गठिया रोग पर चिकित्सकों का मंथन, प्रमुख कारण आरामतलब जीवनशैली

Vikas Sharma Published Date 2019/09/15 05:56

जयपुर: गठिया रोग का नाम आते ही हमारे जेहन में बुजुर्गो की बीमारी का नाम आता था, लेकिन समय के साथ साथ अब इस सोच को भी बदलना होगा. दरअसल जिस गठिया रोग को बुजुर्ग और उम्रदराज रोगों की बीमारी समझा जाता था, वो अब नौजवानों को भी अपना शिकार बना रही है. जी हां ये कोई हमारा अनुमान नहीं, बल्कि एक्सपर्ट चिकित्सकों का अनुभव है.

कुछ इसी तरह के अनुभवों को साझा किया सीनियर रैमेटोलॉजिस्ट डॉ अखिल गोयल ने, मौका था गठिया रोग के निदान के लिए एसएमएस अस्पताल के JMA सभागार में आयोजित कांफ्रेस का. यह कार्यक्रम जयपुर मेडिकल एसोसिएशन और मणिपाल अस्पताल द्वारा आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सीनियर रैमेटोलॉजिस्ट डॉ अखिल गोयल ने कहा कि गठिया रोग का प्रमुख कारण हमारी आरामतलब जीवनशैली, मादक पदार्थों का सेवन और कंप्यूटर पर बैठकर घंटों काम करना, खाने में जरूरी पौष्टिक तत्वों की कमी है. इसके अलावा जंक फूड का सेवन, व्यायाम की कमी आदि के कारण इसके मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है.

उन्होंने बताया कि गठिया रोग के उपचार का सबसे अच्छा तरीका है कि बीमारी का पता चलते ही चिकित्सा शुरू कर दी जाये. दवाओं और सर्जरी के बाद कुछ लोग आसानी से सामान्य जीपन जीने में सफल होते हैं. कार्यक्रम में एसएमएस अस्पताल के आर्थोपेडिक्स विभाग के पूर्व एचओडी डॉ.सी.एस.शर्मा, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त प्राचार्य डॉ राजेश शर्मा, मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. एस बनर्जी समेत बडी संख्या में चिकित्सक मौजूद रहे. 
 

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