले हफ्ते अग्निपथ योजना का अनावरण किया था जिसके तहत साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष (2022 भर्ती प्रक्रिया के लिए ऊपरी आयु में छूट) के बीच के युवाओं को चार साल के कार्यकाल के लिए रक्षा सेवाओं की तीनों शाखाओं में शामिल करने के लिए चुना जाएगा. पच्चीस प्रतिशत उम्मीदवारों को चार साल के अंत में नियमित सेवा में बरकरार रखा जाएगा. हालांकि, इस योजना की विपक्षी दलों के नेताओं ने आलोचना की है, जिनका कहना है कि इससे सशस्त्र बलों के कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. रक्षा सेवा में नौकरी के इच्छुक उम्मीदवार भर्ती योजना की अल्पकालिक प्रकृति से खुश नहीं हैं जिसमें पेंशन और चिकित्सा कवर का लाभ शामिल नहीं है. सोर्स- भाषा

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