राजधानी के चिकित्सकों ने पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ खोला मोर्चा

Vikas Sharma Published Date 2019/07/05 07:32

जयपुर: बंगाल में चिकित्सकों के साथ हुई हिंसा के बाद हुए देशव्यापी आंदोलन को खत्म हुए अभी एक पखवाड़ा भी नहीं बीता है और एकबार फिर राजधानी के चिकित्सकों ने पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. हाल ही में टोंक फाटक स्थित एक निजी अस्पताल में तोड़फोड़ और चिकित्सक से कथित दुव्यर्ववहार को लेकर प्राइवेट हॉस्पिटल एन्ड नर्सिंग होम सोसाइटी ने आज प्रेसवार्ता की. 

पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल:
सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. संजय आर्य ने पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार ने 2008 में कानून बनाया था, लेकिन कानून के प्रति अभी तक पुलिस महकमे को पूरी तरह जानकारी नहीं है. डॉक्टरों के साथ होने वाली मारपीट की घटनाओं को अभी भी पुलिस सामान्य तरीके से लेती है. राजस्थान मेडिकेयर एक्ट की धारा 3 नहीं लगाकर आईपीसी की धारा 151 लगा दी जाती है. आर्य ने ताजा मामले में सही धाराएं नहीं लगाने पर पुलिस कार्रवाई की निंदा की और कहा कि जल्द ही सोसायटी डीजीपी से मिलकर इस मामले में ध्यान आकर्षित करेगी. इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं होती है तो मजबूरी में चिकित्सकों को आंदोलन की राह पकड़नी होगी.  

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in